जैन मुनि समत्व सागर महाराज ने बुधवार को विश्व प्रसिद्ध ताजमहल का दीदार किया। उन्होंने ताजमहल की स्थापत्य कला, उत्कृष्ट वास्तुशिल्प और नक्काशी को बारीकी से देखा। मुनिश्री ने कहा कि ऐतिहासिक धरोहरें देश की पहचान हैं। इनका संरक्षण करना समाज की नैतिक जिम्मेदारी है। ताजमहल की सुंदरता और वास्तुकला को देखने के दौरान उनके साथ श्रद्धालु भी मौजूद रहे। मीडिया प्रभारी शुभम जैन ने बताया कि मुनिश्री समत्व सागर महाराज बुधवार सुबह ताजमहल पहुंचे। उन्होंने स्मारक परिसर में ताजमहल की बनावट, स्थापत्य कला और बारीक नक्काशी को देखा। इस दौरान ताजमहल की ऐतिहासिक और कलात्मक विशेषताओं की जानकारी भी ली। मुनिश्री ने धरोहरों को आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित पहुंचाने पर जोर दिया। ताजमहल देखने के बाद शाम को मुनिश्री का ताजगंज स्थित जैन मंदिर से राहुल विहार जैन मंदिर के लिए मंगल विहार हुआ। जैन समाज के श्रद्धालुओं ने मंगल विहार में भाग लिया। राहुल विहार जैन मंदिर पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने मुनिश्री का स्वागत किया। राहुल विहार जैन मंदिर में गुरुवार को वार्षिक कलशाभिषेक महोत्सव आयोजित किया जाएगा। इसके साथ ही मंदिर में 3 से 13 अक्टूबर तक श्री कल्पतरु महामंडल विधान का आयोजन होगा। आयोजन को लेकर जैन समाज के श्रद्धालुओं की तैयारियां चल रही हैं। विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों में श्रद्धालु शामिल होंगे। मंगल विहार के दौरान संजय बाबू जैन, संजय जैन, विजय जैन, योगेश जैन, विनय जैन, अरिहंत जैन, उत्सव जैन सहित नमोस्तु शासन संघ के युवा श्रद्धालु मौजूद रहे। मुनिश्री के ताजमहल पहुंचने और बाद में राहुल विहार जैन मंदिर के लिए मंगल विहार से जुड़े कार्यक्रमों में जैन समाज के लोगों ने सहभागिता की।

