जिस आंगन में बहू बनकर आईं, वहीं से अंतिम विदाई

जिस आंगन में बहू बनकर आईं, वहीं से अंतिम विदाई

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन का अंतिम संस्कार गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को उनके पैतृक गांव नेमरा (रामगढ़) में संथाली रीति-रिवाजों और राजकीय सम्मान के साथ संपन्न हुआ। आवास पर पारंपरिक संथाली रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम विदाई की रस्में पूरी की गईं। इसके बाद पार्थिव शरीर को ढेकानाला घाट ले जाया गया। अंतिम दर्शन के लिए हजारों की संख्या में ग्रामीण, समर्थक और राज्यभर के नेता पहुंचे। भारी भीड़ को देखते हुए वाहनों को गांव से बाहर ही रोक दिया गया था, जिससे लोग लगभग 7 किलोमीटर पैदल चलकर नेमरा पहुंचे। सुरक्षा के लिए जैप की कई कंपनियां और जिला प्रशासन तैनात रहा। मुखाग्नि के बाद अपने परिवार के लोगों के साथ बातचीत करते सीएम हेमंत सोरेन। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन का अंतिम संस्कार गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को उनके पैतृक गांव नेमरा (रामगढ़) में संथाली रीति-रिवाजों और राजकीय सम्मान के साथ संपन्न हुआ। आवास पर पारंपरिक संथाली रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम विदाई की रस्में पूरी की गईं। इसके बाद पार्थिव शरीर को ढेकानाला घाट ले जाया गया। अंतिम दर्शन के लिए हजारों की संख्या में ग्रामीण, समर्थक और राज्यभर के नेता पहुंचे। भारी भीड़ को देखते हुए वाहनों को गांव से बाहर ही रोक दिया गया था, जिससे लोग लगभग 7 किलोमीटर पैदल चलकर नेमरा पहुंचे। सुरक्षा के लिए जैप की कई कंपनियां और जिला प्रशासन तैनात रहा। मुखाग्नि के बाद अपने परिवार के लोगों के साथ बातचीत करते सीएम हेमंत सोरेन।  

​

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *