टेंडर घोटाला- ED के सामने नहीं पहुंचे IAS आनंद किशोर:एक सप्ताह का समय मांगा; अगले हफ्ते योगेश सागर के साथ होगी पूछताछ

टेंडर घोटाला- ED के सामने नहीं पहुंचे IAS आनंद किशोर:एक सप्ताह का समय मांगा; अगले हफ्ते योगेश सागर के साथ होगी पूछताछ

रिशु श्री से जुड़े टेंडर घोटाला मामले में IAS अधिकारी आनंद किशोर आज शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) के सामने पेश नहीं हुए। ED ने समन भेजकर उन्हें 30 अक्टूबर को पटना स्थित कार्यालय बुलाया था। उन्हें अधिकारियों के सामने उपस्थित होकर मामले में अपना पक्ष रखने को कहा गया था। सूत्रों के अनुसार, ED की टीम आनंद किशोर से पूछताछ के लिए सवालों की लंबी सूची तैयार कर बैठी थी, लेकिन वह कार्यालय नहीं पहुंचे। उन्होंने ED से पूछताछ के लिए एक सप्ताह का समय मांगा। ED ने उनकी मांग स्वीकार कर ली है। अब उन्हें एक सप्ताह बाद कार्यालय पहुंचकर अपना पक्ष रखने को कहा गया है। इससे पहले IAS अधिकारी योगेश कुमार सागर ने भी ED से पूछताछ के लिए एक सप्ताह का समय मांगा था। अब अगले सप्ताह ED की टीम आनंद किशोर और योगेश कुमार सागर से पूछताछ करेगी। दरअसल, इन दोनों अधिकारियों से रिशु श्री के साथ उनके संबंधों और उनके बीच हुई WhatsApp चैट के आधार पर सवाल-जवाब किए जाने हैं। ED इस मामले में अधिकारियों और ठेकेदार के बीच संबंधों तथा कथित लेन-देन की कड़ियों की जांच कर रही है। संतोष कुमार मल्ल से 8 घंटे हुई पूछताछ इससे पहले गुरुवार को ED ने IAS संतोष कुमार मल्ल से करीब 8 घंटे तक पूछताछ की थी। जांच टीम ने उनसे ठेकेदार रिशु श्री से संबंध, आम की डिलीवरी, दिल्ली में रहने वाले एक युवक से मुलाकात और कथित 7 प्रतिशत कमीशन को लेकर सवाल किए थे। सूत्रों के अनुसार, अधिकारियों ने उनसे पूछा था कि वह रिशु श्री से आम क्यों मांग रहे थे और दिल्ली में आम की डिलीवरी क्यों कराई जानी थी। दिल्ली में रहने वाला वह युवक कौन था, जिसे रिशु श्री ने उनसे मिलने के लिए भेजा था। दोनों के बीच कब से जान-पहचान थी और कथित 7 प्रतिशत कमीशन का क्या मामला था। धर्मेंद्र कुमार से 6 घंटे, सुनील यादव से साढ़े 7 घंटे पूछताछ इससे पहले बुधवार को IAS धर्मेंद्र कुमार से करीब 6 घंटे तक पूछताछ हुई थी। ED ने उनसे रिशु श्री से जान-पहचान, दोनों के बीच नजदीकियों और रिशु श्री की ओर से कराई गई विदेश यात्रा को लेकर सवाल किए थे। वहीं, मंगलवार को IAS सुनील यादव से करीब साढ़े 7 घंटे तक पूछताछ की गई थी। सोमवार को IAS अभिलाषा कुमारी शर्मा भी ED के सामने पेश हुई थीं। 6 IAS अधिकारियों को भेजा गया था समन ED ने इस मामले में आनंद किशोर, संतोष कुमार मल्ल, धर्मेंद्र कुमार, योगेश कुमार सागर, अभिलाषा कुमारी शर्मा और सुनील यादव को समन भेजा था। इनमें से चार अधिकारियों से पूछताछ हो चुकी है। आनंद किशोर और योगेश कुमार सागर ने एक सप्ताह का समय मांगा है। हाईकोर्ट की टिप्पणी के बाद तेज हुई थी जांच रिशु श्री की जमानत याचिका विजिलेंस कोर्ट से खारिज होने के बाद उसने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। 15 अक्टूबर को सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने मामले में बड़े अधिकारियों की भूमिका और उनके खिलाफ हुई कार्रवाई पर सवाल उठाए थे। कोर्ट ने टिप्पणी की थी कि रिशु श्री एक छोटा मोहरा है। कोर्ट ने पूछा था कि बड़े अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई है। