रतलाम के नामली थाने में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल दिलीप रावत और कॉन्स्टेबल माखनसिंह को एसपी अमित कुमार ने लाइन अटैच किया है। दोनों पर डोडाचूरा से भरी कार को कार्रवाई किए बिना छोड़ने का आरोप है। मामले की जांच ग्रामीण एएसपी विवेक कुमार को सौंपी गई है। पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में इसकी चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि पूरे मामले में पुलिस अधिकारी आधिकारिक तौर पर कुछ भी बताने से बच रहे हैं। एसपी ने फिलहाल इसे विभागीय कार्रवाई बताया है। चेकिंग में क्रेटा में मिला था डोडाचूरा सूत्रों के मुताबिक, मामला 4 अक्टूबर की रात का है। नामली थाने के बड़ौदा फंटा के पास स्थित दो ढाबों में से एक पर पुलिस चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान काले रंग की क्रेटा कार में डोडाचूरा मिला था। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने कार के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उसे छोड़ दिया। यह भी जानकारी सामने आई है कि कार छोड़ने के पीछे लाखों रुपए के लेनदेन की बात सामने आई है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। एसपी ने कराई जांच, फिर दोनों को लाइन अटैच किया घटना की जानकारी एसपी अमित कुमार तक पहुंचने के बाद उन्होंने अपने स्तर पर जांच कराई। इसमें दोनों पुलिसकर्मियों के संदिग्ध आचरण की जानकारी सामने आने के बाद बुधवार शाम दोनों को लाइन अटैच कर दिया गया। मामले की विस्तृत जांच ग्रामीण एएसपी विवेक कुमार को सौंपी गई है। जांच में कॉन्स्टेबल माखनसिंह से जुड़ी पूर्व की शिकायतों को भी शामिल किया जाएगा। थाना प्रभारी ने अब तक ज्वाइन नहीं किया 1 अक्टूबर को एसपी अमित कुमार ने 11 थाना प्रभारियों के तबादले किए थे। इसमें नामली थाना प्रभारी अमित कोरी को रतलाम के औद्योगिक क्षेत्र थाने भेजा गया था। उनकी जगह रिंगनोद थाना प्रभारी आनंदसिंह आजाद को नामली भेजा गया था। हालांकि आनंदसिंह आजाद ने अभी नामली थाने में ज्वाइन नहीं किया है। इसी बीच दोनों पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच करने का मामला सामने आया है। एसपी अमित कुमार ने बताया कि दोनों पुलिसकर्मियों को विभागीय स्तर पर लाइन अटैच किया गया है। मामले की जांच ग्रामीण एएसपी विवेक कुमार को सौंपी गई है।

