दलीप ट्रॉफी: 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी के 92 रन, पूर्व क्षेत्र 266 पर सिमटकर स्कोर बराबर

दलीप ट्रॉफी: 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी के 92 रन, पूर्व क्षेत्र 266 पर सिमटकर स्कोर बराबर

युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने 92 रन की आक्रामक पारी खेलकर लाल गेंद के क्रिकेट में अपनी काबिलियत का प्रदर्शन किया लेकिन दलीप ट्रॉफी सेमीफाइनल के दूसरे दिन सोमवार को पूर्व क्षेत्र की टीम मध्य क्षेत्र पर पहली पारी की बढ़त हासिल करने में नाकाम रही। बाएं हाथ के स्पिनर हर्ष दुबे (66 रन पर चार विकेट) और तेज गेंदबाज यश ठाकुर (66 रन पर तीन विकेट) तथा आर्यन पांडे (43 रन पर तीन विकेट) ने पूर्व क्षेत्र के सभी 10 विकेट आपस में साझा किये जिससे पूर्व क्षेत्र की पूरी टीम 266 रन पर सिमट गई। इस तरह दोनों टीमों का पहली पारी का स्कोर बराबर रहा, क्योंकि मध्य क्षेत्र ने भी अपनी पहली पारी में 266 रन बनाए थे।दिन का खेल खत्म होने तक मध्य क्षेत्र ने तीन विकेट पर 45 रन बना लिये थे। दिन का खेल खत्म होते समय अमन मोखाड़े (23) और आर्यन पांडे (04) क्रीज पर मौजूद थे। स्टंप्स से कुछ मिनट पहले तेज गेंदबाज मुकेश कुमार ने मध्य क्षेत्र के कप्तान रजत पाटीदार को आउट कर बड़ा झटका दिया।पंद्रह वर्षीय सूर्यवंशी ने इस दौरान दलीप ट्रॉफी में अर्धशतक जड़ने वाला सबसे कम उम्र का बल्लेबाज बनने का गौरव हासिल किया। उन्होंने 1969 में 16 साल की उम्र में यह उपलब्धि हासिल करने वाले लक्ष्मण सिंह का रिकॉर्ड पीछे छोड़ा। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज की पारी की खासियत महज यह रिकॉर्ड नहीं था।118 मिनट और 81 गेंदों तक चली उनकी पारी शुरुआत से ही पूरी तरह सहज नहीं दिखी लेकिन बिहार के इस युवा बल्लेबाज ने शानदार धैर्य और जुझारूपन दिखाते हुए बल्लेबाजी जारी रखी। उन्हें 40 रन के निजी स्कोर पर जीवनदान भी मिला जब सारांश जैन की गेंद पर यश राठौड़ ने बैकवर्ड प्वाइंट पर आसान कैच टपका दिया। इस एक मौके को छोड़ दें तो सूर्यवंशी ने गेंदबाजों पर जमकर हमला बोला और कई शानदार शॉट लगाए।उनके आक्रमण की शुरुआत तेज गेंदबाज यश ठाकुर के खिलाफ मिडविकेट के ऊपर से लगाए गए जोरदार छक्के से हुई। इस छक्के के अलावा उसी स्पेल में उन्होंने ठाकुर की गेंदों पर चार चौके भी जड़े। ठाकुर ने इससे निपटने के लिए गेंदबाजी छोर में बदलाव किया लेकिन इसका भी खास फायदा नहीं मिला।ठाकुर के बाद सूर्यवंशी ने बाकी गेंदबाजों को भी उसी आक्रामक अंदाज में निशाना बनाया। भारतीय ऑफ स्पिनर जैन की गेंद को उन्होंने मिडविकेट के ऊपर से छक्के के लिए भेज कर प्रथम श्रेणी क्रिकेट में अपना दूसरा अर्धशतक पूरा किया। इसके बाद हर्ष दुबे और आर्यन पांडे की गेंदों पर भी उन्होंने छक्के लगाए।एक और छक्के के बाद चौका जड़ते ही सूर्यवंशी ने 90 का आंकड़ा पार कर लिया। वह हालांकि प्रथम श्रेणी में अपने पहले शतक से चूक गये। दुबे की गेंद पर बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में लगाया गया स्लॉग-स्वीप डीप मिडविकेट पर तैनात अरशद खान के हाथों में चला गया।पवेलियन लौटते समय सूर्यवंशी के चेहरे पर निराशा साफ थी। उन्हें अहसास था कि वह शतक बनाने का सुनहरा मौका गंवा चुके हैं। इस तूफानी पारी के दौरान सूर्यवंशी ने अभिमन्यु ईश्वरन के साथ मिलकर पहले विकेट के लिए 161 रन की शानदार साझेदारी भी की।ईश्वरन ने 106 गेंदों पर संयमित 69 रन बनाए। सूर्यवंशी को आउट करने के बाद दुबे ने अगली ही गेंद पर कुमार कुशाग्र को स्लिप में अमन मोखाड़े के हाथों कैच कराया। इसके कुछ ही देर बाद ईश्वरन को पांडे ने पगबाधा आउट किया।पांडे ने महज तीन गेंदों के अंतराल में विराट सिंह (05) और सुदीप कुमार घरामी (25) को आउट कर पूर्व क्षेत्र को मुश्किल में डाल दिया। इसके साथ ही टीम का स्कोर 213 रन पर पांच विकेट हो गया। मुश्किल दौर से धैर्य के साथ निकलने के बजाय टीम के बल्लेबाजों ने आक्रामक शॉट खेलकर दबाव से बाहर निकलने की कोशिश की।लेकिन उनका यह रवैया मध्य क्षेत्र के गेंदबाजों के लिए मददगार साबित हुआ और उन्होंने आसानी से विकेट निकाल लिए। रविवार को चोटिल होने के बाद दोबारा मैदान पर लौटे कप्तान ईशान किशन (16) और हरफनमौला अनुकूल रॉय (16) भी इससे अलग नहीं रहे और वह भी टीम को संकट से उबारने में नाकाम रहे। पूर्व क्षेत्र की पारी देखते ही देखते ढह गई और टीम ने महज 105 रन के अंदर अपने सभी 10 विकेट गंवा दिए।इनमें आखिरी पांच विकेट सिर्फ 53 रन के भीतर गिर गए। 

युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने 92 रन की आक्रामक पारी खेलकर लाल गेंद के क्रिकेट में अपनी काबिलियत का प्रदर्शन किया लेकिन दलीप ट्रॉफी सेमीफाइनल के दूसरे दिन सोमवार को पूर्व क्षेत्र की टीम मध्य क्षेत्र पर पहली पारी की बढ़त हासिल करने में नाकाम रही। बाएं हाथ के स्पिनर हर्ष दुबे (66 रन पर चार विकेट) और तेज गेंदबाज यश ठाकुर (66 रन पर तीन विकेट) तथा आर्यन पांडे (43 रन पर तीन विकेट) ने पूर्व क्षेत्र के सभी 10 विकेट आपस में साझा किये जिससे पूर्व क्षेत्र की पूरी टीम 266 रन पर सिमट गई। इस तरह दोनों टीमों का पहली पारी का स्कोर बराबर रहा, क्योंकि मध्य क्षेत्र ने भी अपनी पहली पारी में 266 रन बनाए थे।

दिन का खेल खत्म होने तक मध्य क्षेत्र ने तीन विकेट पर 45 रन बना लिये थे। दिन का खेल खत्म होते समय अमन मोखाड़े (23) और आर्यन पांडे (04) क्रीज पर मौजूद थे। स्टंप्स से कुछ मिनट पहले तेज गेंदबाज मुकेश कुमार ने मध्य क्षेत्र के कप्तान रजत पाटीदार को आउट कर बड़ा झटका दिया।

पंद्रह वर्षीय सूर्यवंशी ने इस दौरान दलीप ट्रॉफी में अर्धशतक जड़ने वाला सबसे कम उम्र का बल्लेबाज बनने का गौरव हासिल किया। उन्होंने 1969 में 16 साल की उम्र में यह उपलब्धि हासिल करने वाले लक्ष्मण सिंह का रिकॉर्ड पीछे छोड़ा। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज की पारी की खासियत महज यह रिकॉर्ड नहीं था।

