दरभंगा में मैथिली फिल्म ‘जैक्सन हॉल्ट-2’ की शूटिंग:एक्टर संजय मिश्रा निभा रहे अहम भूमिका; नीतू चंद्रा बोलीं- गर्व से कहती हूं, मैं बिहारी हूं

दरभंगा में मैथिली फिल्म ‘जैक्सन हॉल्ट-2’ की शूटिंग:एक्टर संजय मिश्रा निभा रहे अहम भूमिका; नीतू चंद्रा बोलीं- गर्व से कहती हूं, मैं बिहारी हूं

मिथिला की भाषा, संस्कृति और इतिहास को बड़े पर्दे पर नई पहचान दिलाने की दिशा में दरभंगा में मैथिली फिल्म ‘जैक्सन हॉल्ट-2’ की शूटिंग चल रही है। फिल्म में राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेता संजय मिश्रा अहम भूमिका निभा रहे हैं। प्रोड्यूसर सह अभिनेत्री नीतू चंद्रा और डायरेक्ट नितिन चंद्रा हैं। दोनों इससे पहले ‘देसवा’, राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित ‘मिथिला मखान’ और टजैक्सन हॉल्ट-1′ जैसी फिल्मों के जरिए क्षेत्रीय सिनेमा में अपनी पहचान बना चुके हैं। हरसंभव सहयोग दिया जा रहा है शूटिंग पंचोभ पंचायत में की जा रही है। फिल्म में बागमती नदी पर बने पुल को भारत-नेपाल सीमा के रूप में दर्शाया जा रहा है। स्थानीय परिवेश में शूटिंग होने से ग्रामीणों में खासा उत्साह है। टीम की ओर से पंचायत में शूटिंग की अनुमति मांगे जाने पर मुखिया राजीव कुमार चौधरी ने तत्काल सहमति देते हुए आवश्यक संसाधन और हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराया। मुखिया राजीव कुमार चौधरी ने कहा कि मिथिला और मैथिली के लिए बाहर से आकर फिल्म निर्माण करना पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। टीम को पंचायत की ओर से हरसंभव सहयोग दिया जा रहा है। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलने के साथ-साथ मिथिला की भाषा, संस्कृति और इतिहास का प्रचार-प्रसार भी होगा। उन्होंने फिल्म टीम को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसे प्रयासों को प्रोत्साहित करने की जरूरत है। शासन और प्रशासन का जताया आभार प्रोड्यूसर नीतू चंद्रा और डायरेक्टर नितिन चंद्रा का मानना है कि बिहार में फिल्म निर्माण की अपार संभावनाएं हैं। मैथिली, भोजपुरी और मगही में कई ऐसी ऐतिहासिक और सामाजिक कहानियां हैं, जिन्हें फिल्मों और वेब सीरीज के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत किया जा सकता है। इसके लिए स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों और युवाओं को अवसर देना जरूरी है। टीम ने बिहार सरकार और जिला प्रशासन के सहयोग की भी सराहना की है। टीम की ओर से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, दरभंगा के डीएम कौशल कुमार और एसएसपी जगुनाथ रेड्डी के सहयोग के लिए आभार जताया गया है। टीम का कहना है कि प्रशासन और स्थानीय लोगों का सकारात्मक सहयोग मिलने से शूटिंग में काफी सुविधा हो रही है। राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने की उम्मीद स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि ‘जैक्सन हॉल्ट-2’ के निर्माण से पंचोभ पंचायत और आसपास के क्षेत्रों को नई पहचान मिलेगी। साथ ही फिल्म निर्माण के जरिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे और मैथिली सिनेमा को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी। बिहार की बेटी हूं, गर्व से कहती हूं बिहारी