राजस्थान में माध्यमिक शिक्षा विभाग ने ट्रांसफर आदेश जारी होने के बाद भी नई पोस्टिंग वाली जगह पर कार्यग्रहण नहीं करने वाले 211 प्राचार्यों और समकक्ष कर्मचारियों के मामलों में जानकारी मांगी है। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय, बीकानेर ने संबंधित अधिकारियों को कार्यमुक्ति और कार्यग्रहण नहीं होने के कारण बताने के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट में न्यायालय में लंबित मामलों की जानकारी भी देनी होगी। सूची में टोंक जिले के 5 प्राचार्य शामिल हैं।
शाला दर्पण के रिकॉर्ड के आधार पर मांगी जानकारी माध्यमिक शिक्षा निदेशालय के अनुसार, अलग-अलग समय पर प्राचार्य, उच्च माध्यमिक विद्यालय और समकक्ष कर्मचारियों के ट्रांसफर आदेश जारी किए गए थे। इसके बावजूद शाला दर्पण पोर्टल पर दर्ज जानकारी के अनुसार कुछ कर्मचारियों ने नई पोस्टिंग वाली जगह पर कार्यग्रहण नहीं किया है। विभाग ने संबंधित अधिकारियों से इन मामलों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। संलग्न सूची के अलावा यदि कोई अन्य प्राचार्य या समकक्ष कर्मचारी ट्रांसफर के बाद कार्यमुक्त नहीं हुआ है या नई जगह कार्यग्रहण नहीं कर पाया है, तो उसका विवरण भी रिपोर्ट में शामिल करना होगा। न्यायालय में लंबित मामलों का भी देना होगा ब्योरा निदेशालय ने संबंधित संयुक्त निदेशकों को निर्देश दिए हैं कि ट्रांसफर आदेश के बाद कर्मचारियों को कार्यमुक्त नहीं करने या उनके नई जगह कार्यग्रहण नहीं करने के कारण स्पष्ट रूप से बताए जाएं। यदि किसी कर्मचारी का मामला न्यायालय में विचाराधीन है, तो रिपोर्ट में संबंधित वाद संख्या और उसकी वर्तमान स्थिति दर्ज करनी होगी। इसके अलावा कार्यमुक्ति या कार्यग्रहण नहीं होने के अन्य कारणों का भी उल्लेख करना होगा, ताकि प्रत्येक मामले की स्थिति स्पष्ट हो सके। निर्धारित प्रारूप में देनी होगी जानकारी शिक्षा विभाग ने रिपोर्ट तैयार करने के लिए एक निर्धारित प्रारूप जारी किया है। इसमें ये जानकारियां देनी होंगी: ई-मेल से भेजनी होगी मंडल की समेकित रिपोर्ट माध्यमिक शिक्षा निदेशक ललित कुमार ने अधीनस्थ कार्यालयों से जानकारी जुटाकर संबंधित संयुक्त निदेशक कार्यालय के माध्यम से रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं। मंडल कार्यालयों को अपने पूरे मंडल की समेकित सूचना तैयार कर ई-मेल establishmentbsection@gmail.com पर जल्द भेजनी होगी। इस प्रक्रिया के जरिए विभाग यह जानकारी जुटाएगा कि ट्रांसफर के बाद नई जगह कार्यग्रहण नहीं होने के पीछे प्रशासनिक, न्यायिक या अन्य क्या कारण हैं। साथ ही, सूची के बाहर ऐसे अन्य मामलों का भी ब्योरा लिया जाएगा। जयपुर में सबसे ज्यादा 34 प्राचार्यों ने नहीं किया कार्यग्रहण राज्यभर में नई पोस्टिंग वाली जगह पर कार्यग्रहण नहीं करने वाले प्राचार्यों और समकक्ष कर्मचारियों की जिलेवार संख्या इस प्रकार है:

