दरभंगा प्रमंडल के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) मनोज तिवारी ने शनिवार को मधुबनी जिले के सकरी थाना का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने दोपहर 12 बजे से अपराह्न 3 बजे तक करीब तीन घंटे तक थाना परिसर में रहकर विभिन्न व्यवस्थाओं, अभिलेखों और पुलिस कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा की। सकरी थाना पहुंचने पर डीआईजी मनोज तिवारी को मधुबनी पुलिस की ओर से गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद उन्होंने थाना परिसर का निरीक्षण किया और पुलिस पदाधिकारियों से विभिन्न मामलों की जानकारी ली। इस दौरान लंबित कांडों के निष्पादन, अपराध नियंत्रण, विधि-व्यवस्था, अनुसंधान की प्रगति और थाना स्तर पर संधारित किए जाने वाले अभिलेखों की समीक्षा की गई। निरीक्षण के दौरान मधुबनी के वरीय पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार, मधुबनी प्रभारी सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-1 आलोक कुमार और सकरी थानाध्यक्ष मनोज कुमार सहित कई अन्य पुलिस पदाधिकारी उपस्थित थे। डीआईजी ने थाना क्षेत्र में अपराध की स्थिति और पुलिस द्वारा की जा रही कार्रवाई के संबंध में भी अधिकारियों से जानकारी ली। निरीक्षण के बाद पत्रकारों से बातचीत में डीआईजी मनोज तिवारी ने बताया कि थाना स्तर पर पुलिस कार्यप्रणाली को प्रभावी बनाने, लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन और अपराध नियंत्रण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने पुलिस पदाधिकारियों को आम लोगों की शिकायतों को गंभीरता से सुनने और नियमानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। डीआईजी ने कहा कि पुलिस का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना है। इसके लिए सभी पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों को अपने कर्तव्यों के प्रति सजग और उत्तरदायी रहना आवश्यक है। उन्होंने थाना क्षेत्र में नियमित गश्ती, संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी और अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। दरभंगा प्रमंडल के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) मनोज तिवारी ने शनिवार को मधुबनी जिले के सकरी थाना का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने दोपहर 12 बजे से अपराह्न 3 बजे तक करीब तीन घंटे तक थाना परिसर में रहकर विभिन्न व्यवस्थाओं, अभिलेखों और पुलिस कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा की। सकरी थाना पहुंचने पर डीआईजी मनोज तिवारी को मधुबनी पुलिस की ओर से गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद उन्होंने थाना परिसर का निरीक्षण किया और पुलिस पदाधिकारियों से विभिन्न मामलों की जानकारी ली। इस दौरान लंबित कांडों के निष्पादन, अपराध नियंत्रण, विधि-व्यवस्था, अनुसंधान की प्रगति और थाना स्तर पर संधारित किए जाने वाले अभिलेखों की समीक्षा की गई। निरीक्षण के दौरान मधुबनी के वरीय पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार, मधुबनी प्रभारी सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-1 आलोक कुमार और सकरी थानाध्यक्ष मनोज कुमार सहित कई अन्य पुलिस पदाधिकारी उपस्थित थे। डीआईजी ने थाना क्षेत्र में अपराध की स्थिति और पुलिस द्वारा की जा रही कार्रवाई के संबंध में भी अधिकारियों से जानकारी ली। निरीक्षण के बाद पत्रकारों से बातचीत में डीआईजी मनोज तिवारी ने बताया कि थाना स्तर पर पुलिस कार्यप्रणाली को प्रभावी बनाने, लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन और अपराध नियंत्रण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने पुलिस पदाधिकारियों को आम लोगों की शिकायतों को गंभीरता से सुनने और नियमानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। डीआईजी ने कहा कि पुलिस का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना है। इसके लिए सभी पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों को अपने कर्तव्यों के प्रति सजग और उत्तरदायी रहना आवश्यक है। उन्होंने थाना क्षेत्र में नियमित गश्ती, संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी और अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