हूं: नीतू चंद्रा बॉलीवुड और हॉलीवुड में अपनी पहचान बना चुकी फिल्म अभिनेत्री और निर्माता नीतू चंद्रा ने कहा कि मैं बिहार की बेटी हूं और गर्व से कहती हैं कि बिहारी हैं। अपनी भाषा और अपनी मिट्टी से जुड़कर फिल्म बनाना उनके लिए गर्व की बात है। वह जिस क्षेत्र की भाषा में फिल्म बना रही हैं, उसी क्षेत्र में आकर उसकी शूटिंग भी करवा रही हैं। ‘दूसरे पार्ट की शूटिंग चल रही है’ भास्कर से बातचीत में नीतू चंद्रा ने बताया कि दरभंगा में वेब सीरीज ‘जैक्सन हॉल्ट’ के दूसरे पार्ट की शूटिंग चल रही है। इसका पहला पार्ट रिलीज हो चुका है और अब दूसरे पार्ट का निर्माण किया जा रहा है। फिल्म में अभिनेता संजय मिश्रा मुख्य भूमिका में हैं। मिथिलांचल में प्रतिभाशाली कलाकारों की भरमार है। संजय मिश्रा जैसे कलाकार का इस फिल्म से जुड़ना और उनका सहयोग मिलना हम लोगों के लिए काफी महत्वपूर्ण है। बिहार में शूटिंग के लिए बेहतर माहौल, बस थोड़े सहयोग की जरूरत नीतू चंद्रा ने कहा कि दरभंगा काफी अच्छा है। यहां के लोग बहुत प्यारे हैं और शूटिंग के दौरान स्थानीय लोगों का भरपूर सहयोग मिल रहा है। जिलाधिकारी और एसएसपी ने भी काफी मदद की है। हालांकि, बिहार में शूटिंग के दौरान थोड़ी बहुत समस्याएं आती हैं, लेकिन सहयोग मिलने से काम आगे बढ़ता है। अगर लगातार यहां फिल्मों की शूटिंग होने लगे तो लोगों को भी इसकी जानकारी होगी और फिल्म निर्माताओं के लिए भी रास्ते आसान होंगे। उन्होंने बड़े-बड़े फिल्म निर्माताओं और प्रोड्यूसरों से बिहार आने की अपील करते हुए कहा कि यहां बहुत अच्छी लोकेशन हैं। मुंबई से भी फिल्म यूनिट आकर बिहार में शूटिंग कर सकती हैं। अपनी भाषा में फिल्म बनाना ही असली जुड़ाव नीतू चंद्रा ने कहा कि वह फिलहाल मैथिली फिल्म का निर्माण कर रही हैं। जिस क्षेत्र की भाषा है, उसी क्षेत्र में आकर फिल्म की शूटिंग कराना जरूरी है। बॉलीवुड की कई फिल्मों में दर्शकों ने उन्हें देखा है। इनमें ‘गरम मसाला’, ‘ट्रैफिक सिग्नल’ और ‘ओए लकी! लकी ओए!’ जैसी फिल्में शामिल हैं। वह हॉलीवुड की फिल्मों में भी काम कर चुकी हैं। ‘मिथिला मखान’ की प्रोड्यूसर भी हैं नीतू चंद्रा नीतू चंद्रा ने बताया कि बिहार की पहली राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्राप्त मैथिली फिल्म ‘मिथिला मखान’ की वह निर्माता थीं, जबकि इसका निर्देशन नितिन चंद्रा ने किया था। उन्होंने कहा कि बिहार की भाषाओं में अच्छी फिल्में बनेंगी तो स्थानीय कलाकारों को अवसर मिलेगा और क्षेत्र की पहचान भी बढ़ेगी। संजय मिश्रा का दरभंगा से जुड़ाव भी इस फिल्म के लिए खास है। संजय मिश्रा का घर दरभंगा में ही है, ऐसे में इस क्षेत्र से उनका भावनात्मक जुड़ाव भी है। हमारा भी दरभंगा से जुड़ाव है और हम आगे भी यहां काम करते रहेंगे। अपनी भाषा में बने फिल्म, तभी बढ़ेगा रोजगार और सुधरेगी छवि: नितिन चंद्रा फिल्म डायरेक्टर नितिन चंद्रा का मानना है कि बिहार की भाषा, संस्कृति और सकारात्मक छवि को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए अपनी भाषाओं में सिनेमा का निर्माण जरूरी है। किसी महान पुरुष के जीवन पर फिल्म बनाई जाती है तो उसे उनकी अपनी भाषा में बनाया जाना चाहिए। न कि हिंदी या अंग्रेजी में। दक्षिण भारत के चार राज्यों में वहां की स्थानीय भाषाओं