पंजाब सरकार और तरनतारन के डीसी राहुल कुमार के सख्त निर्देशों के तहत जिला प्रशासन द्वारा पराली न जलाने को लेकर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में सोमवार को उप-मडल मजिस्ट्रेट खडूर साहिब संजीव कुमार शर्मा ने कृषि विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम के साथ क्षेत्र के 13 गांवों का तूफानी दौरा कर खेतों में पराली प्रबंधन की स्थिति का जायजा लिया। दौरे के दौरान गांव मुंडा पिंड में खेत में पराली जलाने की घटना सामने आने पर SDM के नेतृत्व में टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर आग बुझाई। साथ ही एनजीटी (NGT) के नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित किसान के खिलाफ नियमानुसार चालान काटते हुए जुर्माना लगाया गया। प्रशासनिक टीम ने फतेहाबाद, खेड़ा, भैल, भोइयां, जोहल ढाए वाला, मुंडा पिंड, गुजरपुर, डेरा साहिब, लुहार, छापड़ी, चक्क मेहर, खान रजादा और जामाराए सहित कुल 13 गांवों का दौरा किया तथा धरातल पर निगरानी रखी। नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई SDM संजीव कुमार शर्मा ने चेतावनी जारी करते हुए कहा कि पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन 24 घंटे अलर्ट पर है और सैटेलाइट के साथ-साथ जमीनी स्तर पर भी लगातार निगरानी की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पराली में आग लगाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे पर्यावरण और जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए आग लगाने के बजाय आधुनिक कृषि मशीनरी (जैसे सुपर सीडर, हैप्पी सीडर, बेलर आदि) का इस्तेमाल कर पराली का उचित निस्तारण करें। कृषि विभाग की टीम ने किसानों को किया जागरूक मुख्य कृषि अधिकारी (CAO) डॉ. तेजवीर सिंह भंगू के नेतृत्व में कृषि विभाग की विशेष टीम ने भी विभिन्न खेतों में जाकर किसानों से सीधी बातचीत की। अधिकारियों ने किसानों को पराली के इन-सिचू और एक्स-सिचू प्रबंधन के फायदों के बारे में विस्तृत जानकारी दी और फसल अवशेष न जलाने के लिए प्रेरित किया।

