बेतिया में सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठन ‘लेट्स इंस्पायर बिहार’ (एलआईबी) ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के आरोपों पर पलटवार किया है। संगठन ने आईपीएस अधिकारी विकास वैभव और खुद पर लगाए गए आरोपों को निराधार, तथ्यात्मक रूप से गलत और भ्रामक बताया। यह जानकारी बेतिया में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान दी गई। एलआईबी के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ‘लेट्स इंस्पायर बिहार’ एक गैर-राजनीतिक सामाजिक अभियान है और इसका किसी भी राजनीतिक दल से कोई संबंध नहीं है। संगठन का मुख्य उद्देश्य बिहार की सामाजिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक क्षमता को मजबूत करना तथा युवाओं को सकारात्मक दिशा में जोड़ना है। IPS अधिकारी पर हो रही टिप्पणियों पर जताई आपत्ति उन्होंने बताया कि सामाजिक कार्यों के दौरान विभिन्न वर्गों और सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों की सहभागिता स्वाभाविक है। संगठन ने कहा कि किसी सामाजिक कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति या उनके साथ सार्वजनिक तस्वीरें खींचवाना व्यक्तिगत संबंध, राजनीतिक संरक्षण या आर्थिक सहयोग का प्रमाण नहीं है। वक्ताओं ने जोर दिया कि सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल होना किसी संगठन के राजनीतिक होने का प्रमाण नहीं माना जा सकता। आईपीएस अधिकारी विकास वैभव को लेकर की जा रही टिप्पणियों पर भी संगठन ने आपत्ति जताई। तथ्यों और प्रमाणों को करना चाहिए सार्वजनिक पदाधिकारियों ने कहा कि किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ गंभीर आरोप लगाने से पहले तथ्यों और प्रमाणों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए। केवल तस्वीरों, सार्वजनिक मुलाकातों या कार्यक्रमों में उपस्थिति के आधार पर किसी व्यक्ति या संस्था के संबंध में निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है, क्योंकि इससे सार्वजनिक विमर्श की गरिमा प्रभावित होती है। संगठन ने सभी राजनीतिक दलों और सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों से अपील की कि सामाजिक अभियानों को राजनीतिक विवादों से दूर रखा जाए। उन्होंने बिना प्रमाण किसी व्यक्ति या संस्था की प्रतिष्ठा को प्रभावित करने वाले बयान देने से बचने का आग्रह किया। एलआईबी ने एक बार फिर अपने गैर-राजनीतिक स्वरूप को स्पष्ट करते हुए दोहराया कि संगठन का प्राथमिक उद्देश्य बिहार के सामाजिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक विकास के लिए सकारात्मक माहौल तैयार करना है। बेतिया में सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठन ‘लेट्स इंस्पायर बिहार’ (एलआईबी) ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के आरोपों पर पलटवार किया है। संगठन ने आईपीएस अधिकारी विकास वैभव और खुद पर लगाए गए आरोपों को निराधार, तथ्यात्मक रूप से गलत और भ्रामक बताया। यह जानकारी बेतिया में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान दी गई। एलआईबी के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ‘लेट्स इंस्पायर बिहार’ एक गैर-राजनीतिक सामाजिक अभियान है और इसका किसी भी राजनीतिक दल से कोई संबंध नहीं है। संगठन का मुख्य उद्देश्य बिहार की सामाजिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक क्षमता को मजबूत करना तथा युवाओं को सकारात्मक दिशा में जोड़ना है। IPS अधिकारी पर हो रही टिप्पणियों पर जताई आपत्ति उन्होंने बताया कि सामाजिक कार्यों के दौरान विभिन्न वर्गों और सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों की सहभागिता स्वाभाविक है। संगठन ने कहा कि किसी सामाजिक कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति या उनके साथ सार्वजनिक तस्वीरें खींचवाना व्यक्तिगत संबंध, राजनीतिक संरक्षण या आर्थिक सहयोग का प्रमाण नहीं है। वक्ताओं ने जोर दिया कि सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल होना किसी संगठन के राजनीतिक होने का प्रमाण नहीं माना जा सकता। आईपीएस अधिकारी विकास वैभव को लेकर की जा रही टिप्पणियों पर भी संगठन ने आपत्ति जताई। तथ्यों और प्रमाणों को करना चाहिए सार्वजनिक पदाधिकारियों ने कहा कि किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ गंभीर आरोप लगाने से पहले तथ्यों और प्रमाणों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए। केवल तस्वीरों, सार्वजनिक मुलाकातों या कार्यक्रमों में उपस्थिति के आधार पर किसी व्यक्ति या संस्था के संबंध में निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है, क्योंकि इससे सार्वजनिक विमर्श की गरिमा प्रभावित होती है। संगठन ने सभी राजनीतिक दलों और सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों से अपील की कि सामाजिक अभियानों को राजनीतिक विवादों से दूर रखा जाए। उन्होंने बिना प्रमाण किसी व्यक्ति या संस्था की प्रतिष्ठा को प्रभावित करने वाले बयान देने से बचने का आग्रह किया। एलआईबी ने एक बार फिर अपने गैर-राजनीतिक स्वरूप को स्पष्ट करते हुए दोहराया कि संगठन का प्राथमिक उद्देश्य बिहार के सामाजिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक विकास के लिए सकारात्मक माहौल तैयार करना है।

