दरभंगा में जहरीला पदार्थ खाने से महिला की मौत:बेटी बोली- चाचा-चाची और दादी ने जबरन खिलाया; विदेश में रह रहे पिता पर भी लगाया आरोप

दरभंगा में जहरीला पदार्थ खाने से महिला की मौत:बेटी बोली- चाचा-चाची और दादी ने जबरन खिलाया; विदेश में रह रहे पिता पर भी लगाया आरोप

दरभंगा के मनीगाछी थाना क्षेत्र के जतूका गांव में जहरीला पदार्थ खाने से 42 वर्षीय फूलबीवी खातून की मौत हो गई। उन्होंने दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (DMCH) में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घटना को लेकर उनकी 17 वर्षीय बेटी हफ्ता परवीन ने चाचा-चाची, दादी और विदेश में रह रहे पिता पर मां को जबरन जहरीला पदार्थ खिलाने का आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। घर से निकालने को लेकर विवाद का आरोप हफ्ता परवीन के अनुसार, उसके चाचा मो. अरमान, चाची सहिस्ता परवीन, दूसरी चाची निलोफर और दादी संजीदा खातून कथित तौर पर उसे और उसकी मां को घर से निकालना चाहते थे। बेटी का आरोप है कि घर छोड़ने से इनकार करने पर सभी ने मिलकर उसकी मां के मुंह में जबरन जहरीला पदार्थ डाल दिया। इसके बाद फूलबीवी खातून की तबीयत बिगड़ने लगी। परिजन उन्हें सकरी स्थित एक निजी अस्पताल ले गए। वहां हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने DMCH रेफर कर दिया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। विदेश में रह रहे पिता पर भी लगाया आरोप बेटी ने अपने पिता मतीन अशरफ उर्फ तमन्ने पर भी घटना में संलिप्त होने का आरोप लगाया है। उसका दावा है कि विदेश में रह रहे पिता फोन के माध्यम से कथित तौर पर घटना को अंजाम देने का निर्देश दे रहे थे। उसने अपने एक अन्य चाचा मोहम्मद सद्दल उर्फ शम्मी की संलिप्तता का भी आरोप लगाया है। हफ्ता परवीन ने बताया कि उसकी मां की शादी करीब 18 साल पहले हुई थी और वह उनकी इकलौती संतान है। उसने अपने पिता की अन्य शादियों का भी जिक्र किया। हालांकि, घटना की वजह और पारिवारिक विवाद से जुड़े सभी पहलुओं की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा शव महिला की मौत के बाद बेंता थाने की पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। फिलहाल, नाबालिग बेटी की ओर से लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है। जहरीला पदार्थ खाने की परिस्थितियों, आरोपितों की भूमिका और घटना की वास्तविक वजह का पता पुलिस जांच के बाद ही चल सकेगा। दरभंगा के मनीगाछी थाना क्षेत्र के जतूका गांव में जहरीला पदार्थ खाने से 42 वर्षीय फूलबीवी खातून की मौत हो गई। उन्होंने दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (DMCH) में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घटना को लेकर उनकी 17 वर्षीय बेटी हफ्ता परवीन ने चाचा-चाची, दादी और विदेश में रह रहे पिता पर मां को जबरन जहरीला पदार्थ खिलाने का आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। घर से निकालने को लेकर विवाद का आरोप हफ्ता परवीन के अनुसार, उसके चाचा मो. अरमान, चाची सहिस्ता परवीन, दूसरी चाची निलोफर और दादी संजीदा खातून कथित तौर पर उसे और उसकी मां को घर से निकालना चाहते थे। बेटी का आरोप है कि घर छोड़ने से इनकार करने पर सभी ने मिलकर उसकी मां के मुंह में जबरन जहरीला पदार्थ डाल दिया। इसके बाद फूलबीवी खातून की तबीयत बिगड़ने लगी। परिजन उन्हें सकरी स्थित एक निजी अस्पताल ले गए। वहां हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने DMCH रेफर कर दिया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। विदेश में रह रहे पिता पर भी लगाया आरोप बेटी ने अपने पिता मतीन अशरफ उर्फ तमन्ने पर भी घटना में संलिप्त होने का आरोप लगाया है। उसका दावा है कि विदेश में रह रहे पिता फोन के माध्यम से कथित तौर पर घटना को अंजाम देने का निर्देश दे रहे थे। उसने अपने एक अन्य चाचा मोहम्मद सद्दल उर्फ शम्मी की संलिप्तता का भी आरोप लगाया है। हफ्ता परवीन ने बताया कि उसकी मां की शादी करीब 18 साल पहले हुई थी और वह उनकी इकलौती संतान है। उसने अपने पिता की अन्य शादियों का भी जिक्र किया। हालांकि, घटना की वजह और पारिवारिक विवाद से जुड़े सभी पहलुओं की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा शव महिला की मौत के बाद बेंता थाने की पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। फिलहाल, नाबालिग बेटी की ओर से लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है। जहरीला पदार्थ खाने की परिस्थितियों, आरोपितों की भूमिका और घटना की वास्तविक वजह का पता पुलिस जांच के बाद ही चल सकेगा।  

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