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका को लेकर जांच तेज हुई और ED ने IAS अधिकारियों को समन भेजकर पूछताछ शुरू की। पहले जानिए कौन है रिशु श्री? रिशु श्री मूल रूप से बिहार के सारण जिले का रहने वाला है। वह वरिष्ठ IAS अधिकारी संजीव हंस और अन्य अधिकारियों से जुड़े कथित भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी है। उसके खिलाफ विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने भी मामला दर्ज किया था। ED की जांच के मुताबिक, रिशु श्री सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को कथित तौर पर फायदा पहुंचाता था। इसके बदले उसे सरकारी टेंडरों से जुड़ी अहम जानकारी पहले ही मिल जाती थी। आरोप है कि वह अधिकारियों से सांठगांठ कर टेंडर की शर्तों में बदलाव करवाता और अपनी पसंद के ठेकेदारों को काम दिलाने की कोशिश करता था। इसके बदले कमीशन लिए जाने और उसका हिस्सा संबंधित अधिकारियों तक पहुंचने की आशंका भी जांच के दायरे में है। पसंद के अधिकारियों की पोस्टिंग कराने का भी आरोप जांच एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, रिशु श्री सरकारी ठेके हासिल करने के लिए अपनी पसंद के अधिकारियों की पोस्टिंग कराने की कोशिश करता था। जांच में मुमुक्षु चौधरी के बयान का भी जिक्र किया गया था। आरोप के मुताबिक, सीतामढ़ी में नगर आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार दिलाने के लिए रिशु श्री ने वरिष्ठ अधिकारियों को 25 लाख रुपए दिए थे। विदेश यात्राओं और सरकारी ठेकों की भी जांच ED की जांच में BUDCO के तत्कालीन प्रबंध निदेशक IAS योगेश कुमार सागर और उनके परिवार की विदेश यात्राओं का भी जिक्र आया था। आरोप था कि रिशु श्री ने उनके परिवार के छह सदस्यों की विदेश यात्रा का खर्च उठाया था। जून 2024 में ऑस्ट्रिया यात्रा कराए जाने की बात भी जांच में सामने आई थी। इसी तरह, IAS अभिलाषा कुमारी शर्मा और उनके परिवार की विदेश यात्रा पर करीब 19 लाख रुपए खर्च किए जाने का आरोप सामने आया था। जांच में दोनों के बीच WhatsApp चैट का भी जिक्र किया गया था। BMSICL के तत्कालीन MD धर्मेंद्र कुमार की विदेश यात्राएं भी जांच के दायरे में आई थीं। टेंडर की शर्तें पहले हासिल करने का आरोप ED की जांच के अनुसार, रिशु श्री पर अधिकारियों को कथित लाभ पहुंचाकर टेंडर की शर्तों को प्रभावित करने का आरोप था। एजेंसी को आशंका थी कि टेंडर जारी होने से पहले ही उसे शर्तों की जानकारी मिल जाती थी और वह अपनी पसंद के ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने की कोशिश करता था। मामले में 265.73 करोड़ रुपए की संपत्ति का भी जिक्र सामने आया था। छापेमारी के दौरान रिशु श्री के घर से नकदी और जेवरात मिलने की बात भी सामने आई थी। ED अधिकारियों को धमकी देने का भी आरोप 10 सितंबर 2025 को ED ने पटना के SSP को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि रिशु श्री फेसटाइम और टेलीग्राम के जरिए अधिकारियों को आत्महत्या की धमकी दे रहा था। जांच एजेंसी के मुताबिक, वह समन से बचने के लिए कथित तौर पर फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट का भी सहारा ले चुका था। अब ED की जांच का फोकस सरकारी टेंडरों में कथित अनियमितता, कमीशन, विदेश यात्राओं और रिशु श्री के साथ IAS अधिकारियों के संबंधों पर है। आने वाले सप्ताह