दिल्ली की हवा में मामूली सुधार: AQI ‘खराब’ से सुधरकर ‘मध्यम’ श्रेणी में पहुँचा; जानें अपने इलाके का हाल और GRAP-I की पाबंदियां

दिल्ली की हवा में मामूली सुधार: AQI ‘खराब’ से सुधरकर ‘मध्यम’ श्रेणी में पहुँचा; जानें अपने इलाके का हाल और GRAP-I की पाबंदियां

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की हवा की गुणवत्ता में शनिवार सुबह मामूली सुधार दर्ज किया गया। शनिवार सुबह 8 बजे दिल्ली का ओवरऑल एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 190 दर्ज किया गया, जिससे हवा का स्तर ‘खराब’ श्रेणी से सुधरकर वापस ‘मध्यम’ (Moderate) श्रेणी में आ गया है। हालांकि, राजधानी के कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर अब भी चिंताजनक बना हुआ है, जहाँ AQI ‘खराब’ श्रेणी में बना हुआ है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, इससे पहले शुक्रवार सुबह 7 बजे दिल्ली का AQI 223 और गुरुवार को 226 दर्ज किया गया था—जो दोनों ही ‘खराब’ (Poor) श्रेणी में आते हैं।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, यह सुधार तब आया है जब शुक्रवार सुबह 7 बजे दिल्ली का AQI 223 और गुरुवार को 226 दर्ज किया गया था – ये दोनों ही ‘खराब’ श्रेणी में आते हैं। शनिवार को जहां कुछ मॉनिटरिंग स्टेशनों ने हवा की गुणवत्ता ‘मध्यम’ बताई, वहीं कई अन्य जगहों पर प्रदूषण का स्तर अभी भी काफी ऊंचा बना रहा।

आज दिल्ली का AQI: अलग-अलग इलाकों में हवा की गुणवत्ता अलग-अलग है, जो ‘मध्यम’ और ‘खराब’ श्रेणियों में बंटी है
CPCB के आंकड़ों के अनुसार, शनिवार को जहांगीरपुरी में AQI 276, पंजाबी बाग में 251 और रोहिणी में 239 दर्ज किया गया – ये सभी ‘खराब’ श्रेणी में आते हैं। अन्य इलाकों में भी हवा की गुणवत्ता ‘खराब’ रही, जिनमें अलीपुर (258), बवाना (246), NIH नरेला (244), नॉर्थ कैंपस (दिल्ली यूनिवर्सिटी – 229), IIT दिल्ली (227), चांदनी चौक (208), पटपड़गंज (201) और आरके पुरम (250) शामिल हैं।

इसके विपरीत, कई जगहों पर हवा की गुणवत्ता ‘मध्यम’ रही। आनंद विहार में AQI 175, IGI एयरपोर्ट (T3) पर 174, JNU में 179 और इग्नू मैदान गढ़ी में 146 दर्ज किया गया। ग्रेटर नोएडा और नोएडा में भी हवा की गुणवत्ता ‘मध्यम’ श्रेणी में रही, जहां AQI क्रमशः 159 और 189 दर्ज किया गया।

प्रदूषण को लेकर दिल्ली के लोग क्या कह रहे हैं? प्रदूषण के आंकड़ों के बावजूद, कुछ निवासियों का कहना है कि उन्हें हालात बहुत चिंताजनक नहीं लगे। स्थानीय निवासी तुषार ने ANI से बातचीत में कहा कि उन्हें कोई खास प्रदूषण महसूस नहीं हुआ और विजिबिलिटी (दृश्यता) भी साफ थी।

तुषार ने कहा, “मैं अक्सर दिल्ली और कानपुर के बीच आता-जाता रहता हूँ। यहाँ के मौसम को देखते हुए, मुझे कोई खास प्रदूषण नहीं दिख रहा है। हो सकता है कि दिवाली के बाद पटाखों की वजह से कुछ असर दिखे, लेकिन अभी मुझे प्रदूषण के स्तर में कोई बड़ा बदलाव नहीं लग रहा है। इसलिए मुझे लगता है कि अभी मौसम ठीक है और विजिबिलिटी भी काफी साफ है।”

एक अन्य निवासी, कमल ने प्रदूषण के स्तर को ‘मध्यम’ बताया और कहा कि अभी सांस लेने में कोई दिक्कत नहीं हो रही है। कमल ने कहा, “अभी प्रदूषण मध्यम स्तर पर है, बहुत ज्यादा नहीं है। इस समय आप आसानी से सांस ले सकते हैं, प्रदूषण उतना ज्यादा नहीं है।”

दिल्ली-NCR में GRAP का पहला चरण (Stage-I) लागू
हवा की गुणवत्ता ‘खराब’ (poor) श्रेणी में रहने के कारण, ‘कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट’ (CAQM) ने बुधवार को दिल्ली-NCR में ‘ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान’ (GRAP) का पहला चरण (Stage-I) लागू कर दिया। यह फैसला GRAP उप-समिति की समीक्षा के बाद लिया गया, जिसने पूरे क्षेत्र की स्थिति का जायजा लिया और प्रदूषण को और अधिक बढ़ने से रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने पर विचार किया।

इस बीच, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने GRAP के पहले चरण (Stage-I) के उपायों को लागू करने की समीक्षा के लिए अंतर-राज्य समन्वय बैठक की। इसमें दिल्ली की सीमाओं पर नियमों का पालन न करने वाली बसों को दूसरे रास्तों पर भेजने, 1 नवंबर से 31 जनवरी तक वाहनों के प्रवेश पर पाबंदियां लागू करने, प्रदूषण प्रमाणपत्रों की जांच करने, और सड़क की धूल तथा निर्माण कार्यों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।

संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिया गया कि वे CAQM के दिशानिर्देशों को तय समय के भीतर लागू करें और आपसी तालमेल को बेहतर बनाएं। इसका मकसद नियमों का सख्ती से पालन कराना और हवा की गुणवत्ता को और खराब होने से रोकना है।

शुक्रवार को दिल्ली का AQI: कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर अधिक रहा
शुक्रवार के लिए CPCB के आंकड़ों से पता चला कि दिल्ली के कई हिस्सों में AQI का स्तर काफी अधिक दर्ज किया गया। जहांगीरपुरी में 284, रोहिणी में 281, पंजाबी बाग में 275 और बवाना में 269 दर्ज किया गया। पटपड़गंज में 263, अलीपुर में 257, चांदनी चौक में 245 और आया नगर में 231 दर्ज हुआ। ये सभी इलाके ‘खराब’ (poor) श्रेणी में आते हैं।

CPCB के दिशा-निर्देशों के अनुसार, 0 से 50 तक के AQI को ‘अच्छा’, 51 से 100 को ‘संतोषजनक’, 101 से 200 को ‘मध्यम’, 201 से 300 को ‘खराब’, 301 से 400 को ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 को ‘गंभीर’ श्रेणी में रखा गया है। शनिवार सुबह दिल्ली का कुल AQI ‘मध्यम’ श्रेणी में आ गया, लेकिन अलग-अलग मॉनिटरिंग स्टेशनों के आंकड़े बताते हैं कि पूरी राजधानी में प्रदूषण का स्तर एक समान नहीं है।

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