जमुई जिले के झाझा प्रखंड के लहर्नियाटांड़ गांव में एक महिला की ई-रिक्शा (टोटो) की टक्कर से मौत हो गई। महिला 13 सितंबर की शाम गंभीर रूप से घायल हुई थी। इलाज के दौरान बुधवार देर शाम पटना में उसने दम तोड़ दिया। मृतका की पहचान लहर्नियाटांड़ गांव निवासी राकेश यादव की 37 वर्षीय पत्नी फुलवा देवी के रूप में हुई है। गुरुवार सुबह शव को पोस्टमार्टम के लिए जमुई सदर अस्पताल लाया गया। जरूरी कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। बताया गया कि 13 सितंबर की शाम करीब छह बजे फुलवा देवी अपने घर के पास थीं। तभी पीछे से आ रहे एक ई-रिक्शा ने उन्हें टक्कर मार दी। डॉक्टरों ने गंभीर हालत देखते हुए पटना किया था रेफर हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से उन्हें सदर अस्पताल लाया गया। वहां डॉक्टरों ने उनकी गंभीर हालत देखकर बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया। परिजन उन्हें पटना ले गए, जहां कई दिनों तक उनका इलाज चला। बुधवार देर शाम इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। गुरुवार को पटना से शव जमुई सदर अस्पताल लाया गया। पुलिस ने जरूरी कागजी कार्रवाई पूरी कर शव का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। फुलवा देवी की मौत से परिवार में मातम छा गया है। मजदूरी से मृतका के परिवार का होता है गुजारा मृतका के दो बेटे और एक बेटी है। बेटी की शादी हो चुकी है। उनके पति राकेश यादव मजदूरी और खेती का काम करते हैं। इसी से परिवार का गुजारा होता है। पत्नी की मौत के बाद परिवार के सामने बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई है। परिजनों ने बताया कि उन्हें उम्मीद थी कि फुलवा देवी ठीक होकर घर लौट आएंगी, लेकिन पटना में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जमुई जिले के झाझा प्रखंड के लहर्नियाटांड़ गांव में एक महिला की ई-रिक्शा (टोटो) की टक्कर से मौत हो गई। महिला 13 सितंबर की शाम गंभीर रूप से घायल हुई थी। इलाज के दौरान बुधवार देर शाम पटना में उसने दम तोड़ दिया। मृतका की पहचान लहर्नियाटांड़ गांव निवासी राकेश यादव की 37 वर्षीय पत्नी फुलवा देवी के रूप में हुई है। गुरुवार सुबह शव को पोस्टमार्टम के लिए जमुई सदर अस्पताल लाया गया। जरूरी कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। बताया गया कि 13 सितंबर की शाम करीब छह बजे फुलवा देवी अपने घर के पास थीं। तभी पीछे से आ रहे एक ई-रिक्शा ने उन्हें टक्कर मार दी। डॉक्टरों ने गंभीर हालत देखते हुए पटना किया था रेफर हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से उन्हें सदर अस्पताल लाया गया। वहां डॉक्टरों ने उनकी गंभीर हालत देखकर बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया। परिजन उन्हें पटना ले गए, जहां कई दिनों तक उनका इलाज चला। बुधवार देर शाम इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। गुरुवार को पटना से शव जमुई सदर अस्पताल लाया गया। पुलिस ने जरूरी कागजी कार्रवाई पूरी कर शव का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। फुलवा देवी की मौत से परिवार में मातम छा गया है। मजदूरी से मृतका के परिवार का होता है गुजारा मृतका के दो बेटे और एक बेटी है। बेटी की शादी हो चुकी है। उनके पति राकेश यादव मजदूरी और खेती का काम करते हैं। इसी से परिवार का गुजारा होता है। पत्नी की मौत के बाद परिवार के सामने बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई है। परिजनों ने बताया कि उन्हें उम्मीद थी कि फुलवा देवी ठीक होकर घर लौट आएंगी, लेकिन पटना में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