में फिल्में बनती हैं और वहां का सिनेमा रोजगार का बड़ा माध्यम है। बिहार में भी मैथिली और भोजपुरी जैसी भाषाओं में लगातार फिल्में बननी चाहिए। ‘फिल्म को राष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान’ भास्कर से बातचीत में डायरेक्टर नितिन चंद्रा ने कहा कि यह उनकी मैथिली में तीसरी फिल्म है। उनकी फिल्म ‘मिथिला मखान’ को वर्ष 2016 में राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था। यह बिहार की पहली ऐसी फिल्म थी, जिसे राष्ट्रीय स्तर पर यह सम्मान हासिल हुआ। नई फिल्म में संजय मिश्रा और नीतू चंद्रा जैसे कलाकार काम कर रहे हैं। वर्ष 2024 में उनकी फिल्म भारत सरकार के ओटीटी प्लेटफॉर्म पर आई थी। पहले भाग की शूटिंग मधुबनी में हुई थी। ‘हर फिल्म को फैक्ट्री मानता हूं, जो रोजगार पैदा करती है’ नितिन चंद्रा ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल फिल्म बनाना नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना भी है। उनके अनुसार, फिल्म निर्माण एक फैक्ट्री की तरह है, जो बड़ी संख्या में लोगों को काम देती है। दरभंगा में चल रही शूटिंग के दौरान करीब 300 स्थानीय लोगों को रोजगार दिया गया है। जिले के विभिन्न गांवों और अलग-अलग लोकेशन पर की जा रही है। जिस जगह पर फिलहाल शूटिंग चल रही है, वहां भारत और नेपाल की सीमा का दृश्य तैयार किया गया है। ‘शूटिंग के दौरान बहुत सहयोग मिला’ दरभंगा के लोगों की तारीफ करते हुए नितिन चंद्रा कहा कि यहां उन्हें काफी सहयोग मिल रहा है। लोग खाने-पीने और रहने तक का ख्याल रखते हैं। कभी चूड़ा दही, कभी मछली-मटन तो कभी शुद्ध शाकाहारी भोजन का आग्रह करते हैं। जिलाधिकारी और एसएसपी से भी शूटिंग के दौरान काफी सहयोग मिला है। ‘लोकल भाषा में फिल्म बननी चाहिए’ फिल्म डायरेक्टर ने कहा कि बिहार की छवि हमारे अपने हाथ में है। बॉलीवुड की फिल्मों के माध्यम से बिहार की छवि सुधारने की उम्मीद करना सही नहीं है। इसके लिए बिहार के लोगों को अपनी कहानियां अपनी भाषाओं में कहनी होंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि बॉलीवुड लंबे समय से बिहार के अपराध और पुरानी नकारात्मक छवियों को फिल्मों में दिखाता रहा है। मुंबई के फिल्मी बाजार में ऐसी कहानियां ज्यादा बिकती हैं। बिहार की सकारात्मक छवि दिखाने वाली फिल्में इक्का-दुक्का ही बनी हैं। ‘मांझी: द माउंटेन मैन’ जैसी फिल्में भी बिहार की अपनी भाषा में बननी चाहिए थी। लेकिन उन्हें हिंदी में बनाया गया। संजय मिश्रा का मैथिली में काम करना बड़ी बात नितिन चंद्रा ने कहा कि राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित अभिनेता संजय मिश्रा जैसे बड़े कलाकार का मैथिली फिल्म में काम करना अपने आप में बड़ी बात है। इससे मैथिली सिनेमा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। उन्होंने मनोज बाजपेयी और पंकज त्रिपाठी जैसे कलाकारों से भी बिहार की भाषाओं में फिल्में बनाने की अपील की। बिहार में ही शूटिंग करने की रहेगी कोशिश नितिन चंद्रा ने कहा कि पटना में उनका घर है और वह हर बार कोशिश करते हैं कि उनकी फिल्मों की शूटिंग बिहार में ही हो। आगे भी यहां काम करने की योजना है। राष्ट्रीय पुरस्कार तक का सफर बिहार और यहां के लोगों के सहयोग से संभव हुआ है। अब उनकी