राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जोधपुर के मंडोर जिला अस्पताल में 30.50 करोड़ रुपये की लागत से बने 50 बिस्तर वाले ‘क्रिटिकल केयर ब्लॉक’ को शुरू करने की मांग मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से की है। गहलोत ने आरोप लगाया है कि पिछली कांग्रेस सरकार में यह ‘क्रिटिकल केयर ब्लॉक’ बनवाया गया था पर मौजूदा भाजपा सरकार इसे शुरू तक नहीं करा सकी। गहलोत ने सोशल मीडिया पर एक बयान में कहा कि जोधपुर के मंडोर में 30.50 करोड़ रुपये की लागत से बने 50 बिस्तर के ‘क्रिटिकल केयर ब्लॉक’ का उद्घाटन 16 अगस्त को देश के गृह मंत्री अमित शाह व मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किया था।
उन्होंने दावा किया कि दो महीने बीत गए, पर आज भी यह ब्लॉक बंद पड़ा है। इसके वार्डों के दरवाजे बंद हैं और गलियारों में धूल जमी है। पूर्व मुख्यमंत्री के अनुसार इस अस्पताल में स्वीकृत 34 डॉक्टरों के मुकाबले सिर्फ 18 चिकित्सक कार्यरत हैं।
इसी तरह 65 नर्सिंग अफसर चाहिए, पर 46 ही कार्यरत हैं। एनेस्थीसिया के चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की भी कमी है। उन्होंने इस अस्पताल में चिकित्सक और नर्स की तुरंत तैनाती की मांग करते हुए कहा कि रोजाना करीब 1100 मरीज यहां ‘ओपीडी’ में आते हैं।
गहलोत ने राज्य की भारतीय जनता पार्टी पर कटाक्ष करते हुए कहा,‘‘यह भाजपा सरकार के विकास की हकीकत है। फीता काटने, फोटो खिंचवाने और विज्ञापन छपवाने का काम पूरा हो गया, पर मरीजों को सुविधा नहीं मिल रही।’’
उन्होंने कहा,‘‘हमारी सरकार ने जनहित में 30.5 करोड़ रुपये की लागत से यह ‘क्रिटिकल केयर ब्लॉक’ बनवाया था, पर भाजपा सरकार उसे चालू तक नहीं कर पा रही।’’
गहलोत ने मुख्यमंत्री शर्मा को संबोधित करते हुए कहा कि इस ब्लॉक को अविलंब शुरू किया जाए। उन्होंने एक अन्य पोस्ट में कहा कि पश्चिमी राजस्थान पहले ही सूखे की गंभीर स्थिति से जूझ रहा है और अब जोधपुर शहर पर जलसंकट गहराता जा रहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, “मुख्यमंत्री और राज्य सरकार रोज-रोज नए जल समझौतों के दावे और प्रचार करती है लेकिन जो समझौते पहले से लागू हैं, उनके अनुसार भी राज्य के हक का पानी राज्य को नहीं दिलवा पा रही। यह कथनी और करनी का अंतर है।”
गहलोत के अनुसार, “केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने जून में दावा किया था कि इंदिरा गांधी लिफ्ट कैनाल के तीसरे चरण का पानी सितंबर तक जोधपुर पहुंच जाएगा।”
उन्होंने कहा कि जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) ने 18 अक्टूबर की नई तारीख दी लेकिन वह भी निकल गई और अब नवंबर की बात कही जा रही है। पूर्व मुख्यमंत्री के अनुसार, जोधपुर को रोजाना 500 एमएलडी पानी चाहिए लेकिन अभी करीब 380 एमएलडी ही मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि ‘डबल इंजन’ सरकार को समझौतों के अनुसार राजस्थान के हिस्से का पानी तुरंत दिलवाना सुनिश्चित करना चाहिए। गहलोत ने कहा कि सूखे की इस स्थिति में पानी जोधपुर पहुंचाने की ठोस समय-सीमा तय हो और तब तक शहर के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।

