जौनपुर में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) की महिलाएं 4 लाख राष्ट्रीय ध्वज तैयार कर रही हैं। इस कार्य को 13 अगस्त तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रत्येक ब्लॉक में 5-5 स्वयं सहायता समूह की महिलाएं इस कार्य में सक्रिय रूप से जुटी हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत गठित कुल 105 महिला स्वयं सहायता समूहों की लगभग 300 सदस्य तिरंगा बनाने का काम कर रही हैं। अब तक 3 लाख झंडे बनाकर वितरित भी किए जा चुके हैं। उपायुक्त स्वरोजगार जितेंद्र प्रताप सिंह ने जानकारी दी कि स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को तिरंगा झंडा बनाने की यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिले में ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत वर्तमान में 19 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं। अभियान के तहत तैयार किए गए सभी तिरंगे 15 अगस्त से पहले सरकारी कार्यालयों, विद्यालयों और आमजन तक पहुंचा दिए जाएंगे। संबंधित विभाग इन झंडों को समूहों से खरीदकर गांवों के घरों में फहराने का कार्य सुनिश्चित करेंगे। एनआरएलएम की ओर से महिला स्वयं सहायता समूह तीन अलग-अलग आकार के तिरंगे झंडे तैयार कर रहे हैं। इन तिरंगों की कीमत अधिकतम 20 रुपये निर्धारित की गई है। तिरंगा बनाने में कॉटन या पॉलिस्टर के कपड़े का उपयोग किया जा रहा है।