कोशिश है कि दूसरे राज्यों के निर्माता-निर्देशक भी बड़े कलाकारों को लेकर मिथिला आएं और यहां की भाषा में फिल्में बनाएं। मिथिला की भाषा, संस्कृति और इतिहास को बड़े पर्दे पर नई पहचान दिलाने की दिशा में दरभंगा में मैथिली फिल्म ‘जैक्सन हॉल्ट-2’ की शूटिंग चल रही है। फिल्म में राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेता संजय मिश्रा अहम भूमिका निभा रहे हैं। प्रोड्यूसर सह अभिनेत्री नीतू चंद्रा और डायरेक्ट नितिन चंद्रा हैं। दोनों इससे पहले ‘देसवा’, राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित ‘मिथिला मखान’ और टजैक्सन हॉल्ट-1′ जैसी फिल्मों के जरिए क्षेत्रीय सिनेमा में अपनी पहचान बना चुके हैं। हरसंभव सहयोग दिया जा रहा है शूटिंग पंचोभ पंचायत में की जा रही है। फिल्म में बागमती नदी पर बने पुल को भारत-नेपाल सीमा के रूप में दर्शाया जा रहा है। स्थानीय परिवेश में शूटिंग होने से ग्रामीणों में खासा उत्साह है। टीम की ओर से पंचायत में शूटिंग की अनुमति मांगे जाने पर मुखिया राजीव कुमार चौधरी ने तत्काल सहमति देते हुए आवश्यक संसाधन और हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराया। मुखिया राजीव कुमार चौधरी ने कहा कि मिथिला और मैथिली के लिए बाहर से आकर फिल्म निर्माण करना पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। टीम को पंचायत की ओर से हरसंभव सहयोग दिया जा रहा है। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलने के साथ-साथ मिथिला की भाषा, संस्कृति और इतिहास का प्रचार-प्रसार भी होगा। उन्होंने फिल्म टीम को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसे प्रयासों को प्रोत्साहित करने की जरूरत है। शासन और प्रशासन का जताया आभार प्रोड्यूसर नीतू चंद्रा और डायरेक्टर नितिन चंद्रा का मानना है कि बिहार में फिल्म निर्माण की अपार संभावनाएं हैं। मैथिली, भोजपुरी और मगही में कई ऐसी ऐतिहासिक और सामाजिक कहानियां हैं, जिन्हें फिल्मों और वेब सीरीज के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत किया जा सकता है। इसके लिए स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों और युवाओं को अवसर देना जरूरी है। टीम ने बिहार सरकार और जिला प्रशासन के सहयोग की भी सराहना की है। टीम की ओर से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, दरभंगा के डीएम कौशल कुमार और एसएसपी जगुनाथ रेड्डी के सहयोग के लिए आभार जताया गया है। टीम का कहना है कि प्रशासन और स्थानीय लोगों का सकारात्मक सहयोग मिलने से शूटिंग में काफी सुविधा हो रही है। राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने की उम्मीद स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि ‘जैक्सन हॉल्ट-2’ के निर्माण से पंचोभ पंचायत और आसपास के क्षेत्रों को नई पहचान मिलेगी। साथ ही फिल्म निर्माण के जरिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे और मैथिली सिनेमा को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी। बिहार की बेटी हूं, गर्व से कहती हूं बिहारी हूं: नीतू चंद्रा बॉलीवुड और हॉलीवुड में अपनी पहचान बना चुकी फिल्म अभिनेत्री और निर्माता नीतू चंद्रा ने कहा कि मैं बिहार की बेटी हूं और गर्व से कहती हैं कि बिहारी हैं। अपनी