टीकमगढ़ में दशहरा पर्व के बाद दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन बुधवार सुबह 10 बजे तक चला। 10 दिवसीय नवरात्र महोत्सव मंगलवार रात रावण दहन के साथ पूरा हुआ। रात 9.30 बजे रावण दहन के बाद भव्य चल समारोह निकला, जो देर रात तक जारी रहा। शहर के प्रमुख मार्गों से झांकियां निकाली गईं। इनमें कई महिलाएं बंगाली परिधान में धार्मिक गीतों पर नाचते-गाते दिखीं। मुख्य बाजार से सुबह 3.30 बजे तक झांकियों का निकलना चलता रहा। महेंद्र सागर तालाब के विसर्जन कुंड पर क्रेन की मदद से प्रतिमाओं को विसर्जित किया गया। रात में 60 से ज्यादा प्रतिमाओं का चल समारोह निकला था। क्रेन की मदद से हुआ विसर्जन प्रशासन ने विसर्जन कुंड पर चार क्रेन लगाई थीं। विसर्जन कुंड और चल समारोह मार्ग पर पुलिस बल तैनात था। इस साल रावण दहन समारोह डेढ़ घंटे देरी से हुआ, जिससे लोग नाराज थे। 9 दिन की पूजा के बाद लोगों ने भावुक होकर माता रानी को विदा किया। चल समारोह की तस्वीरें देखिए…

