‘डर और इनसिक्योरिटी इंसानी फितरत है’, संजीदा शेख ने प्यार और अपनों को खोने के डर पर खुलकर की बात

‘डर और इनसिक्योरिटी इंसानी फितरत है’, संजीदा शेख ने प्यार और अपनों को खोने के डर पर खुलकर की बात

Sanjeeda Shaikh Statement On Relationship: टीवी और फिल्म एक्ट्रेस संजीदा शेख ने हाल ही में एक इंटरव्यू में प्यार, रिश्तों और अपनों को खोने के डर पर खुलकर बात की। इस दौरान उनसे ‘सनम तेरी कसम’ के पार्ट 2 में काम करने को लेकर भी सवाल किया गया। संजीदा ने कहा कि अच्छी फिल्म का हिस्सा बनना हमेशा खुशी की बात होती है और अगर मौका मिला तो वह जरूर इसका हिस्सा बनना चाहेंगी।

‘अच्छी फिल्म का हिस्सा बनना हमेशा अच्छा होता है’

संजीदा से जब ‘सनम तेरी कसम’ के अगले पार्ट में काम करने को लेकर पूछा गया तो उन्होंने कहा कि किसी अच्छी फिल्म का हिस्सा बनना हमेशा अच्छा अनुभव होता है। उन्होंने फिल्म की लव स्टोरी को खूबसूरत बताया और कहा कि प्यार में खुद को पूरी तरह समर्पित कर देना भी एक खूबसूरत एहसास है।

एक्ट्रेस ने कहा कि उन्हें प्यार देना और प्यार पाना दोनों पसंद है। उनके मुताबिक, इंसान अगर प्यार में खुद को पूरी तरह समर्पित कर सके तो यह अपने आप में बहुत खूबसूरत चीज है।

‘अपने लोगों को खोने से बहुत डरती हूं’

बातचीत के दौरान संजीदा ने अपने सबसे बड़े डर के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने लोगों को खोने का डर लगता है। हालांकि, उनका मानना है कि अगर कोई व्यक्ति परिवार में किसी करीबी को खोने जैसे मुश्किल दौर से गुजरने के बाद खुद को संभाल पाता है, तो वह जिंदगी की किसी भी चुनौती का सामना कर सकता है।

संजीदा ने कहा कि किसी करीबी को खोने के बाद इंसान यह समझ पाता है कि वह व्यक्ति पूरी तरह से उससे दूर नहीं होता। उनकी यादें और उनका साथ हमेशा इंसान के साथ रहता है। एक्ट्रेस के मुताबिक, इस तरह के अनुभव से गुजरने वाला व्यक्ति इस एहसास को बेहतर तरीके से समझ सकता है।

‘फियर और इनसिक्योरिटी सबको होती है’

संजीदा ने आगे कहा कि किसी को खोने का डर इंसानी स्वभाव का हिस्सा है। उन्होंने साफ किया कि वह अपने डर की बात किसी खास प्रोफेशन, कहानी या किरदार के संदर्भ में नहीं कर रही थीं।

उनके मुताबिक, डर और इनसिक्योरिटी हर इंसान के अंदर होती है और इसे इंसानी भावनाओं का हिस्सा माना जाना चाहिए। संजीदा ने कहा कि हर किसी को किसी न किसी चीज का डर होता है और इसे स्वीकार करना भी जरूरी है।

प्यार को लेकर क्या बोलीं संजीदा?

संजीदा की बातों से साफ है कि उनके लिए प्यार सिर्फ एक रिश्ते का नाम नहीं, बल्कि एक ऐसा एहसास है जिसमें इंसान खुद को पूरी तरह सामने वाले के लिए समर्पित कर सकता है। उन्होंने प्यार देने और पाने दोनों को खूबसूरत अनुभव बताया।

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