भाषा और अपनी मिट्टी से जुड़कर फिल्म बनाना उनके लिए गर्व की बात है। वह जिस क्षेत्र की भाषा में फिल्म बना रही हैं, उसी क्षेत्र में आकर उसकी शूटिंग भी करवा रही हैं। ‘दूसरे पार्ट की शूटिंग चल रही है’ भास्कर से बातचीत में नीतू चंद्रा ने बताया कि दरभंगा में वेब सीरीज ‘जैक्सन हॉल्ट’ के दूसरे पार्ट की शूटिंग चल रही है। इसका पहला पार्ट रिलीज हो चुका है और अब दूसरे पार्ट का निर्माण किया जा रहा है। फिल्म में अभिनेता संजय मिश्रा मुख्य भूमिका में हैं। मिथिलांचल में प्रतिभाशाली कलाकारों की भरमार है। संजय मिश्रा जैसे कलाकार का इस फिल्म से जुड़ना और उनका सहयोग मिलना हम लोगों के लिए काफी महत्वपूर्ण है। बिहार में शूटिंग के लिए बेहतर माहौल, बस थोड़े सहयोग की जरूरत नीतू चंद्रा ने कहा कि दरभंगा काफी अच्छा है। यहां के लोग बहुत प्यारे हैं और शूटिंग के दौरान स्थानीय लोगों का भरपूर सहयोग मिल रहा है। जिलाधिकारी और एसएसपी ने भी काफी मदद की है। हालांकि, बिहार में शूटिंग के दौरान थोड़ी बहुत समस्याएं आती हैं, लेकिन सहयोग मिलने से काम आगे बढ़ता है। अगर लगातार यहां फिल्मों की शूटिंग होने लगे तो लोगों को भी इसकी जानकारी होगी और फिल्म निर्माताओं के लिए भी रास्ते आसान होंगे। उन्होंने बड़े-बड़े फिल्म निर्माताओं और प्रोड्यूसरों से बिहार आने की अपील करते हुए कहा कि यहां बहुत अच्छी लोकेशन हैं। मुंबई से भी फिल्म यूनिट आकर बिहार में शूटिंग कर सकती हैं। अपनी भाषा में फिल्म बनाना ही असली जुड़ाव नीतू चंद्रा ने कहा कि वह फिलहाल मैथिली फिल्म का निर्माण कर रही हैं। जिस क्षेत्र की भाषा है, उसी क्षेत्र में आकर फिल्म की शूटिंग कराना जरूरी है। बॉलीवुड की कई फिल्मों में दर्शकों ने उन्हें देखा है। इनमें ‘गरम मसाला’, ‘ट्रैफिक सिग्नल’ और ‘ओए लकी! लकी ओए!’ जैसी फिल्में शामिल हैं। वह हॉलीवुड की फिल्मों में भी काम कर चुकी हैं। ‘मिथिला मखान’ की प्रोड्यूसर भी हैं नीतू चंद्रा नीतू चंद्रा ने बताया कि बिहार की पहली राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्राप्त मैथिली फिल्म ‘मिथिला मखान’ की वह निर्माता थीं, जबकि इसका निर्देशन नितिन चंद्रा ने किया था। उन्होंने कहा कि बिहार की भाषाओं में अच्छी फिल्में बनेंगी तो स्थानीय कलाकारों को अवसर मिलेगा और क्षेत्र की पहचान भी बढ़ेगी। संजय मिश्रा का दरभंगा से जुड़ाव भी इस फिल्म के लिए खास है। संजय मिश्रा का घर दरभंगा में ही है, ऐसे में इस क्षेत्र से उनका भावनात्मक जुड़ाव भी है। हमारा भी दरभंगा से जुड़ाव है और हम आगे भी यहां काम करते रहेंगे। अपनी भाषा में बने फिल्म, तभी बढ़ेगा रोजगार और सुधरेगी छवि: नितिन चंद्रा फिल्म डायरेक्टर नितिन चंद्रा का मानना है कि बिहार की भाषा, संस्कृति और सकारात्मक छवि को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए अपनी भाषाओं में सिनेमा का निर्माण जरूरी है। किसी महान पुरुष के जीवन पर फिल्म बनाई जाती है तो उसे उनकी अपनी भाषा में बनाया जाना चाहिए। न कि हिंदी या अंग्रेजी में। दक्षिण भारत के चार राज्यों में वहां की स्थानीय भाषाओं में फिल्में बनती हैं और वहां का सिनेमा रोजगार का बड़ा माध्यम है। बिहार में भी मैथिली और भोजपुरी जैसी भाषाओं में लगातार फिल्में बननी चाहिए। ‘फिल्म को