में आनंद किशोर और योगेश कुमार सागर से पूछताछ के बाद जांच में नए तथ्य सामने आ सकते हैं। रिशु श्री से जुड़े टेंडर घोटाला मामले में IAS अधिकारी आनंद किशोर आज शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) के सामने पेश नहीं हुए। ED ने समन भेजकर उन्हें 30 अक्टूबर को पटना स्थित कार्यालय बुलाया था। उन्हें अधिकारियों के सामने उपस्थित होकर मामले में अपना पक्ष रखने को कहा गया था। सूत्रों के अनुसार, ED की टीम आनंद किशोर से पूछताछ के लिए सवालों की लंबी सूची तैयार कर बैठी थी, लेकिन वह कार्यालय नहीं पहुंचे। उन्होंने ED से पूछताछ के लिए एक सप्ताह का समय मांगा। ED ने उनकी मांग स्वीकार कर ली है। अब उन्हें एक सप्ताह बाद कार्यालय पहुंचकर अपना पक्ष रखने को कहा गया है। इससे पहले IAS अधिकारी योगेश कुमार सागर ने भी ED से पूछताछ के लिए एक सप्ताह का समय मांगा था। अब अगले सप्ताह ED की टीम आनंद किशोर और योगेश कुमार सागर से पूछताछ करेगी। दरअसल, इन दोनों अधिकारियों से रिशु श्री के साथ उनके संबंधों और उनके बीच हुई WhatsApp चैट के आधार पर सवाल-जवाब किए जाने हैं। ED इस मामले में अधिकारियों और ठेकेदार के बीच संबंधों तथा कथित लेन-देन की कड़ियों की जांच कर रही है। संतोष कुमार मल्ल से 8 घंटे हुई पूछताछ इससे पहले गुरुवार को ED ने IAS संतोष कुमार मल्ल से करीब 8 घंटे तक पूछताछ की थी। जांच टीम ने उनसे ठेकेदार रिशु श्री से संबंध, आम की डिलीवरी, दिल्ली में रहने वाले एक युवक से मुलाकात और कथित 7 प्रतिशत कमीशन को लेकर सवाल किए थे। सूत्रों के अनुसार, अधिकारियों ने उनसे पूछा था कि वह रिशु श्री से आम क्यों मांग रहे थे और दिल्ली में आम की डिलीवरी क्यों कराई जानी थी। दिल्ली में रहने वाला वह युवक कौन था, जिसे रिशु श्री ने उनसे मिलने के लिए भेजा था। दोनों के बीच कब से जान-पहचान थी और कथित 7 प्रतिशत कमीशन का क्या मामला था। धर्मेंद्र कुमार से 6 घंटे, सुनील यादव से साढ़े 7 घंटे पूछताछ इससे पहले बुधवार को IAS धर्मेंद्र कुमार से करीब 6 घंटे तक पूछताछ हुई थी। ED ने उनसे रिशु श्री से जान-पहचान, दोनों के बीच नजदीकियों और रिशु श्री की ओर से कराई गई विदेश यात्रा को लेकर सवाल किए थे। वहीं, मंगलवार को IAS सुनील यादव से करीब साढ़े 7 घंटे तक पूछताछ की गई थी। सोमवार को IAS अभिलाषा कुमारी शर्मा भी ED के सामने पेश हुई थीं। 6 IAS अधिकारियों को भेजा गया था समन ED ने इस मामले में आनंद किशोर, संतोष कुमार मल्ल, धर्मेंद्र कुमार, योगेश कुमार सागर, अभिलाषा कुमारी शर्मा और सुनील यादव को समन भेजा था। इनमें से चार अधिकारियों से पूछताछ हो चुकी है। आनंद किशोर और योगेश कुमार सागर ने एक सप्ताह का समय मांगा है। हाईकोर्ट की टिप्पणी के बाद तेज हुई थी जांच रिशु श्री की जमानत याचिका विजिलेंस कोर्ट से खारिज होने के बाद उसने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। 15 अक्टूबर को सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने मामले में बड़े अधिकारियों की भूमिका और उनके खिलाफ हुई कार्रवाई पर सवाल उठाए थे। कोर्ट ने टिप्पणी की थी कि रिशु श्री एक छोटा मोहरा है। कोर्ट ने पूछा था कि बड़े अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई है। