डूंगरपुर के मेताली ग्राम पंचायत स्थित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय में आयुर्वेद विभाग ने स्वर्ण प्राशन एवं पंचकर्म चिकित्सा शिविर का आयोजन किया।
इस शिविर में लगभग 1 हजार बच्चों को स्वर्ण प्राशन की खुराक पिलाई गई, वहीं गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को पंचकर्म और आयुर्वेदिक उपचार का लाभ मिला। चिकित्सालय प्रभारी आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. जगदीश यादव ने बताया कि शिविर का मुख्य आकर्षण बच्चों के लिए स्वर्ण प्राशन कार्यक्रम रहा। आयुर्वेद में इसे बच्चों के स्वास्थ्य, रोग प्रतिरोधक क्षमता, शारीरिक एवं मानसिक विकास तथा मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। शिविर में दूर-दराज के क्षेत्रों से भी लोग पहुंचे
डॉ. यादव ने यह भी बताया कि चिकित्सालय में नियमित रूप से कैंसर, लकवा (पैरालिसिस), ऑस्टियोआर्थराइटिस और रूमेटाइड आर्थराइटिस जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों का आयुर्वेदिक पद्धति एवं पंचकर्म के माध्यम से उपचार किया जा रहा है। इस शिविर में मेताली के स्थानीय मरीजों के अलावा दूर-दराज के क्षेत्रों से भी लोग पहुंचे। अब मेताली के इस आयुर्वेदिक चिकित्सालय में गुजरात, उदयपुर और डूंगरपुर संभाग के विभिन्न क्षेत्रों से मरीज पंचकर्म एवं आयुर्वेदिक उपचार के लिए आ रहे हैं। मरीजों और उनके परिजनों ने बताया कि नियमित उपचार से उन्हें अपनी बीमारियों में राहत मिल रही है।

