जेपीएससी में धांधली:आयोग के सदस्य अजिता, अनिमा व जमाल को सीआईडी का नोटिस, टीडीपीएल को इंपैनल करने पर पूछे जाएंगे सवाल

जेपीएससी में धांधली:आयोग के सदस्य अजिता, अनिमा व जमाल को सीआईडी का नोटिस, टीडीपीएल को इंपैनल करने पर पूछे जाएंगे सवाल

झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) परीक्षा अनियमितता मामले में लगातार हो रही गिरफ्तारियों और नए खुलासों के बीच अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) की जांच अब आयोग के मौजूदा सदस्यों तक पहुंच गई है। जांच एजेंसी ने जेपीएससी के तीन वर्तमान सदस्य अजिता भट्टाचार्य, अनिमा हांसदा और जमाल अहमद को नोटिस जारी कर तलब किया है। तीनों को क्रमश: 10, 12 और 14 अगस्त को उपस्थित होकर अपना पक्ष रखना होगा। जांच का सबसे अहम सवाल यह है कि परीक्षा कराने वाली एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) पहले से ब्लैकलिस्टेड होने के बावजूद उसे किस आधार पर इंपैनल और चयनित किया गया। इसी निर्णय प्रक्रिया में आयोग के सदस्यों की भूमिका और सहमति की भी पड़ताल होगी।
इस मामले में पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते से चार दौर की पूछताछ के दौरान यह तथ्य सामने आया था कि पीटी परीक्षा का परिणाम जारी करने से पहले तीनों सदस्यों के हस्ताक्षर नहीं लिए गए। ख्यांग्ते ने सफाई दी थी कि नियमानुसार पीटी परीक्षा के परिणाम के लिए सदस्यों के हस्ताक्षर जरूरी नहीं होते। अब जांच एजेंसी यह जानना चाहती है कि इस प्रक्रिया से सदस्य सहमत थे या नहीं। परीक्षा की निगरानी, प्रशासनिक कार्यप्रणाली और डेटा सुरक्षा से जुड़े पहलुओं पर भी उनसे जवाब मांगा जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, बयानों का मिलान करने के बाद पूर्व अध्यक्ष को दोबारा बुलाया जा सकता है। कंप्यूटर ऑपरेटर व अकाउंटेंट से आमने-सामने बैठाकर पूछे सवाल पूर्व अध्यक्ष के कंप्यूटर ऑपरेटर धर्मेंद्र कुमार से दूसरे दिन भी रिमांड पर पूछताछ जारी रही। जांच एजेंसी उसकी भूमिका, जिम्मेदारियों और किन अधिकारियों के ई-मेल वह संचालित करता था, इसकी जानकारी जुटा रही है। दूसरी ओर, टीडीपीएल के अकाउंटेंट रक्षक सिंह से अभ्यर्थियों से संपर्क, ओएमआर शीट में कथित हेराफेरी और वित्तीय लेनदेन के संबंध में आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जा रही है। अब तक कई आरोपी पहुंच चुके हैं जेल अब तक टीडीपीएल के निदेशक रामवीर सिंह, मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी, अकाउंटेंट रक्षक सिंह, तकनीकी प्रोग्रामर उस्मान और एबाद समेत कई कर्मचारी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। आयोग की ओर से उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता, कर्मी सोनू कुमार और कंप्यूटर ऑपरेटर धर्मेंद्र कुमार भी जेल भेजे जा चुके हैं। गलत तरीके से परीक्षा पास करने वाले चार अभ्यर्थी और तीन दलाल भी पकड़े गए हैं। एजेंसी को उम्मीद है कि आयोग के सदस्यों से पूछताछ के बाद नए तथ्य सामने आ सकते हैं। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) परीक्षा अनियमितता मामले में लगातार हो रही गिरफ्तारियों और नए खुलासों के बीच अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) की जांच अब आयोग के मौजूदा सदस्यों तक पहुंच गई है। जांच एजेंसी ने जेपीएससी के तीन वर्तमान सदस्य अजिता भट्टाचार्य, अनिमा हांसदा और जमाल अहमद को नोटिस जारी कर तलब किया है। तीनों को क्रमश: 10, 12 और 14 अगस्त को उपस्थित होकर अपना पक्ष रखना होगा। जांच का सबसे अहम सवाल यह है कि परीक्षा कराने वाली एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) पहले से ब्लैकलिस्टेड होने के बावजूद उसे किस आधार पर इंपैनल और चयनित किया गया। इसी निर्णय प्रक्रिया में आयोग के सदस्यों की भूमिका और सहमति की भी पड़ताल होगी।
इस मामले में पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते से चार दौर की पूछताछ के दौरान यह तथ्य सामने आया था कि पीटी परीक्षा का परिणाम जारी करने से पहले तीनों सदस्यों के हस्ताक्षर नहीं लिए गए। ख्यांग्ते ने सफाई दी थी कि नियमानुसार पीटी परीक्षा के परिणाम के लिए सदस्यों के हस्ताक्षर जरूरी नहीं होते। अब जांच एजेंसी यह जानना चाहती है कि इस प्रक्रिया से सदस्य सहमत थे या नहीं। परीक्षा की निगरानी, प्रशासनिक कार्यप्रणाली और डेटा सुरक्षा से जुड़े पहलुओं पर भी उनसे जवाब मांगा जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, बयानों का मिलान करने के बाद पूर्व अध्यक्ष को दोबारा बुलाया जा सकता है। कंप्यूटर ऑपरेटर व अकाउंटेंट से आमने-सामने बैठाकर पूछे सवाल पूर्व अध्यक्ष के कंप्यूटर ऑपरेटर धर्मेंद्र कुमार से दूसरे दिन भी रिमांड पर पूछताछ जारी रही। जांच एजेंसी उसकी भूमिका, जिम्मेदारियों और किन अधिकारियों के ई-मेल वह संचालित करता था, इसकी जानकारी जुटा रही है। दूसरी ओर, टीडीपीएल के अकाउंटेंट रक्षक सिंह से अभ्यर्थियों से संपर्क, ओएमआर शीट में कथित हेराफेरी और वित्तीय लेनदेन के संबंध में आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जा रही है। अब तक कई आरोपी पहुंच चुके हैं जेल अब तक टीडीपीएल के निदेशक रामवीर सिंह, मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी, अकाउंटेंट रक्षक सिंह, तकनीकी प्रोग्रामर उस्मान और एबाद समेत कई कर्मचारी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। आयोग की ओर से उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता, कर्मी सोनू कुमार और कंप्यूटर ऑपरेटर धर्मेंद्र कुमार भी जेल भेजे जा चुके हैं। गलत तरीके से परीक्षा पास करने वाले चार अभ्यर्थी और तीन दलाल भी पकड़े गए हैं। एजेंसी को उम्मीद है कि आयोग के सदस्यों से पूछताछ के बाद नए तथ्य सामने आ सकते हैं।  

