जशपुर पुलिस ने सड़क हादसों को रोकने के लिए ‘हेलमेट नहीं तो यात्रा नहीं’ अभियान शुरू किया है। पिछले दो दिनों में 5000 से ज्यादा बिना हेलमेट बाइक चालकों को रोका गया। पुलिस ने चालान काटने के बजाय उन्हें हेलमेट खरीदने को कहा। हेलमेट खरीदकर रसीद दिखाने के बाद ही उन्हें सड़क सुरक्षा की शपथ दिलाकर आगे जाने दिया गया। डीआईजी डॉ. लाल उमेद सिंह और एएसपी राकेश कुमार पाटनवार के निर्देश पर यह अभियान सभी थाना-चौकी इलाकों में चल रहा है। पुलिस का मकसद जुर्माना लेना नहीं, बल्कि लोगों की आदत बदलना है। पुलिस ने सड़क सुरक्षा को लेकर हेलमेट रैलियां, जागरूकता रथ और स्कूल-कॉलेज कार्यक्रम भी चलाए हैं। इन रैलियों में करीब 10 हजार लोग शामिल हुए। 24 जून 2026 को पुलिस ने जिले के 766 गांवों और नगरीय निकायों समेत 800 जगहों पर एक साथ जन चौपाल लगाई। यहां हेलमेट का संदेश दिया गया। इस पहल को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी जगह मिली है। 60 हजार लोगों को सात वचनों की शपथ का लक्ष्य जशपुर पुलिस ने 60 हजार लोगों को सड़क सुरक्षा के 7 वचनों की शपथ दिलाने का लक्ष्य रखा है। इसमें हेलमेट और सीट बेल्ट पहनना, तय गति सीमा में वाहन चलाना, सुरक्षित तरीके से ओवरटेक करना, नशे में गाड़ी नहीं चलाना और यातायात नियमों का पालन करना शामिल है। पुलिस ने सड़क हादसों में कम से कम 50 लोगों की जान बचाने का भी संकल्प लिया है। एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने लोगों से अपील की है कि सफर छोटा हो या लंबा, हेलमेट जरूर पहनें और पीछे बैठने वाले को भी हेलमेट पहनाएं। पुलिस का संदेश है—“एक हेलमेट, कई जिंदगियों की सुरक्षा।”

