झाड़-फूंक और पूजा-पाठ के नाम पर घर बुलाने के बाद एक व्यक्ति ने अपनी दो सगी बड़ी बहनों की कुल्हाड़ी से हमला कर हत्या कर दी। घटना धालभूमगढ़ थाना क्षेत्र की रावताड़ा पंचायत के बाबोइदा गांव की है। आरोपी स्वरूप टुडू (45) वारदात के बाद घर का दरवाजा बाहर से बंद कर करीब 15 किमी पैदल चलकर थाने पहुंचा और आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने घटनास्थल से खून से सनी कुल्हाड़ी बरामद की है। मृतकों की पहचान बासाझोर निवासी लक्ष्मी मांडी (50) और घाटशिला के चड़ईगुड़ा निवासी दुलारी सोरेन (55) के रूप में हुई है।
लक्ष्मी के पति सरजू मांडी के अनुसार, आरोपी ने रविवार को फोन कर झाड़-फूंक के नाम पर दोनों को बुलाया था। ग्रामीणों ने बताया कि शाम को चुनूडीह गांव से एक ओझा भी आया था। घर के दरवाजे पर लाल कपड़े में कुछ बांधकर लटकाया गया था और आंगन में पूजा-पाठ के निशान मिले हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, स्वरूप लंबे समय से बीमार था। वह यूट्यूब देखकर दवाएं बनाता था। उसकी पत्नी ढाई साल पहले मायके चली गई थी। तब से अकेला था। आरोपी गुस्सैल था… छोटी बहन ने बताई आपबीती
आरोपी की सबसे छोटी बहन सूमी हांसदा ने बताया कि उसे भी पूजा के लिए बुलाया गया था, लेकिन वह नहीं गई। इस तरह वह घटना का शिकार होने से बच गई। एसडीपीओ विकास आनंद लागुरी ने बताया कि आरोपी गुस्सैल स्वभाव का है। रात में किसी बात को लेकर दोनों बहनों से विवाद हुआ था। इसके बाद उसने कुल्हाड़ी से हमला कर उनकी हत्या कर दी। पुलिस ने घर का ताला तोड़कर प्रवेश किया। दोनों शव चटाई पर खून से लथपथ पड़े थे। जामताड़ा : बदनामी के डर से पिता ने बेटी को मार डाला
करमाटांड़ में धान के खेत से मिले महिला के शव की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। पुलिस ने मृतका शीला देवी (35) के पिता देवेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने बताया कि उसने बेटी की दो बार अलग-अलग युवकों से शादी कराई थी, लेकिन दोनों बार वह ससुराल छोड़कर मायके लौट आई थी। ससुराल पक्ष के लोग उसे ले जाने आते थे, पर वह जाने को तैयार नहीं होती थी। इससे आरोपी नाराज था। समाज में बदनामी होने के डर से आरोपी ने गुस्से में आकर बेटी की गला दबाकर हत्या कर दी। झाड़-फूंक और पूजा-पाठ के नाम पर घर बुलाने के बाद एक व्यक्ति ने अपनी दो सगी बड़ी बहनों की कुल्हाड़ी से हमला कर हत्या कर दी। घटना धालभूमगढ़ थाना क्षेत्र की रावताड़ा पंचायत के बाबोइदा गांव की है। आरोपी स्वरूप टुडू (45) वारदात के बाद घर का दरवाजा बाहर से बंद कर करीब 15 किमी पैदल चलकर थाने पहुंचा और आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने घटनास्थल से खून से सनी कुल्हाड़ी बरामद की है। मृतकों की पहचान बासाझोर निवासी लक्ष्मी मांडी (50) और घाटशिला के चड़ईगुड़ा निवासी दुलारी सोरेन (55) के रूप में हुई है।
लक्ष्मी के पति सरजू मांडी के अनुसार, आरोपी ने रविवार को फोन कर झाड़-फूंक के नाम पर दोनों को बुलाया था। ग्रामीणों ने बताया कि शाम को चुनूडीह गांव से एक ओझा भी आया था। घर के दरवाजे पर लाल कपड़े में कुछ बांधकर लटकाया गया था और आंगन में पूजा-पाठ के निशान मिले हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, स्वरूप लंबे समय से बीमार था। वह यूट्यूब देखकर दवाएं बनाता था। उसकी पत्नी ढाई साल पहले मायके चली गई थी। तब से अकेला था। आरोपी गुस्सैल था… छोटी बहन ने बताई आपबीती
आरोपी की सबसे छोटी बहन सूमी हांसदा ने बताया कि उसे भी पूजा के लिए बुलाया गया था, लेकिन वह नहीं गई। इस तरह वह घटना का शिकार होने से बच गई। एसडीपीओ विकास आनंद लागुरी ने बताया कि आरोपी गुस्सैल स्वभाव का है। रात में किसी बात को लेकर दोनों बहनों से विवाद हुआ था। इसके बाद उसने कुल्हाड़ी से हमला कर उनकी हत्या कर दी। पुलिस ने घर का ताला तोड़कर प्रवेश किया। दोनों शव चटाई पर खून से लथपथ पड़े थे। जामताड़ा : बदनामी के डर से पिता ने बेटी को मार डाला
करमाटांड़ में धान के खेत से मिले महिला के शव की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। पुलिस ने मृतका शीला देवी (35) के पिता देवेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने बताया कि उसने बेटी की दो बार अलग-अलग युवकों से शादी कराई थी, लेकिन दोनों बार वह ससुराल छोड़कर मायके लौट आई थी। ससुराल पक्ष के लोग उसे ले जाने आते थे, पर वह जाने को तैयार नहीं होती थी। इससे आरोपी नाराज था। समाज में बदनामी होने के डर से आरोपी ने गुस्से में आकर बेटी की गला दबाकर हत्या कर दी।

