आगरा में अखंड भारत परशुराम सेना के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने सोमवार को जातिगत आरक्षण समाप्त करने की मांग को लेकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन उपजिलाधिकारी किरावली अभिनव पाठक को सौंपा। ज्ञापन में आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा कर इसे समाप्त करने की दिशा में न्यायोचित कार्रवाई की मांग की गई। ज्ञापन में कहा गया कि वर्तमान समय में जातिगत आरक्षण के कारण समाज में असंतोष और वैमनस्यता बढ़ रही है। आरक्षण का उद्देश्य सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों को मुख्यधारा में लाना था, लेकिन लंबे समय बाद भी यह व्यवस्था जारी है। आरोप लगाया गया कि इसका लाभ कई बार सक्षम लोगों तक सीमित रह जाता है, जबकि जरूरतमंद वंचित रह जाते हैं। सेना के पदाधिकारियों ने कहा कि अनारक्षित वर्ग में भी बड़ी संख्या में आर्थिक रूप से कमजोर लोग हैं, जिन्हें मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। ऐसे में आर्थिक आधार पर सहायता और अवसर उपलब्ध कराने पर विचार किया जाना चाहिए। ज्ञापन में सभी नागरिकों को समान अधिकार देने और जातिगत आरक्षण समाप्त करने की मांग की गई। ज्ञापन देने वालों में शिशुपाल कटारा, गिरीश, अशोक मुद्गल, जगदीश, हरिओम मंगल, जितेंद्र सिंह, विपिन अग्रवाल, ओमप्रकाश, रविकांत शर्मा, सुरेश चंद शर्मा, भरत सिंह, रामनरेश और अंकुश बजरंग आदि मौजूद रहे।