118 मिनट और 81 गेंदों तक चली उनकी पारी शुरुआत से ही पूरी तरह सहज नहीं दिखी लेकिन बिहार के इस युवा बल्लेबाज ने शानदार धैर्य और जुझारूपन दिखाते हुए बल्लेबाजी जारी रखी। उन्हें 40 रन के निजी स्कोर पर जीवनदान भी मिला जब सारांश जैन की गेंद पर यश राठौड़ ने बैकवर्ड प्वाइंट पर आसान कैच टपका दिया। इस एक मौके को छोड़ दें तो सूर्यवंशी ने गेंदबाजों पर जमकर हमला बोला और कई शानदार शॉट लगाए।

उनके आक्रमण की शुरुआत तेज गेंदबाज यश ठाकुर के खिलाफ मिडविकेट के ऊपर से लगाए गए जोरदार छक्के से हुई। इस छक्के के अलावा उसी स्पेल में उन्होंने ठाकुर की गेंदों पर चार चौके भी जड़े। ठाकुर ने इससे निपटने के लिए गेंदबाजी छोर में बदलाव किया लेकिन इसका भी खास फायदा नहीं मिला।

ठाकुर के बाद सूर्यवंशी ने बाकी गेंदबाजों को भी उसी आक्रामक अंदाज में निशाना बनाया। भारतीय ऑफ स्पिनर जैन की गेंद को उन्होंने मिडविकेट के ऊपर से छक्के के लिए भेज कर प्रथम श्रेणी क्रिकेट में अपना दूसरा अर्धशतक पूरा किया। इसके बाद हर्ष दुबे और आर्यन पांडे की गेंदों पर भी उन्होंने छक्के लगाए।

एक और छक्के के बाद चौका जड़ते ही सूर्यवंशी ने 90 का आंकड़ा पार कर लिया। वह हालांकि प्रथम श्रेणी में अपने पहले शतक से चूक गये। दुबे की गेंद पर बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में लगाया गया स्लॉग-स्वीप डीप मिडविकेट पर तैनात अरशद खान के हाथों में चला गया।

पवेलियन लौटते समय सूर्यवंशी के चेहरे पर निराशा साफ थी। उन्हें अहसास था कि वह शतक बनाने का सुनहरा मौका गंवा चुके हैं। इस तूफानी पारी के दौरान सूर्यवंशी ने अभिमन्यु ईश्वरन के साथ मिलकर पहले विकेट के लिए 161 रन की शानदार साझेदारी भी की।

ईश्वरन ने 106 गेंदों पर संयमित 69 रन बनाए। सूर्यवंशी को आउट करने के बाद दुबे ने अगली ही गेंद पर कुमार कुशाग्र को स्लिप में अमन मोखाड़े के हाथों कैच कराया। इसके कुछ ही देर बाद ईश्वरन को पांडे ने पगबाधा आउट किया।

पांडे ने महज तीन गेंदों के अंतराल में विराट सिंह (05) और सुदीप कुमार घरामी (25) को आउट कर पूर्व क्षेत्र को मुश्किल में डाल दिया। इसके साथ ही टीम का स्कोर 213 रन पर पांच विकेट हो गया। मुश्किल दौर से धैर्य के साथ निकलने के बजाय टीम के बल्लेबाजों ने आक्रामक शॉट खेलकर दबाव से बाहर निकलने की कोशिश की।

लेकिन उनका यह रवैया मध्य क्षेत्र के गेंदबाजों के लिए मददगार साबित हुआ और उन्होंने आसानी से विकेट निकाल लिए। रविवार को चोटिल होने के बाद दोबारा मैदान पर लौटे कप्तान ईशान किशन (16) और हरफनमौला अनुकूल रॉय (16) भी इससे अलग नहीं रहे और वह भी टीम को संकट से उबारने में नाकाम रहे। पूर्व क्षेत्र की पारी देखते ही देखते ढह गई और टीम ने महज 105 रन के अंदर अपने सभी 10 विकेट गंवा दिए।

इनमें आखिरी पांच विकेट सिर्फ 53 रन के भीतर गिर गए।

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