टोंक में 133 परिवारों ने फर्जी दस्तावेजों से बनवाए अंत्योदय कार्ड, 7 दिन में वैध दस्तावेज नहीं दिए तो होगी वसूली

टोंक में 133 परिवारों ने फर्जी दस्तावेजों से बनवाए अंत्योदय कार्ड, 7 दिन में वैध दस्तावेज नहीं दिए तो होगी वसूली

Tonk Fake Ration Card: राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत पात्रता से अधिक गेहूं लेने के लालच में टोंक जिले के 133 बीपीएल, एपीएल परिवारों की ओर से कथित रूप से फर्जी दस्तावेज लगाकर अंत्योदय राशन कार्ड बनवाने का मामला सामने आया है। खाद्य विभाग की जांच में इन परिवारों की ओर से अंत्योदय श्रेणी में चयनित होने से संबंधित कोई वैध दस्तावेज आवेदन के साथ संलग्न नहीं पाया गया। मामले में विभाग ने संबंधित राशन कार्डधारियों का गेहूं बंद कर नोटिस जारी किए हैं।

विभाग के अनुसार, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत एपीएल, बीपीएल परिवारों को प्रतिमाह प्रति सदस्य 5 किलोग्राम गेहूं मिलता है। जबकि अंत्योदय परिवारों को प्रति राशन कार्ड 35 किलोग्राम गेहूं मिलता है। इसी अंतर का लाभ उठाने के उद्देश्य से 133 परिवारों ने ई-मित्र के माध्यम से अंत्योदय श्रेणी में राशन कार्ड बनवा लिए।

पेश करना होगा स्पष्टीकरण

विभाग की ओर से जारी नोटिस में संबंधित राशन कार्डधारियों को नोटिस प्राप्ति के सात दिवस के भीतर जिला रसद कार्यालय में उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण एवं वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित अवधि में वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने पर पूर्व में लिए गए गेहूं की राशि 30.57 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से वसूल की जाएगी।

संचालकों को भी चेतावनी

जिला रसद अधिकारी ने ई-मित्र संचालकों को भी निर्देश दिए हैं कि राशन कार्ड अथवा अन्य योजनाओं के लिए आवेदन केवल वैध दस्तावेजों के आधार पर ही करवाए जाएं। आवेदन प्रक्रिया में लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर संबंधित ई-मित्र संचालक के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने संबंधित परिवारों से अपील की है कि नोटिस मिलने के बाद निर्धारित सात दिवस की अवधि में जिला रसद कार्यालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखें। वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने की स्थिति में नियमानुसार गेहूं की राशि की वसूली की जाएगी।

ये रही फैक्ट फाइल

उपखंड परिवार संख्या
टोंक 51
उनियारा 44
देवली 29
पीपलू 05
टोडारायसिंह 02
मालपुरा 01
निवाई 01

इनका कहना है…

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत पात्रता की जांच की गई। इसमें जिले में 133 बीपीएल, एपीएल परिवारों के दस्तावेज में गड़बड़ मिली है। उनसे दस्तावेज मांगे गए हैं।
-इंद्रपाल मीना, जिला रसद अधिकारी, टोंक

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