डिजिटल मैनेजर की मौत,PK ने की CBI जांच की मांग:बोले- हादसा है या साजिश, सच सामने आए; भाई का दावा- देवपालिक की हत्या हुई

डिजिटल मैनेजर की मौत,PK ने की CBI जांच की मांग:बोले- हादसा है या साजिश, सच सामने आए; भाई का दावा- देवपालिक की हत्या हुई

जन सुराज पार्टी के डिजिटल कम्युनिकेशन मैनेजर देवपालिक गुप्ता का गुरुवार को उत्तर प्रदेश के कुशीनगर स्थित मलाही घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार में बांकीपुर विधायक प्रशांत किशोर भी शामिल हुए। उन्होंने देवपालिक को श्रद्धांजलि दी और उनके परिजनों के प्रति संवेदना जताई। इस दौरान प्रशांत किशोर भावुक नजर आए। उन्होंने मौत के कारण की सीबीआई जांच की मांग की। PK ने देवपालिक को पार्टी का समर्पित साथी बताते हुए कहा, “वह पिछले छह सालों से उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रहे थे। इससे बड़ी त्रासदी और क्या हो सकती है?” देवपालिक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत को लेकर परिवार ने हत्या की आशंका जताई है। परिजनों ने घटना की परिस्थितियों और शव की स्थिति को लेकर कई सवाल उठाए हैं। परिवार ने मामले की गहराई से जांच कराने की मांग की है। परिजनों के अनुसार, रांची में उनके संपर्क में रहे अधिकारियों ने मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से मामले की सीबीआई जांच कराने का निर्देश जारी किए जाने की जानकारी दी है। प्रशांत किशोर बोले- मौत की वजह जांच का विषय देवपालिक की मौत पर उठ रहे सवालों को लेकर प्रशांत किशोर ने कहा कि यह पूरी तरह जांच का विषय है। पुलिस को पता लगाना चाहिए कि देवपालिक चलती ट्रेन से दुर्घटनावश गिरे थे, उन्हें किसी ने धक्का दिया था या घटना के पीछे कोई दूसरी वजह थी। परिजनों ने जताई हत्या की आशंका देवपालिक की मौत के मामले में उनके परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। उनके भाई तारकेश्वर गुप्ता और करीबियों ने घटना की परिस्थितियों और शव की स्थिति को लेकर संदेह व्यक्त किया है। परिजनों की मांग है कि मामले की गहराई से जांच की जाए, ताकि मौत की असली वजह सामने आ सके। शुरुआती आकलन में रेलवे पुलिस और स्थानीय पुलिस की ओर से चलती ट्रेन से गिरने की आशंका जताई गई थी। हालांकि, परिजन इस घटना को केवल दुर्घटना मानने के बजाय इसके पीछे किसी साजिश की संभावना की भी जांच चाहते हैं। ऐसे में पुलिस जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि देवपालिक की मौत किन परिस्थितियों में हुई। भाई ने कहा- हत्या का शक है देवपालिक के भाई तारकेश्वर गुप्ता ने हत्या की आशंका जताते हुए कहा कि उनका भाई पटना से अकेले रांची गया था। बाद में दो अन्य लोग उसके साथ जुड़ गए और तीनों वापसी में साथ यात्रा कर रहे थे। उनके मुताबिक, यात्रा के दौरान दो स्टेशन पार होने के बाद देवपालिक का मोबाइल फोन पूरी तरह बंद हो गया। उन्होंने कहा कि फॉरेंसिक टीम ने भी शव की स्थिति को लेकर सवाल उठाए थे। परिवार का दावा है कि शव जिस स्थिति में मिला, वह सामान्य रूप से ट्रेन से गिरने की घटना से मेल नहीं खाती। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मौत की असली वजह जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। ट्रेन से लापता होने के बाद झाड़ियों में मिला था शव जानकारी के मुताबिक, 26 अक्टूबर 2026 को देवपालिक अपने दो सहयोगियों गौतम और निशांत के साथ रांची-पटना जनशताब्दी एक्सप्रेस से यात्रा कर रहे थे। ट्रेन खुलने के करीब 10 मिनट बाद उन्होंने साथियों से कहा कि वह पैंट्री कार से खाने-पीने का सामान लेने जा रहे हैं। इसके बाद वह वापस नहीं लौटे। सहयोगियों ने उनकी