संतकबीरनगर जिला कारागार में बंदी टुनटुन की मौत के मामले में जांच अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट, वीडियोग्राफी और डॉक्टरों की कॉल डिटेल पर केंद्रित हो गई है। स्थानीय एसआईटी (SIT) ने अपनी पूछताछ पूरी कर ली है। टीम दो से तीन दिनों में जिलाधिकारी (डीएम) को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। वहीं, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वीडियोग्राफी को फोरेंसिक जांच के लिए लखनऊ भेजा जाएगा। जांच का मुख्य बिंदु बंदी के सिर में लगी चोट है। गिरफ्तारी और जेल में दाखिले के समय कराई गई मेडिकल जांच में उसके सिर पर चोट के निशान नहीं मिले थे। टुनटुन जेल से अस्पताल तक सीसीटीवी फुटेज में चलता-फिरता दिखाई दिया था, लेकिन अस्पताल में ईएमओ डॉ. रोहित पांडेय ने उसे ‘ब्रॉट डेड’ (मृत अवस्था में लाया गया) घोषित कर दिया था। सभी कड़ियों को जोड़कर जांच कर रही पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर चोट और मृत्यु से पहले लगी अन्य चोटों का उल्लेख होने के बाद मामला अहम हो गया है। एसआईटी अब इन सभी कड़ियों को जोड़कर जांच कर रही है। लखनऊ की फोरेंसिक टीम पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वीडियोग्राफी की जांच करेगी, ताकि चोटों की प्रकृति और अन्य चिकित्सकीय तथ्यों के संबंध में स्पष्ट राय मिल सके। डॉक्टरों की कॉल डिटेल भी जांच के दायरे में है। गौरतलब है कि धर्मसिंहवा थाना क्षेत्र के अमरहा गांव निवासी टुनटुन को मेंहदावल पुलिस ने 21 सितंबर को चोरी और एनडीपीएस एक्ट के मामले में गिरफ्तार किया था। संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई 28 सितंबर की रात जिला कारागार में उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। परिजनों ने गिरफ्तारी के दौरान पुलिस पर पिटाई कर चोट पहुंचाने का आरोप लगाया था। अब जांच में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मौत से जुड़ी परिस्थितियों की पड़ताल की जा रही है।

