झांसी में गर्लफ्रेंड नीलू देवी और उसके 3 साल के बेटे कृष्णा की हत्या के आरोपी चतुर्भुज उर्फ राजीव पटेल को जेल में ही रहना पड़ेगा। जिला सत्र न्यायाधीश कमलेश कच्छल ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी। आरोप है कि राजीव ने कुल्हाड़ी से दोनों की हत्या की थी। नीलू का शव सड़क किनारे फेंक दिया, जबकि बच्चे के शव को भूसे में छिपाकर जला दिया था। आरोपी की पत्नी की शिकायत से पूरे मामले का खुलासा हुआ था। गुड़गांव से नीलू को गांव लेकर आया था आरोपी डीजीसी क्राइम मृदुल कांत श्रीवास्तव के मुताबिक, 5 अप्रैल 2026 को लहचूरा थाना क्षेत्र के बरौटा गांव में सड़क किनारे एक अज्ञात महिला का शव मिला था। पहचान नहीं होने पर पुलिस ने थाने में दर्ज महिला संबंधी शिकायतों के आधार पर शिकायतकर्ताओं से संपर्क किया। इसी दौरान पुलिस की बात बरौटा निवासी हेमलता से हुई। उसने बताया कि उसके पति चतुर्भुज ने गुजरात के वलसाड निवासी नीलू देवी को पत्नी की तरह अपने साथ रखा था। नीलू का 3 साल का बेटा कृष्णा भी था। 2 अप्रैल की रात चतुर्भुज दोनों को लेकर गांव आया था। पहले नीलू, फिर बेटे की हत्या का आरोप पुलिस जांच में सामने आया कि नीलू अपने पति के पास जाने की जिद कर रही थी। इसी बात को लेकर चतुर्भुज और नीलू के बीच विवाद हुआ। आरोप है कि चतुर्भुज ने कुल्हाड़ी से नीलू की हत्या कर दी। बच्चे के चिल्लाने पर उसकी भी हत्या कर दी। आरोपी ने दोनों शव घर में रखे। 4 अप्रैल की रात नीलू का शव सड़क किनारे फेंक आया, जबकि बच्चे के शव को गांव के रामस्वरूप पाल के खेत में भूसे के ढेर में छिपा दिया। भूसे में आग लगाकर बच्चे का शव जलाया 5 अप्रैल की सुबह नीलू का शव मिलने के बाद आरोपी घबरा गया। पुलिस के मुताबिक, उसने 6 अप्रैल की रात भूसे के ढेर में आग लगा दी, जिसमें बच्चे का शव भी जल गया। 8 अप्रैल को पुलिस ने राख से बच्चे की हड्डियां बरामद की थीं। पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया था। अब जिला सत्र न्यायालय ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी है।