राष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान’ भास्कर से बातचीत में डायरेक्टर नितिन चंद्रा ने कहा कि यह उनकी मैथिली में तीसरी फिल्म है। उनकी फिल्म ‘मिथिला मखान’ को वर्ष 2016 में राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था। यह बिहार की पहली ऐसी फिल्म थी, जिसे राष्ट्रीय स्तर पर यह सम्मान हासिल हुआ। नई फिल्म में संजय मिश्रा और नीतू चंद्रा जैसे कलाकार काम कर रहे हैं। वर्ष 2024 में उनकी फिल्म भारत सरकार के ओटीटी प्लेटफॉर्म पर आई थी। पहले भाग की शूटिंग मधुबनी में हुई थी। ‘हर फिल्म को फैक्ट्री मानता हूं, जो रोजगार पैदा करती है’ नितिन चंद्रा ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल फिल्म बनाना नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना भी है। उनके अनुसार, फिल्म निर्माण एक फैक्ट्री की तरह है, जो बड़ी संख्या में लोगों को काम देती है। दरभंगा में चल रही शूटिंग के दौरान करीब 300 स्थानीय लोगों को रोजगार दिया गया है। जिले के विभिन्न गांवों और अलग-अलग लोकेशन पर की जा रही है। जिस जगह पर फिलहाल शूटिंग चल रही है, वहां भारत और नेपाल की सीमा का दृश्य तैयार किया गया है। ‘शूटिंग के दौरान बहुत सहयोग मिला’ दरभंगा के लोगों की तारीफ करते हुए नितिन चंद्रा कहा कि यहां उन्हें काफी सहयोग मिल रहा है। लोग खाने-पीने और रहने तक का ख्याल रखते हैं। कभी चूड़ा दही, कभी मछली-मटन तो कभी शुद्ध शाकाहारी भोजन का आग्रह करते हैं। जिलाधिकारी और एसएसपी से भी शूटिंग के दौरान काफी सहयोग मिला है। ‘लोकल भाषा में फिल्म बननी चाहिए’ फिल्म डायरेक्टर ने कहा कि बिहार की छवि हमारे अपने हाथ में है। बॉलीवुड की फिल्मों के माध्यम से बिहार की छवि सुधारने की उम्मीद करना सही नहीं है। इसके लिए बिहार के लोगों को अपनी कहानियां अपनी भाषाओं में कहनी होंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि बॉलीवुड लंबे समय से बिहार के अपराध और पुरानी नकारात्मक छवियों को फिल्मों में दिखाता रहा है। मुंबई के फिल्मी बाजार में ऐसी कहानियां ज्यादा बिकती हैं। बिहार की सकारात्मक छवि दिखाने वाली फिल्में इक्का-दुक्का ही बनी हैं। ‘मांझी: द माउंटेन मैन’ जैसी फिल्में भी बिहार की अपनी भाषा में बननी चाहिए थी। लेकिन उन्हें हिंदी में बनाया गया। संजय मिश्रा का मैथिली में काम करना बड़ी बात नितिन चंद्रा ने कहा कि राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित अभिनेता संजय मिश्रा जैसे बड़े कलाकार का मैथिली फिल्म में काम करना अपने आप में बड़ी बात है। इससे मैथिली सिनेमा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। उन्होंने मनोज बाजपेयी और पंकज त्रिपाठी जैसे कलाकारों से भी बिहार की भाषाओं में फिल्में बनाने की अपील की। बिहार में ही शूटिंग करने की रहेगी कोशिश नितिन चंद्रा ने कहा कि पटना में उनका घर है और वह हर बार कोशिश करते हैं कि उनकी फिल्मों की शूटिंग बिहार में ही हो। आगे भी यहां काम करने की योजना है। राष्ट्रीय पुरस्कार तक का सफर बिहार और यहां के लोगों के सहयोग से संभव हुआ है। अब उनकी कोशिश है कि दूसरे राज्यों के निर्माता-निर्देशक भी बड़े कलाकारों को लेकर मिथिला आएं और यहां की भाषा में फिल्में बनाएं।  

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