जहानाबाद जिले के मोदनगंज प्रखंड के घोषी थाना क्षेत्र अंतर्गत बंधुगंज पंचायत के परियावां गांव में जमीन विवाद को लेकर चार दलित महिलाओं के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। घटना में घायल महिलाओं का इलाज जहानाबाद सदर अस्पताल में चल रहा है। घटना की जानकारी मिलने के बाद शनिवार को भाकपा-माले की MLC शशि यादव पीड़ित महिलाओं से मिलने जहानाबाद सदर अस्पताल पहुंचीं और उनका हाल जाना। एमएलसी शशि यादव के साथ माले की टीम ने घायल महिलाओं और उनके परिजनों से मुलाकात कर घटना की पूरी जानकारी ली। इसके बाद टीम परियावां गांव भी पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। टीम में माले राज्य कमिटी के सदस्य रवींद्र यादव सहित पार्टी के अन्य नेता शामिल रहे। जमीन विवाद को लेकर घर में घुसकर मारपीट का आरोप बताया जा रहा है कि जमीन विवाद को लेकर दबंगों ने घर में घुसकर महिलाओं के साथ मारपीट की। घटना में महिलाओं के सिर, हाथ और पैर में चोटें आई हैं। घायल महिलाओं के पति रोजगार के सिलसिले में लुधियाना, चेन्नई सहित अन्य राज्यों में रहते हैं। पीड़ित महिलाओं से मुलाकात के बाद शशि यादव ने कहा कि घर में घुसकर महिलाओं के साथ इस तरह मारपीट करना गंभीर मामला है। उन्होंने आरोप लगाया कि अपराधियों और दबंगों का मनोबल बढ़ा हुआ है और दलितों तथा महिलाओं पर लगातार हमले हो रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से परियावां घटना में शामिल सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी करने, पीड़ित महिलाओं को सुरक्षा देने और उनका समुचित इलाज कराने की मांग की। दोषियों की गिरफ्तारी न होने पर भाकपा-माले ने दी आंदोलन की चेतावनी शशि यादव ने कहा कि यदि आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी नहीं हुई तो भाकपा-माले पूरे जिले में आंदोलन करेगी। एमएलसी ने सरकार में शामिल दलित नेताओं चिराग पासवान और जीतन राम मांझी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि दलित हितैषी होने का दावा करने वालों को ऐसी घटनाओं पर चुप्पी तोड़नी चाहिए। माले की ओर से बताया गया कि घटना के विरोध में रविवार को प्रतिरोध मार्च और सभा का आयोजन किया जाएगा। जहानाबाद जिले के मोदनगंज प्रखंड के घोषी थाना क्षेत्र अंतर्गत बंधुगंज पंचायत के परियावां गांव में जमीन विवाद को लेकर चार दलित महिलाओं के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। घटना में घायल महिलाओं का इलाज जहानाबाद सदर अस्पताल में चल रहा है। घटना की जानकारी मिलने के बाद शनिवार को भाकपा-माले की MLC शशि यादव पीड़ित महिलाओं से मिलने जहानाबाद सदर अस्पताल पहुंचीं और उनका हाल जाना। एमएलसी शशि यादव के साथ माले की टीम ने घायल महिलाओं और उनके परिजनों से मुलाकात कर घटना की पूरी जानकारी ली। इसके बाद टीम परियावां गांव भी पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। टीम में माले राज्य कमिटी के सदस्य रवींद्र यादव सहित पार्टी के अन्य नेता शामिल रहे। जमीन विवाद को लेकर घर में घुसकर मारपीट का आरोप बताया जा रहा है कि जमीन विवाद को लेकर दबंगों ने घर में घुसकर महिलाओं के साथ मारपीट की। घटना में महिलाओं के सिर, हाथ और पैर में चोटें आई हैं। घायल महिलाओं के पति रोजगार के सिलसिले में लुधियाना, चेन्नई सहित अन्य राज्यों में रहते हैं। पीड़ित महिलाओं से मुलाकात के बाद शशि यादव ने कहा कि घर में घुसकर महिलाओं के साथ इस तरह मारपीट करना गंभीर मामला है। उन्होंने आरोप लगाया कि अपराधियों और दबंगों का मनोबल बढ़ा हुआ है और दलितों तथा महिलाओं पर लगातार हमले हो रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से परियावां घटना में शामिल सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी करने, पीड़ित महिलाओं को सुरक्षा देने और उनका समुचित इलाज कराने की मांग की। दोषियों की गिरफ्तारी न होने पर भाकपा-माले ने दी आंदोलन की चेतावनी शशि यादव ने कहा कि यदि आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी नहीं हुई तो भाकपा-माले पूरे जिले में आंदोलन करेगी। एमएलसी ने सरकार में शामिल दलित नेताओं चिराग पासवान और जीतन राम मांझी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि दलित हितैषी होने का दावा करने वालों को ऐसी घटनाओं पर चुप्पी तोड़नी चाहिए। माले की ओर से बताया गया कि घटना के विरोध में रविवार को प्रतिरोध मार्च और सभा का आयोजन किया जाएगा।

