जरूरत की खबर- बारिश में दूषित हो सकता है पानी:हो सकते हैं गंभीर हेल्थ रिस्क, एक्सपर्ट से जानें वाटर टैंक क्लीनिंग का सही तरीका

जरूरत की खबर- बारिश में दूषित हो सकता है पानी:हो सकते हैं गंभीर हेल्थ रिस्क, एक्सपर्ट से जानें वाटर टैंक क्लीनिंग का सही तरीका

बारिश के मौसम में जल प्रदूषण का रिस्क बढ़ जाता है। कई बार पानी देखने में साफ लगता है, लेकिन उसमें बैक्टीरिया, वायरस और दूसरे हानिकारक सूक्ष्मजीव मौजूद होते हैं। सीवर लीकेज और जलभराव के कारण यह रिस्क बढ़ता है। वही वाटर सप्लाई हमारे घरों में होती है। पानी की टंकी में, अंडर वाटर टैंक में वही पानी इकट्‌ठा होता है। ऐसे में अगर वाटर टैंक की नियमित सफाई न हो या RO के फिल्टर समय पर बदले न जाएं तो वो दूषित पानी हमारे शरीर में पहुंच सकता है। इसे पीने से डायरिया, टाइफाइड और पीलिया जैसी बीमारियों का रिस्क बढ़ जाता है। इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में मानसून में पानी की टंकी और RO की सफाई पर बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट: डॉ. अरविंद अग्रवाल, डायरेक्टर, इंटरनल मेडिसिन, श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट, दिल्ली सवाल- बारिश के मौसम में पानी की टंकी और RO की सफाई पर जोर क्यों दिया जाता है? जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- क्या मानसून में पानी जल्दी दूषित होता है? जवाब- हां, बारिश के दौरान मिट्टी, गंदगी और सीवेज का पानी वाटर सोर्स तक पहुंच जाता है। पाइपलाइन में लीकेज होने से सप्लाई में गंदा पानी मिल सकता है। इसके अलावा नमी की वजह से बैक्टीरिया और फंगस तेजी से बढ़ते हैं, जिससे पानी जल्दी दूषित होता है। सवाल- क्या सिर्फ पुराने घरों में यह समस्या होती है? जवाब- नहीं, अगर रेगुलर टंकी की सफाई न हो या समय पर RO की सर्विसिंग न हो तो यह समस्या नए घरों में भी हो सकती है। सवाल- गंदी RO मशीन के इस्तेमाल से क्या नुकसान हो सकता है? जवाब- इससे बैक्टीरिया और फंगस पनप सकते हैं। ऐसी स्थिति में मशीन पानी को पूरी तरह फिल्टर नहीं कर पाती। लंबे समय तक ये दूषित पानी पीने से डाइजेस्टिव इश्यूज हो सकते हैं। सवाल- दूषित पानी पीने से किन बीमारियाें का रिस्क होता है? जवाब- दूषित पानी कई संक्रामक बीमारियों का कारण बन सकता है। इसका असर सबसे पहले डाइजेस्टिव सिस्टम पर पड़ता है और कई बार गंभीर इन्फेक्शन भी हो सकता है। सभी हेल्थ रिस्क ग्राफिक में देखिए- सवाल- किन लोगों को रिस्क ज्यादा होता है? जवाब- दूषित पानी सभी के लिए नुकसानदायक है, लेकिन कुछ लोगोें के लिए ये ज्यादा रिस्की होता है, जैसेकि- सवाल- क्या दूषित पानी के इस्तेमाल से स्किन प्रॉब्लम्स भी हो सकती हैं? जवाब- हां, दूषित पानी के इस्तेमाल से खुजली, रैशेज, फंगल इन्फेक्शन और बाल झड़ने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। सेंसिटिव स्किन वाले लोगों में इसका रिस्क ज्यादा होता है। सवाल- पानी की टंकी कितने दिनों में साफ करनी चाहिए? जवाब- आमतौर पर घर की पानी की टंकी हर 3-6 महीने में साफ करानी चाहिए। अगर पानी में स्मेल, रंग या गंदगी नजर आए तो तुरंत सफाई करवाना बेहतर है। सवाल- कैसे जानें कि अब वाटर टैंक साफ करने की जरूरत है? जवाब- अगर पानी का रंग, स्वाद या