मुजफ्फरपुर में कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता चित्रा बाथम ने केंद्र सरकार की ओर से तैयार किए गए जातिगत जनगणना के प्रारूप को ओबीसी समाज के साथ छलावा बताया है। शनिवार को जिला कांग्रेस कार्यालय, तिलक मैदान में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। बाथम ने कहा कि प्रारूप के 10वें कॉलम से स्पष्ट है कि मोदी सरकार वास्तविक जातिगत जनगणना कराने से बचना चाहती है। चित्रा बाथम ने प्रारूप की कमियों का जिक्र करते हुए कहा कि जाति के लिए इसमें ‘ओपन ऑप्शन’ रखा गया है। उनका दावा है कि इसके कारण कई प्रमुख जातियों की उपजातियां और गोत्र भी अलग-अलग दर्ज हो सकते हैं। इससे जातियों की वास्तविक संख्या का सही आकलन करना मुश्किल हो जाएगा। सही आंकड़े नहीं आए तो संसाधनों का समान बंटवारा संभव नहीं कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि अगर देश में जातियों की वास्तविक संख्या के सही आंकड़े सामने नहीं आए, तो सरकार के लिए देश के संसाधनों, बजट और कल्याणकारी योजनाओं का सही और समान वितरण करना मुश्किल होगा। उन्होंने कहा कि इसका सीधा नुकसान पिछड़ा और अति पिछड़ा वर्ग को उठाना पड़ेगा और वे अपने अधिकारों से वंचित रह जाएंगे। चित्रा बाथम का PM मोदी पर सीधा हमला चित्रा बाथम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी ने राजनीतिक लाभ के लिए अपनी जाति को ओबीसी वर्ग से जोड़कर समाज को गुमराह किया है। बाथम ने कहा कि अब सरकार एक बार फिर कथित तौर पर पूरे ओबीसी समाज को धोखा देने की कोशिश कर रही है, जिसे कांग्रेस बर्दाश्त नहीं करेगी। राहुल गांधी और खड़गे ने प्रधानमंत्री को लिखी चिट्ठी बाथम ने कहा कि कांग्रेस ओबीसी समाज के हक और अधिकारों के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं होने देगी। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे की गंभीरता को देखते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि पत्र के माध्यम से जातिगत जनगणना के प्रारूप में तत्काल सुधार करने की मांग की गई है। मुजफ्फरपुर में कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता चित्रा बाथम ने केंद्र सरकार की ओर से तैयार किए गए जातिगत जनगणना के प्रारूप को ओबीसी समाज के साथ छलावा बताया है। शनिवार को जिला कांग्रेस कार्यालय, तिलक मैदान में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। बाथम ने कहा कि प्रारूप के 10वें कॉलम से स्पष्ट है कि मोदी सरकार वास्तविक जातिगत जनगणना कराने से बचना चाहती है। चित्रा बाथम ने प्रारूप की कमियों का जिक्र करते हुए कहा कि जाति के लिए इसमें ‘ओपन ऑप्शन’ रखा गया है। उनका दावा है कि इसके कारण कई प्रमुख जातियों की उपजातियां और गोत्र भी अलग-अलग दर्ज हो सकते हैं। इससे जातियों की वास्तविक संख्या का सही आकलन करना मुश्किल हो जाएगा। सही आंकड़े नहीं आए तो संसाधनों का समान बंटवारा संभव नहीं कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि अगर देश में जातियों की वास्तविक संख्या के सही आंकड़े सामने नहीं आए, तो सरकार के लिए देश के संसाधनों, बजट और कल्याणकारी योजनाओं का सही और समान वितरण करना मुश्किल होगा। उन्होंने कहा कि इसका सीधा नुकसान पिछड़ा और अति पिछड़ा वर्ग को उठाना पड़ेगा और वे अपने अधिकारों से वंचित रह जाएंगे। चित्रा बाथम का PM मोदी पर सीधा हमला चित्रा बाथम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी ने राजनीतिक लाभ के लिए अपनी जाति को ओबीसी वर्ग से जोड़कर समाज को गुमराह किया है। बाथम ने कहा कि अब सरकार एक बार फिर कथित तौर पर पूरे ओबीसी समाज को धोखा देने की कोशिश कर रही है, जिसे कांग्रेस बर्दाश्त नहीं करेगी। राहुल गांधी और खड़गे ने प्रधानमंत्री को लिखी चिट्ठी बाथम ने कहा कि कांग्रेस ओबीसी समाज के हक और अधिकारों के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं होने देगी। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे की गंभीरता को देखते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि पत्र के माध्यम से जातिगत जनगणना के प्रारूप में तत्काल सुधार करने की मांग की गई है।

