झालावाड़ में युवा मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम:पढ़ाई-करियर के तनाव से निपटने के दिए टिप्स, 105 से ज्यादा छात्र-शिक्षक जुड़े

झालावाड़ में युवा मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम:पढ़ाई-करियर के तनाव से निपटने के दिए टिप्स, 105 से ज्यादा छात्र-शिक्षक जुड़े

झालावाड़ में गुरुवार को पीएम श्री गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल में युवा मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम हुआ। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत ‘मेंटल हेल्थ अवेयरनेस मंथ’ के हिस्से के रूप में आयोजित किया गया। इसमें ‘मन दर्पण’ और ‘आई सपोर्ट माई फ्रेंड’ मॉड्यूल पर चर्चा की गई। इस कार्यक्रम में 105 से ज्यादा विद्यार्थियों और शिक्षकों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का मकसद विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व के बारे में बताना था। उन्हें युवावस्था में होने वाले भावनात्मक बदलावों, तनाव और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के बारे में जागरूक किया गया। छात्रों को समझाया गया कि पढ़ाई, करियर, प्रतियोगी परीक्षाओं, रिश्तों और भविष्य को लेकर होने वाला तनाव उनके मानसिक स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है। इसलिए शारीरिक स्वास्थ्य की तरह मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है। झालावाड़ की मनोचिकित्सक और राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम की जिला नोडल अधिकारी डॉ. रश्मि गुप्ता ने विद्यार्थियों से बात की। उन्होंने बताया कि युवावस्था जीवन का एक अहम पड़ाव है। इस दौरान कई तरह के भावनात्मक बदलाव और मानसिक दबाव आते हैं। डॉ. गुप्ता ने छात्रों को सलाह दी कि वे अपनी भावनाओं को समझें और किसी भी समस्या को मन में दबाने के बजाय परिवार, दोस्त या किसी भरोसेमंद व्यक्ति से साझा करें। उन्होंने यह भी कहा कि लगातार उदासी, चिंता, चिड़चिड़ापन, नींद में बदलाव, एकाग्रता में कमी और सामाजिक गतिविधियों से दूरी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर मदद लेना कमजोरी नहीं, बल्कि जागरूकता और समझदारी की निशानी है। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के कई तरीके बताए गए। इनमें सकारात्मक सोच, पर्याप्त नींद, रोज शारीरिक गतिविधि, योग और ध्यान, संतुलित जीवनशैली और नशे से दूर रहना शामिल था। ‘आई सपोर्ट माई फ्रेंड’ मॉड्यूल के जरिए छात्रों को यह भी सिखाया गया कि वे अपने दोस्तों में मानसिक तनाव या परेशानी के संकेत कैसे पहचानें। साथ ही, जरूरत पड़ने पर उन्हें सही मदद लेने के लिए कैसे प्रोत्साहित करें। इस कार्यक्रम में मिथलेश तानीवाल, ऐश्वर्या वर्मा, धर्मेंद्र राठौर, सलाम खान, आरती, नतीशा चंद्रावत, सोनिका यादव, आकांक्षा सेन, भरत शर्मा समेत कई शिक्षकों और 105 से ज्यादा विद्यार्थियों ने भाग लिया। स्कूल के प्राचार्य संजीव आचार्य ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए डॉ. रश्मि गुप्ता का आभार जताया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए उनकी पढ़ाई और करियर के साथ मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना भी आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से कार्यक्रम में दी जानकारी को अपने दैनिक जीवन में अपनाने और जरूरत पड़ने पर दूसरों की मदद के लिए आगे आने का आह्वान किया।

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