उन्नाव में बुधवार देर रात करीब 11:30 बजे अचानक मौसम बदला। तेज हवाओं के साथ जिले के कई इलाकों में बारिश शुरू हो गई। करीब एक घंटे तक हुई बारिश से लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली। तापमान में गिरावट के बाद मौसम सुहाना हो गया। हालांकि, पुरवा नगर पंचायत क्षेत्र में बारिश ने जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। जुम्मा मस्जिद से आनंदेश्वरी मंदिर तक सड़क पर पानी भर गया, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। उन्नाव शहर, शुक्लागंज और पुरवा समेत कई इलाकों में देर रात बारिश हुई। पिछले कई दिनों से गर्मी और उमस से परेशान लोगों ने बारिश के बाद राहत महसूस की। तेज हवाओं के साथ बारिश होने से मौसम में ठंडक आई और लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली। जुम्मा मस्जिद से आनंदेश्वरी मंदिर तक सड़क बनी तालाब पुरवा नगर पंचायत क्षेत्र में बारिश के बाद जलभराव की स्थिति बन गई। जुम्मा मस्जिद से लेकर आनंदेश्वरी मंदिर तक सड़क पर काफी पानी भर गया। सड़क का यह हिस्सा कुछ देर के लिए तालाब जैसा नजर आने लगा। जलभराव के कारण पैदल राहगीरों के साथ बाइक और कार सवारों को भी परेशानी हुई। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान इस इलाके में हर बार जलभराव की समस्या होती है। उनका आरोप है कि नालों की सफाई और जल निकासी की व्यवस्था ठीक नहीं होने के कारण बारिश का पानी सड़क पर जमा हो जाता है। नालों की सफाई के दावों पर उठे सवाल जलभराव के बाद नगर पंचायत की ओर से नालों की सफाई कराए जाने के दावों पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नालों की नियमित सफाई और जल निकासी की उचित व्यवस्था होती तो बारिश का पानी सड़क पर लंबे समय तक जमा नहीं रहता। लोगों ने नगर पंचायत प्रशासन से जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान कराने और नालों की सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है, ताकि बारिश के दौरान लोगों को आवागमन में परेशानी न हो। किसानों के लिए राहत लेकर आई बारिश शहरी और कस्बाई इलाकों में जलभराव की समस्या के बीच बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आई है। खेतों में खड़ी फसलों को पानी मिलने से किसानों को फायदा होने की उम्मीद है। खेतों में नमी बढ़ने से सिंचाई की जरूरत कम होगी, जिससे किसानों का खर्च भी बच सकता है। हालांकि, लगातार या जरूरत से ज्यादा बारिश होने पर खेतों में जलभराव से कुछ फसलों को नुकसान की आशंका भी बनी रहती है। बुधवार देर रात हुई बारिश ने एक ओर लोगों को गर्मी और उमस से राहत दी, वहीं दूसरी ओर पुरवा की जल निकासी व्यवस्था की स्थिति भी सामने ला दी।

