बेतिया जिले में जामदार टोला से वसंत टोला होते हुए एनएच-727 को जोड़ने वाली सड़क बदहाली का शिकार है। सड़क पर जगह-जगह एक से दो फीट तक पानी जमा है, जिससे लोगों को आवागमन में भारी परेशानी हो रही है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। पानी भरने के कारण इन गड्ढों की गहराई का अनुमान लगाना मुश्किल हो जाता है। दिन में लोग जोखिम उठाकर आवागमन करते हैं, लेकिन रात में स्थिति और बिगड़ जाती है। पानी और कीचड़ से होकर स्कूल जाते स्टूडेंट अंधेरे में पानी से भरे गड्ढे दिखाई न देने के कारण दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है, जिससे रात के समय इस सड़क पर आवागमन लगभग ठप हो जाता है। इस सड़क की खराब स्थिति का सबसे अधिक खामियाजा स्कूली बच्चों को भुगतना पड़ रहा है। सुबह स्कूल जाते समय बच्चों के कपड़े और स्कूल ड्रेस पानी में भीग जाते हैं। कई बार उन्हें पानी और कीचड़ से होकर स्कूल पहुंचना पड़ता है। स्थानीय निवासी रहीम अंसारी ने बताया कि जलजमाव और बड़े गड्ढे किसी बड़े हादसे को न्योता दे रहे हैं। समस्या दूर करने और मरम्मत कराने की मांग दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह सड़क विशेष रूप से खतरनाक है। पानी के नीचे गड्ढों का अनुमान न लगने के कारण वाहनों के अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों से सड़क का जल्द निरीक्षण कर जलजमाव की समस्या दूर करने और मरम्मत कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में किसी बड़ी दुर्घटना की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस समस्या का स्थायी समाधान कर आवागमन सुचारु करने की अपील की है। बेतिया जिले में जामदार टोला से वसंत टोला होते हुए एनएच-727 को जोड़ने वाली सड़क बदहाली का शिकार है। सड़क पर जगह-जगह एक से दो फीट तक पानी जमा है, जिससे लोगों को आवागमन में भारी परेशानी हो रही है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। पानी भरने के कारण इन गड्ढों की गहराई का अनुमान लगाना मुश्किल हो जाता है। दिन में लोग जोखिम उठाकर आवागमन करते हैं, लेकिन रात में स्थिति और बिगड़ जाती है। पानी और कीचड़ से होकर स्कूल जाते स्टूडेंट अंधेरे में पानी से भरे गड्ढे दिखाई न देने के कारण दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है, जिससे रात के समय इस सड़क पर आवागमन लगभग ठप हो जाता है। इस सड़क की खराब स्थिति का सबसे अधिक खामियाजा स्कूली बच्चों को भुगतना पड़ रहा है। सुबह स्कूल जाते समय बच्चों के कपड़े और स्कूल ड्रेस पानी में भीग जाते हैं। कई बार उन्हें पानी और कीचड़ से होकर स्कूल पहुंचना पड़ता है। स्थानीय निवासी रहीम अंसारी ने बताया कि जलजमाव और बड़े गड्ढे किसी बड़े हादसे को न्योता दे रहे हैं। समस्या दूर करने और मरम्मत कराने की मांग दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह सड़क विशेष रूप से खतरनाक है। पानी के नीचे गड्ढों का अनुमान न लगने के कारण वाहनों के अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों से सड़क का जल्द निरीक्षण कर जलजमाव की समस्या दूर करने और मरम्मत कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में किसी बड़ी दुर्घटना की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस समस्या का स्थायी समाधान कर आवागमन सुचारु करने की अपील की है।

