जौहर ट्रस्ट मनी लॉन्ड्रिंग केस: गाजियाबाद अदालत ने Azam Khan को डासना जेल भेजा

जौहर ट्रस्ट मनी लॉन्ड्रिंग केस: गाजियाबाद अदालत ने Azam Khan को डासना जेल भेजा

गाजियाबाद, एक नवंबर उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद की एक विशेष अदालत ने रविवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता आजम खान को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। एक अधिवक्ता ने यह जानकारी दी। आजम खान के अधिवक्ता दानिश अली ने पत्रकारों को बताया कि सपा नेता को जौहर ट्रस्ट से जुड़े धनशोधन मामले में गाजियाबाद की विशेष अदालत में पेश किया गया था, जहां न्यायाधीश अवनीश कुमार पांडेय ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।

अली के अनुसार, अदालत के इस फैसले के बाद आजम खान को 14 दिन तक गाजियाबाद की डासना जिला जेल में रहना होगा। इससे पहले खान को कड़ी सुरक्षा के बीच अदालत लाया गया था। अदालत परिसर के बाहर उनके कई समर्थक अपने नेता की एक झलक पाने के लिए मौजूद थे।

आजम खान पिछले कुछ वर्षों से अपने खिलाफ दर्ज कई कानूनी मामलों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने हमेशा इन मामलों को राजनीतिक साजिश करार दिया है। अधिकारियों ने बताया कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शनिवार को उन्हें धनशोधन के एक मामले में गिरफ्तार किया था।

इससे कुछ समय पहले ही दस बार विधायक रह चुके तथा लोकसभा एवं राज्यसभा के सदस्य रहे आजम खान व उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान को रामपुर जेल से जमानत पर रिहा किया गया था। दोनों कथित तौर पर दो पैन कार्ड रखने के मामले में जेल में बंद थे। अधिवक्ता अली ने बताया कि उन्होंने अदालत को सूचित किया कि इस मामले में धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की धारा 19 का उल्लंघन किया गया है।

वहीं, ईडी के अधिवक्ताओं ने आरोपी की हिरासत का पुरजोर अनुरोध किया। ईडी के अधिवक्ताओं ने अदालत को बताया कि मामले से जुड़े वित्तीय लेन-देन, बेनामी संपत्तियों को सौंपने और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों के बारे में आजम खान से विस्तार से पूछताछ करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष जांच और सच्चाई सामने लाने के लिए आरोपी से आमने-सामने पूछताछ आवश्यक है।

ईडी ने आजम खान और अन्य लोगों के खिलाफ धनशोधन का मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा उनके और उनके कथित सहयोगियों के खिलाफ दर्ज 58 प्राथमिकी के आधार पर की गई है। अधिकारियों के अनुसार, पिछले सप्ताह बुधवार को ईडी ने रामपुर में खान की ‘मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी’ की जमीन और इमारतों को कुर्क कर लिया था।

इन संपत्तियों का मौजूदा बाजार मूल्य 1,170 करोड़ रुपये आंका गया है। जांच एजेंसी का आरोप है कि सार्वजनिक कार्यों के लिए आवंटित सरकारी धन का इस्तेमाल इस निजी विश्वविद्यालय के निर्माण में किया गया। ईडी ने आरोप लगाया कि खान ने राज्य के नगर विकास मंत्री और उत्तर प्रदेश जल निगम में अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके इन कथित अनियमितताओं को अंजाम दिया।

जुलाई में रामपुर विकास प्राधिकरण ने विश्वविद्यालय परिसर में बनी 38 इमारतों को गिराने का आदेश दिया था, जिसके खिलाफ विश्वविद्यालय ने अपील दायर की थी। इस मामले में ईडी ने अगस्त में छापेमारी की थी और आजम खान से पूछताछ भी की थी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *