जहानाबाद में शनिवार को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया गया। जिला मुख्यालय के स्वामी सहजानंद सरस्वती महाविद्यालय (एसएस कॉलेज) के सभागार में कार्यक्रम हुआ। इसमें जिला पदाधिकारी छिरिंग वाई भूटिया के नेतृत्व में अधिकारी, शिक्षक, छात्र-छात्राएं और समाजसेवी शामिल हुए। कार्यक्रम में गुजरात में हुए राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह का सीधा प्रसारण किया गया। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन भी शामिल था। लोगों ने प्रसारण देखा और सरदार पटेल के योगदान को याद किया। प्रसारण के बाद जिला पदाधिकारी छिरिंग वाई भूटिया ने कहा कि सरदार पटेल का जीवन देश की एकता, अखंडता और राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने आजादी के बाद देश की अलग-अलग रियासतों को एकजुट करने में भूमिका निभाई थी। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल के आदर्श आज भी प्रासंगिक हैं। सभी को उनके विचार अपनाकर समाज में भाईचारा, सद्भाव और एकजुटता बनाए रखने का प्रयास करना चाहिए। देश की एकता और अखंडता मजबूत करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों, समाजसेवियों और छात्र-छात्राओं ने देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा बनाए रखने तथा इसके लिए समर्पित होकर काम करने की शपथ ली। आयोजन में युवाओं को राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सद्भाव का संदेश दिया गया। जहानाबाद में शनिवार को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया गया। जिला मुख्यालय के स्वामी सहजानंद सरस्वती महाविद्यालय (एसएस कॉलेज) के सभागार में कार्यक्रम हुआ। इसमें जिला पदाधिकारी छिरिंग वाई भूटिया के नेतृत्व में अधिकारी, शिक्षक, छात्र-छात्राएं और समाजसेवी शामिल हुए। कार्यक्रम में गुजरात में हुए राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह का सीधा प्रसारण किया गया। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन भी शामिल था। लोगों ने प्रसारण देखा और सरदार पटेल के योगदान को याद किया। प्रसारण के बाद जिला पदाधिकारी छिरिंग वाई भूटिया ने कहा कि सरदार पटेल का जीवन देश की एकता, अखंडता और राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने आजादी के बाद देश की अलग-अलग रियासतों को एकजुट करने में भूमिका निभाई थी। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल के आदर्श आज भी प्रासंगिक हैं। सभी को उनके विचार अपनाकर समाज में भाईचारा, सद्भाव और एकजुटता बनाए रखने का प्रयास करना चाहिए। देश की एकता और अखंडता मजबूत करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों, समाजसेवियों और छात्र-छात्राओं ने देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा बनाए रखने तथा इसके लिए समर्पित होकर काम करने की शपथ ली। आयोजन में युवाओं को राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सद्भाव का संदेश दिया गया।