तलाश की, लेकिन उनका पता नहीं चला। अगले दिन झारखंड के रांची-मुरी रेलखंड पर जरवाडीह गांव के पास रेलवे ट्रैक के किनारे झाड़ियों से उनका शव बरामद किया गया। इसके बाद उनकी मौत को लेकर कई सवाल उठने लगे। शुरुआती आकलन में रेलवे पुलिस और स्थानीय पुलिस ने चलती ट्रेन से गिरने की आशंका जताई थी। वहीं, परिजनों ने घटना को संभावित हत्या के तौर पर जांचने की मांग की है। इस्तीफा देने के बाद नोटिस पीरियड पर थे देवपालिक तारकेश्वर गुप्ता के मुताबिक, देवपालिक ने 30 तारीख को अपना इस्तीफा दे दिया था। हालांकि, वह नोटिस पीरियड पर थे, जो 24 तारीख तक था। उन्होंने बताया कि चुनाव के दिन से पहले देवपालिक बिहार छोड़ने से पहले कुछ समय की छुट्टी लेना चाहते थे। परिवार के मुताबिक, इसके पीछे कोई खास वजह नहीं थी। यूपी के रहने वाले थे देवपालिक देवपालिक गुप्ता मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले थे। वह भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली के छात्र रह चुके थे और जन सुराज पार्टी के सोशल मीडिया अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे। पार्टी के डिजिटल कम्युनिकेशन से जुड़े कामकाज में उनकी अहम जिम्मेदारी थी। प्रशांत किशोर के मुताबिक, वह पिछले छह वर्षों से उनके साथ काम कर रहे थे। उनके निधन से पार्टी के साथियों और करीबियों में शोक है। सीबीआई जांच के निर्देश की बात, आधिकारिक पुष्टि का इंतजार परिजनों ने बताया कि रांची में उनके संपर्क में रहने वाले अधिकारियों ने मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से CBI जांच कराने का निर्देश जारी किए जाने की जानकारी दी है। हालांकि, जांच को लेकर आधिकारिक आदेश और उसके दायरे की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। फिलहाल, देवपालिक की मौत के कारणों को लेकर परिवार की आशंका और शुरुआती दुर्घटना की संभावना के बीच जांच के निष्कर्ष का इंतजार है। जन सुराज पार्टी के डिजिटल कम्युनिकेशन मैनेजर देवपालिक गुप्ता का गुरुवार को उत्तर प्रदेश के कुशीनगर स्थित मलाही घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार में बांकीपुर विधायक प्रशांत किशोर भी शामिल हुए। उन्होंने देवपालिक को श्रद्धांजलि दी और उनके परिजनों के प्रति संवेदना जताई। इस दौरान प्रशांत किशोर भावुक नजर आए। उन्होंने मौत के कारण की सीबीआई जांच की मांग की। PK ने देवपालिक को पार्टी का समर्पित साथी बताते हुए कहा, “वह पिछले छह सालों से उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रहे थे। इससे बड़ी त्रासदी और क्या हो सकती है?” देवपालिक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत को लेकर परिवार ने हत्या की आशंका जताई है। परिजनों ने घटना की परिस्थितियों और शव की स्थिति को लेकर कई सवाल उठाए हैं। परिवार ने मामले की गहराई से जांच कराने की मांग की है। परिजनों के अनुसार, रांची में उनके संपर्क में रहे अधिकारियों ने मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से मामले की सीबीआई जांच कराने का निर्देश जारी किए जाने की जानकारी दी है। प्रशांत किशोर बोले- मौत की वजह जांच का विषय देवपालिक की मौत पर उठ रहे सवालों को लेकर प्रशांत किशोर ने कहा कि यह पूरी तरह जांच का विषय है। पुलिस को पता लगाना चाहिए कि देवपालिक चलती ट्रेन से दुर्घटनावश गिरे थे, उन्हें किसी ने धक्का दिया था या घटना के पीछे कोई दूसरी वजह थी। परिजनों ने जताई हत्या की आशंका देवपालिक की मौत के मामले में उनके परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। उनके भाई तारकेश्वर गुप्ता और करीबियों ने घटना की परिस्थितियों और शव की स्थिति