औरंगाबाद के राम लखन सिंह यादव महाविद्यालय में प्रोफेसर (डॉ.) दिनेश प्रसाद सिन्हा ने प्राचार्य का पद संभाला। शिक्षकों, शिक्षकेतर कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने उनका स्वागत किया। कार्यक्रम की शुरुआत में सिन्हा ने कॉलेज परिसर में ‘शेर-ए-बिहार’ राम लखन सिंह यादव और भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया। इसके बाद एनसीसी कैडेट्स ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। शिक्षक संघ और शिक्षकेतर कर्मचारी संघ ने अंगवस्त्र और पुष्पगुच्छ देकर उनका स्वागत किया। सिन्हा जयप्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा के कुलपति और मगध विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण संकायाध्यक्ष (डीन) रह चुके हैं। वे मगध विश्वविद्यालय प्राचार्य संघ के अध्यक्ष और श्री महंत शतानंद गिरि महाविद्यालय, शेरघाटी के प्राचार्य भी हैं। वे पहले भी राम लखन सिंह यादव महाविद्यालय के प्राचार्य रह चुके हैं। अपने संबोधन में सिन्हा ने कहा कि कॉलेज का सर्वांगीण विकास, शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुशासन और विद्यार्थियों का हित उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने शिक्षा को प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण और रोजगारोन्मुख बनाने के लिए प्रयास करने की बात कही। उन्होंने कहा कि कॉलेज की पढ़ाई और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ विद्यार्थियों के भविष्य के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम किया जाएगा। सिन्हा ने पूर्व प्राचार्य प्रो. (डॉ.) विजय रजक के कार्यकाल में हुए विकास कार्यों की सराहना की और उन्हें आगे बढ़ाने की बात कही। औरंगाबाद के राम लखन सिंह यादव महाविद्यालय में प्रोफेसर (डॉ.) दिनेश प्रसाद सिन्हा ने प्राचार्य का पद संभाला। शिक्षकों, शिक्षकेतर कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने उनका स्वागत किया। कार्यक्रम की शुरुआत में सिन्हा ने कॉलेज परिसर में ‘शेर-ए-बिहार’ राम लखन सिंह यादव और भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया। इसके बाद एनसीसी कैडेट्स ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। शिक्षक संघ और शिक्षकेतर कर्मचारी संघ ने अंगवस्त्र और पुष्पगुच्छ देकर उनका स्वागत किया। सिन्हा जयप्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा के कुलपति और मगध विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण संकायाध्यक्ष (डीन) रह चुके हैं। वे मगध विश्वविद्यालय प्राचार्य संघ के अध्यक्ष और श्री महंत शतानंद गिरि महाविद्यालय, शेरघाटी के प्राचार्य भी हैं। वे पहले भी राम लखन सिंह यादव महाविद्यालय के प्राचार्य रह चुके हैं। अपने संबोधन में सिन्हा ने कहा कि कॉलेज का सर्वांगीण विकास, शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुशासन और विद्यार्थियों का हित उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने शिक्षा को प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण और रोजगारोन्मुख बनाने के लिए प्रयास करने की बात कही। उन्होंने कहा कि कॉलेज की पढ़ाई और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ विद्यार्थियों के भविष्य के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम किया जाएगा। सिन्हा ने पूर्व प्राचार्य प्रो. (डॉ.) विजय रजक के कार्यकाल में हुए विकास कार्यों की सराहना की और उन्हें आगे बढ़ाने की बात कही।