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका को लेकर जांच तेज हुई और ED ने IAS अधिकारियों को समन भेजकर पूछताछ शुरू की। पहले जानिए कौन है रिशु श्री? रिशु श्री मूल रूप से बिहार के सारण जिले का रहने वाला है। वह वरिष्ठ IAS अधिकारी संजीव हंस और अन्य अधिकारियों से जुड़े कथित भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी है। उसके खिलाफ विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने भी मामला दर्ज किया था। ED की जांच के मुताबिक, रिशु श्री सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को कथित तौर पर फायदा पहुंचाता था। इसके बदले उसे सरकारी टेंडरों से जुड़ी अहम जानकारी पहले ही मिल जाती थी। आरोप है कि वह अधिकारियों से सांठगांठ कर टेंडर की शर्तों में बदलाव करवाता और अपनी पसंद के ठेकेदारों को काम दिलाने की कोशिश करता था। इसके बदले कमीशन लिए जाने और उसका हिस्सा संबंधित अधिकारियों तक पहुंचने की आशंका भी जांच के दायरे में है। पसंद के अधिकारियों की पोस्टिंग कराने का भी आरोप जांच एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, रिशु श्री सरकारी ठेके हासिल करने के लिए अपनी पसंद के अधिकारियों की पोस्टिंग कराने की कोशिश करता था। जांच में मुमुक्षु चौधरी के बयान का भी जिक्र किया गया था। आरोप के मुताबिक, सीतामढ़ी में नगर आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार दिलाने के लिए रिशु श्री ने वरिष्ठ अधिकारियों को 25 लाख रुपए दिए थे। विदेश यात्राओं और सरकारी ठेकों की भी जांच ED की जांच में BUDCO के तत्कालीन प्रबंध निदेशक IAS योगेश कुमार सागर और उनके परिवार की विदेश यात्राओं का भी जिक्र आया था। आरोप था कि रिशु श्री ने उनके परिवार के छह सदस्यों की विदेश यात्रा का खर्च उठाया था। जून 2024 में ऑस्ट्रिया यात्रा कराए जाने की बात भी जांच में सामने आई थी। इसी तरह, IAS अभिलाषा कुमारी शर्मा और उनके परिवार की विदेश यात्रा पर करीब 19 लाख रुपए खर्च किए जाने का आरोप सामने आया था। जांच में दोनों के बीच WhatsApp चैट का भी जिक्र किया गया था। BMSICL के तत्कालीन MD धर्मेंद्र कुमार की विदेश यात्राएं भी जांच के दायरे में आई थीं। टेंडर की शर्तें पहले हासिल करने का आरोप ED की जांच के अनुसार, रिशु श्री पर अधिकारियों को कथित लाभ पहुंचाकर टेंडर की शर्तों को प्रभावित करने का आरोप था। एजेंसी को आशंका थी कि टेंडर जारी होने से पहले ही उसे शर्तों की जानकारी मिल जाती थी और वह अपनी पसंद के ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने की कोशिश करता था। मामले में 265.73 करोड़ रुपए की संपत्ति का भी जिक्र सामने आया था। छापेमारी के दौरान रिशु श्री के घर से नकदी और जेवरात मिलने की बात भी सामने आई थी। ED अधिकारियों को धमकी देने का भी आरोप 10 सितंबर 2025 को ED ने पटना के SSP को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि रिशु श्री फेसटाइम और टेलीग्राम के जरिए अधिकारियों को आत्महत्या की धमकी दे रहा था। जांच एजेंसी के मुताबिक, वह समन से बचने के लिए कथित तौर पर फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट का भी सहारा ले चुका था। अब ED की जांच का फोकस सरकारी टेंडरों में कथित अनियमितता, कमीशन, विदेश यात्राओं और रिशु श्री के साथ IAS अधिकारियों के संबंधों पर है। आने वाले सप्ताह में आनंद किशोर और योगेश कुमार सागर से पूछताछ के बाद जांच में नए तथ्य सामने आ सकते हैं।  

​

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *