जामताड़ा जिले में मां कालरात्रि की पूजा धूमधाम से हो रही है। मंदिरों के पट खुलते ही सुबह से श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। शहर के पूजा पंडाल आकर्षक रूप से सजे हैं, जिससे पूरा शहर रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा उठा है। बाजार रोड स्थित दुर्गा पूजा कमेटी अपना 111वां दुर्गोत्सव मना रही है। यहां राजघराने के समय से पूजा की परंपरा है। राजा अजीत सिंह के परिवार की ओर से विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। कमेटी के कोषाध्यक्ष सोमत सेन ने बताया कि यहां मां दुर्गा को जागृत माता के रूप में पूजा जाता है और श्रद्धालु मानते हैं कि मन्नतें पूरी होती हैं। मां दुर्गा की प्रतिमा को स्वर्ण आभूषणों से सजाया जाता है, जो भक्तों के दान से तैयार होते हैं। वैष्णव पद्धति से पूजा होती है। नवमी के दिन अनाथ आश्रम और वृद्धाश्रम में प्रसाद बांटा जाता है। पूजा व्यवस्था में कमेटी के 150 से ज्यादा सदस्य लगे रहते हैं। शहर के पूजा पंडालों में भी उत्साह जामताड़ा के कोर्ट रोड स्थित दुर्गा पूजा कमेटी वर्ष 1992 से मां दुर्गा की पूजा-अर्चना करती आ रही है। वहीं, कास्टपाड़ा सार्वजनिक पूजा कमेटी इस वर्ष अपना 53वां दुर्गोत्सव मना रही है। न्यू टाउन दुर्गा पूजा कमेटी की ओर से गांधी मैदान में भव्य आयोजन किया गया है। इसके अलावा दुमका रोड स्थित यज्ञ मैदान दुर्गा पूजा कमेटी इस वर्ष अपना 39वां दुर्गोत्सव मना रही है। सभी पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की आवाजाही और उत्साह देखने को मिल रहा है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन सतर्क दुर्गोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। विभिन्न पूजा पंडालों में सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी रखी जा रही है। जामताड़ा बाजार में बड़े वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है। जगह-जगह बैरिकेडिंग कर भीड़ को नियंत्रित करने की व्यवस्था की गई है। जामताड़ा जिले में मां कालरात्रि की पूजा धूमधाम से हो रही है। मंदिरों के पट खुलते ही सुबह से श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। शहर के पूजा पंडाल आकर्षक रूप से सजे हैं, जिससे पूरा शहर रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा उठा है। बाजार रोड स्थित दुर्गा पूजा कमेटी अपना 111वां दुर्गोत्सव मना रही है। यहां राजघराने के समय से पूजा की परंपरा है। राजा अजीत सिंह के परिवार की ओर से विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। कमेटी के कोषाध्यक्ष सोमत सेन ने बताया कि यहां मां दुर्गा को जागृत माता के रूप में पूजा जाता है और श्रद्धालु मानते हैं कि मन्नतें पूरी होती हैं। मां दुर्गा की प्रतिमा को स्वर्ण आभूषणों से सजाया जाता है, जो भक्तों के दान से तैयार होते हैं। वैष्णव पद्धति से पूजा होती है। नवमी के दिन अनाथ आश्रम और वृद्धाश्रम में प्रसाद बांटा जाता है। पूजा व्यवस्था में कमेटी के 150 से ज्यादा सदस्य लगे रहते हैं। शहर के पूजा पंडालों में भी उत्साह जामताड़ा के कोर्ट रोड स्थित दुर्गा पूजा कमेटी वर्ष 1992 से मां दुर्गा की पूजा-अर्चना करती आ रही है। वहीं, कास्टपाड़ा सार्वजनिक पूजा कमेटी इस वर्ष अपना 53वां दुर्गोत्सव मना रही है। न्यू टाउन दुर्गा पूजा कमेटी की ओर से गांधी मैदान में भव्य आयोजन किया गया है। इसके अलावा दुमका रोड स्थित यज्ञ मैदान दुर्गा पूजा कमेटी इस वर्ष अपना 39वां दुर्गोत्सव मना रही है। सभी पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की आवाजाही और उत्साह देखने को मिल रहा है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन सतर्क दुर्गोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। विभिन्न पूजा पंडालों में सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी रखी जा रही है। जामताड़ा बाजार में बड़े वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है। जगह-जगह बैरिकेडिंग कर भीड़ को नियंत्रित करने की व्यवस्था की गई है।