को लेकर संदेह व्यक्त किया है। परिजनों की मांग है कि मामले की गहराई से जांच की जाए, ताकि मौत की असली वजह सामने आ सके। शुरुआती आकलन में रेलवे पुलिस और स्थानीय पुलिस की ओर से चलती ट्रेन से गिरने की आशंका जताई गई थी। हालांकि, परिजन इस घटना को केवल दुर्घटना मानने के बजाय इसके पीछे किसी साजिश की संभावना की भी जांच चाहते हैं। ऐसे में पुलिस जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि देवपालिक की मौत किन परिस्थितियों में हुई। भाई ने कहा- हत्या का शक है देवपालिक के भाई तारकेश्वर गुप्ता ने हत्या की आशंका जताते हुए कहा कि उनका भाई पटना से अकेले रांची गया था। बाद में दो अन्य लोग उसके साथ जुड़ गए और तीनों वापसी में साथ यात्रा कर रहे थे। उनके मुताबिक, यात्रा के दौरान दो स्टेशन पार होने के बाद देवपालिक का मोबाइल फोन पूरी तरह बंद हो गया। उन्होंने कहा कि फॉरेंसिक टीम ने भी शव की स्थिति को लेकर सवाल उठाए थे। परिवार का दावा है कि शव जिस स्थिति में मिला, वह सामान्य रूप से ट्रेन से गिरने की घटना से मेल नहीं खाती। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मौत की असली वजह जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। ट्रेन से लापता होने के बाद झाड़ियों में मिला था शव जानकारी के मुताबिक, 26 अक्टूबर 2026 को देवपालिक अपने दो सहयोगियों गौतम और निशांत के साथ रांची-पटना जनशताब्दी एक्सप्रेस से यात्रा कर रहे थे। ट्रेन खुलने के करीब 10 मिनट बाद उन्होंने साथियों से कहा कि वह पैंट्री कार से खाने-पीने का सामान लेने जा रहे हैं। इसके बाद वह वापस नहीं लौटे। सहयोगियों ने उनकी तलाश की, लेकिन उनका पता नहीं चला। अगले दिन झारखंड के रांची-मुरी रेलखंड पर जरवाडीह गांव के पास रेलवे ट्रैक के किनारे झाड़ियों से उनका शव बरामद किया गया। इसके बाद उनकी मौत को लेकर कई सवाल उठने लगे। शुरुआती आकलन में रेलवे पुलिस और स्थानीय पुलिस ने चलती ट्रेन से गिरने की आशंका जताई थी। वहीं, परिजनों ने घटना को संभावित हत्या के तौर पर जांचने की मांग की है। इस्तीफा देने के बाद नोटिस पीरियड पर थे देवपालिक तारकेश्वर गुप्ता के मुताबिक, देवपालिक ने 30 तारीख को अपना इस्तीफा दे दिया था। हालांकि, वह नोटिस पीरियड पर थे, जो 24 तारीख तक था। उन्होंने बताया कि चुनाव के दिन से पहले देवपालिक बिहार छोड़ने से पहले कुछ समय की छुट्टी लेना चाहते थे। परिवार के मुताबिक, इसके पीछे कोई खास वजह नहीं थी। यूपी के रहने वाले थे देवपालिक देवपालिक गुप्ता मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले थे। वह भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली के छात्र रह चुके थे और जन सुराज पार्टी के सोशल मीडिया अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे। पार्टी के डिजिटल कम्युनिकेशन से जुड़े कामकाज में उनकी अहम जिम्मेदारी थी। प्रशांत किशोर के मुताबिक, वह पिछले छह वर्षों से उनके साथ काम कर रहे थे। उनके निधन से पार्टी के साथियों और करीबियों में शोक है। सीबीआई जांच के निर्देश की बात, आधिकारिक पुष्टि का इंतजार परिजनों ने बताया कि रांची में उनके संपर्क में रहने वाले अधिकारियों ने मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से CBI जांच कराने का निर्देश जारी किए जाने की जानकारी दी है। हालांकि, जांच को लेकर आधिकारिक आदेश और उसके दायरे की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। फिलहाल, देवपालिक की मौत के कारणों को लेकर परिवार की आशंका और शुरुआती दुर्घटना की संभावना के बीच जांच के निष्कर्ष का इंतजार है।  

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