गयाजी शहर के चंदौती थाना क्षेत्र के नियाजीपुर में एक युवक पर फायरिंग हुई थी। एफआईआर दर्ज होने के 22 दिन बाद भी नामजद आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इससे पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। पीड़ित अनुज कुमार ने मामले में आईजी विकास वैभव से दखल देने की मांग की है। उन्होंने आरोपितों की जल्द गिरफ्तारी, निष्पक्ष जांच और अपने परिवार की सुरक्षा की गुहार लगाई है। सोमवार को पीड़ित ने आईजी विकास वैभव से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी दी और लिखित आवेदन सौंपा। अनुज कुमार ने बताया कि यह घटना 23 अगस्त 2026 की रात हुई थी। वह बालाजी नगर में अपनी लाइट की दुकान बंद कर बाइक से घर लौट रहे थे। नियाजीपुर गांव के पास कुछ लोगों ने उन्हें रोक लिया। अनुज का आरोप है कि उनके साथ मारपीट की गई। जब वह जान बचाकर भागने लगे, तो आरोपितों ने उन पर करीब तीन-चार राउंड फायरिंग की। घटनास्थल से 3 खोखे मिले थे फायरिंग की आवाज सुनकर इलाके में हलचल मच गई। सूचना मिलने पर 112 की टीम मौके पर पहुंची। पीड़ित के अनुसार, घटनास्थल से तीन खाली खोखे भी मिले थे। इस मामले में चंदौती थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। एफआईआर में मनीष गुप्ता, पवन गुप्ता, कन्हैया कुमार, ऋषि पटेल और सन्नी पटेल समेत कई अन्य लोगों को नामजद किया गया है। अनुज कुमार का आरोप है कि घटना के 22 दिन बाद भी किसी भी नामजद आरोपित को गिरफ्तार नहीं किया गया है। उनका कहना है कि आरोपित खुलेआम घूम रहे हैं, जिससे उन्हें और उनके परिवार को लगातार डर लग रहा है। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि नामजद आरोपित दबंग किस्म के हैं। पहले भी विवाद को लेकर उनके परिवार को धमकी दी जा चुकी है।
फिर से हमले की आशंका पीड़ित युवक अनुज कुमार का कहना है कि जिस तरह हमला करने के बाद फायरिंग की गई, उससे उन्हें दोबारा किसी गंभीर वारदात की आशंका सता रही है। उनका आरोप है कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद भी जांच और गिरफ्तारी की दिशा में अपेक्षित तेजी नहीं दिखाई जा रही है। पीड़ित ने पुलिस के डीएसपी स्तर की कार्रवाई पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि मामले में प्रभावी हस्तक्षेप की जरूरत है। चंदौती थानाध्यक्ष अनिल चौधरी ने बताया की घटना को लेकर प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले का सुपरविजन किया जाना बाकि है। तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। गयाजी शहर के चंदौती थाना क्षेत्र के नियाजीपुर में एक युवक पर फायरिंग हुई थी। एफआईआर दर्ज होने के 22 दिन बाद भी नामजद आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इससे पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। पीड़ित अनुज कुमार ने मामले में आईजी विकास वैभव से दखल देने की मांग की है। उन्होंने आरोपितों की जल्द गिरफ्तारी, निष्पक्ष जांच और अपने परिवार की सुरक्षा की गुहार लगाई है। सोमवार को पीड़ित ने आईजी विकास वैभव से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी दी और लिखित आवेदन सौंपा। अनुज कुमार ने बताया कि यह घटना 23 अगस्त 2026 की रात हुई थी। वह बालाजी नगर में अपनी लाइट की दुकान बंद कर बाइक से घर लौट रहे थे। नियाजीपुर गांव के पास कुछ लोगों ने उन्हें रोक लिया। अनुज का आरोप है कि उनके साथ मारपीट की गई। जब वह जान बचाकर भागने लगे, तो आरोपितों ने उन पर करीब तीन-चार राउंड फायरिंग की। घटनास्थल से 3 खोखे मिले थे फायरिंग की आवाज सुनकर इलाके में हलचल मच गई। सूचना मिलने पर 112 की टीम मौके पर पहुंची। पीड़ित के अनुसार, घटनास्थल से तीन खाली खोखे भी मिले थे। इस मामले में चंदौती थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। एफआईआर में मनीष गुप्ता, पवन गुप्ता, कन्हैया कुमार, ऋषि पटेल और सन्नी पटेल समेत कई अन्य लोगों को नामजद किया गया है। अनुज कुमार का आरोप है कि घटना के 22 दिन बाद भी किसी भी नामजद आरोपित को गिरफ्तार नहीं किया गया है। उनका कहना है कि आरोपित खुलेआम घूम रहे हैं, जिससे उन्हें और उनके परिवार को लगातार डर लग रहा है। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि नामजद आरोपित दबंग किस्म के हैं। पहले भी विवाद को लेकर उनके परिवार को धमकी दी जा चुकी है।
फिर से हमले की आशंका पीड़ित युवक अनुज कुमार का कहना है कि जिस तरह हमला करने के बाद फायरिंग की गई, उससे उन्हें दोबारा किसी गंभीर वारदात की आशंका सता रही है। उनका आरोप है कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद भी जांच और गिरफ्तारी की दिशा में अपेक्षित तेजी नहीं दिखाई जा रही है। पीड़ित ने पुलिस के डीएसपी स्तर की कार्रवाई पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि मामले में प्रभावी हस्तक्षेप की जरूरत है। चंदौती थानाध्यक्ष अनिल चौधरी ने बताया की घटना को लेकर प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले का सुपरविजन किया जाना बाकि है। तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