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जेपीएससी में धांधली:आयोग के सदस्य अजिता, अनिमा व जमाल को सीआईडी का नोटिस, टीडीपीएल को इंपैनल करने पर पूछे जाएंगे सवाल

जेपीएससी में धांधली:आयोग के सदस्य अजिता, अनिमा व जमाल को सीआईडी का नोटिस, टीडीपीएल को इंपैनल करने पर पूछे जाएंगे सवाल

झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) परीक्षा अनियमितता मामले में लगातार हो रही गिरफ्तारियों और नए खुलासों के बीच अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) की जांच अब आयोग के मौजूदा सदस्यों तक पहुंच गई है। जांच एजेंसी ने जेपीएससी के तीन वर्तमान सदस्य अजिता भट्टाचार्य, अनिमा हांसदा और जमाल अहमद को नोटिस जारी कर तलब किया है। तीनों को क्रमश: 10, 12 और 14 अगस्त को उपस्थित होकर अपना पक्ष रखना होगा। जांच का सबसे अहम सवाल यह है कि परीक्षा कराने वाली एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) पहले से ब्लैकलिस्टेड होने के बावजूद उसे किस आधार पर इंपैनल और चयनित किया गया। इसी निर्णय प्रक्रिया में आयोग के सदस्यों की भूमिका और सहमति की भी पड़ताल होगी।
इस मामले में पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते से चार दौर की पूछताछ के दौरान यह तथ्य सामने आया था कि पीटी परीक्षा का परिणाम जारी करने से पहले तीनों सदस्यों के हस्ताक्षर नहीं लिए गए। ख्यांग्ते ने सफाई दी थी कि नियमानुसार पीटी परीक्षा के परिणाम के लिए सदस्यों के हस्ताक्षर जरूरी नहीं होते। अब जांच एजेंसी यह जानना चाहती है कि इस प्रक्रिया से सदस्य सहमत थे या नहीं। परीक्षा की निगरानी, प्रशासनिक कार्यप्रणाली और डेटा सुरक्षा से जुड़े पहलुओं पर भी उनसे जवाब मांगा जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, बयानों का मिलान करने के बाद पूर्व अध्यक्ष को दोबारा बुलाया जा सकता है। कंप्यूटर ऑपरेटर व अकाउंटेंट से आमने-सामने बैठाकर पूछे सवाल पूर्व अध्यक्ष के कंप्यूटर ऑपरेटर धर्मेंद्र कुमार से दूसरे दिन भी रिमांड पर पूछताछ जारी रही। जांच एजेंसी उसकी भूमिका, जिम्मेदारियों और किन अधिकारियों के ई-मेल वह संचालित करता था, इसकी जानकारी जुटा रही है। दूसरी ओर, टीडीपीएल के अकाउंटेंट रक्षक सिंह से अभ्यर्थियों से संपर्क, ओएमआर शीट में कथित हेराफेरी और वित्तीय लेनदेन के संबंध में आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जा रही है। अब तक कई आरोपी पहुंच चुके हैं जेल अब तक टीडीपीएल के निदेशक रामवीर सिंह, मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी, अकाउंटेंट रक्षक सिंह, तकनीकी प्रोग्रामर उस्मान और एबाद समेत कई कर्मचारी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। आयोग की ओर से उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता, कर्मी सोनू कुमार और कंप्यूटर ऑपरेटर धर्मेंद्र कुमार भी जेल भेजे जा चुके हैं। गलत तरीके से परीक्षा पास करने वाले चार अभ्यर्थी और तीन दलाल भी पकड़े गए हैं। एजेंसी को उम्मीद है कि आयोग के सदस्यों से पूछताछ के बाद नए तथ्य सामने आ सकते हैं। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) परीक्षा अनियमितता मामले में लगातार हो रही गिरफ्तारियों और नए खुलासों के बीच अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) की जांच अब आयोग के मौजूदा सदस्यों तक पहुंच गई है। जांच एजेंसी ने जेपीएससी के तीन वर्तमान सदस्य अजिता भट्टाचार्य, अनिमा हांसदा और जमाल अहमद को नोटिस जारी कर तलब किया है। तीनों को क्रमश: 10, 12 और 14 अगस्त को उपस्थित होकर अपना पक्ष रखना होगा। जांच का सबसे अहम सवाल यह है कि परीक्षा कराने वाली एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) पहले से ब्लैकलिस्टेड होने के बावजूद उसे किस आधार पर इंपैनल और चयनित किया गया। इसी निर्णय प्रक्रिया में आयोग के सदस्यों की भूमिका और सहमति की भी पड़ताल होगी।
इस मामले में पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते से चार दौर की पूछताछ के दौरान यह तथ्य सामने आया था कि पीटी परीक्षा का परिणाम जारी करने से पहले तीनों सदस्यों के हस्ताक्षर नहीं लिए गए। ख्यांग्ते ने सफाई दी थी कि नियमानुसार पीटी परीक्षा के परिणाम के लिए सदस्यों के हस्ताक्षर जरूरी नहीं होते। अब जांच एजेंसी यह जानना चाहती है कि इस प्रक्रिया से सदस्य सहमत थे या नहीं। परीक्षा की निगरानी, प्रशासनिक कार्यप्रणाली और डेटा सुरक्षा से जुड़े पहलुओं पर भी उनसे जवाब मांगा जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, बयानों का मिलान करने के बाद पूर्व अध्यक्ष को दोबारा बुलाया जा सकता है। कंप्यूटर ऑपरेटर व अकाउंटेंट से आमने-सामने बैठाकर पूछे सवाल पूर्व अध्यक्ष के कंप्यूटर ऑपरेटर धर्मेंद्र कुमार से दूसरे दिन भी रिमांड पर पूछताछ जारी रही। जांच एजेंसी उसकी भूमिका, जिम्मेदारियों और किन अधिकारियों के ई-मेल वह संचालित करता था, इसकी जानकारी जुटा रही है। दूसरी ओर, टीडीपीएल के अकाउंटेंट रक्षक सिंह से अभ्यर्थियों से संपर्क, ओएमआर शीट में कथित हेराफेरी और वित्तीय लेनदेन के संबंध में आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जा रही है। अब तक कई आरोपी पहुंच चुके हैं जेल अब तक टीडीपीएल के निदेशक रामवीर सिंह, मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी, अकाउंटेंट रक्षक सिंह, तकनीकी प्रोग्रामर उस्मान और एबाद समेत कई कर्मचारी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। आयोग की ओर से उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता, कर्मी सोनू कुमार और कंप्यूटर ऑपरेटर धर्मेंद्र कुमार भी जेल भेजे जा चुके हैं। गलत तरीके से परीक्षा पास करने वाले चार अभ्यर्थी और तीन दलाल भी पकड़े गए हैं। एजेंसी को उम्मीद है कि आयोग के सदस्यों से पूछताछ के बाद नए तथ्य सामने आ सकते हैं।  

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