स्मेल बदल जाए तो यह टंकी में गंदगी जमा होने का संकेत है। सभी संकेत ग्राफिक में देखिए- सवाल- क्या वाटर टैंक खुला रहने से रिस्क बढ़ता है? जवाब- हां, टंकी खुली रहने से उसमें धूल, कीड़े, मच्छर और बारिश का गंदा पानी पहुंचता है। इससे बैक्टीरिया पनप सकते हैं। इसलिए टंकी हमेशा पूरी तरह ढककर रखें। सवाल- क्या खुद से पानी की टंकी साफ कर सकते हैं? जवाब- छोटी टंकियों की बेसिक सफाई की जा सकती है। लेकिन बड़ी या ऊंचाई वाली टंकियों की सफाई हमेशा प्रोफेशनल्स से कराना चाहिए। सवाल- वाटर टैंक साफ करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? जवाब- सफाई से पहले टंकी पूरी तरह खाली करें। साफ ब्रश और सेफ डिसइन्फेक्टेंट का यूज करें। सफाई के बाद टंकी को अच्छी तरह धोएं। सभी जरूरी सावधानियां ग्राफिक में देखिए- सवाल- RO का फिल्टर कितने दिनों में बदलना चाहिए? जवाब- RO के अलग-अलग फिल्टर की लाइफ अलग होती है। आमतौर पर इन्हें इस तरह बदला जाता है- सेडिमेंट (प्री) फिल्टर: हर 3-6 महीने में। कार्बन फिल्टर: हर 6-12 महीने में। पोस्ट-कार्बन फिल्टर: हर 12 महीने में। RO मेम्ब्रेन: हर 1-2 साल में। ध्यान दें, पानी में TDS का लेवल ज्यादा हो तो फिल्टर जल्दी बदलने पड़ सकते हैं। पानी का स्वाद, स्मेल या फ्लो बदलने लगे तो फिल्टर चेक कराना चाहिए। सवाल- RO खराब या गंदा होने के संकेत क्या हैं? जवाब- RO मशीन खराब या गंदा होने के संकेत ग्राफिक में देखिए- सवाल- क्या सिर्फ फिल्टर बदलना काफी है? जवाब- नहीं, RO के फिल्टर के साथ मशीन, पाइप और स्टोरेज टैंक की सफाई भी जरूरी है। सवाल- क्या RO का पानी हमेशा 100% सुरक्षित होता है? जवाब- नहीं, RO तभी सुरक्षित पानी देता है, जब उसकी रेगुलर सर्विसिंग और सफाई हो। खराब या पुराने फिल्टर होने पर पानी दूषित हो सकता है। सवाल- मानसून में पानी को साफ और सुरक्षित रखने के लिए क्या करें? जवाब- मानसून में टंकी और RO की रेगुलर सफाई के साथ पाइपलाइन की जांच भी जरूरी है। सेफ वाटर के लिए ग्राफिक में दी गई कुछ बातें ध्यान रखें- सवाल- घर में पानी की क्वालिटी कैसे जांचें? जवाब- घर में पानी की क्वालिटी चेक करने के लिए ये तरीके अपनाए जा सकते हैं- सवाल- क्या RO के साथ UV (अल्ट्रावायलेट) या UF (अल्ट्राफिल्ट्रेशन) सिस्टम भी जरूरी है? जवाब- यह पानी की क्वालिटी और उसमें मौजूद टॉक्सिन्स पर निर्भर करता है, जैसेकि- सवाल- क्या RO होने पर टंकी साफ करने की जरूरत नहीं होती? जवाब- RO पानी को साफ करता है, लेकिन पानी की टंकी को साफ नहीं करता। टंकी में समय के साथ धूल, मिट्टी, जंग, शैवाल और बैक्टीरिया जमा हो सकते हैं। RO का फिल्टर इन गंदगियों को टंकी में पहुंचने से नहीं रोकता। इसलिए RO लगा होने के बावजूद टंकी की नियमित सफाई जरूरी है। सवाल- क्या सिर्फ सोसायटी की टंकी साफ होना काफी है? जवाब- नहीं, घर की टंकी, पाइपलाइन और RO सिस्टम की सफाई भी उतनी ही जरूरी है। सवाल- किन घरों में ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत होती है? जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए- …………………. जरूरत की ये खबर भी पढ़िए जरूरत की खबर- बारिश में कपड़ों से आती स्मेल: हो सकती है स्किन एलर्जी, एक्सपर्ट से जानें- बैड स्मेल कैसे भगाएं, कपड़े कैसे रखें फ्रेश बारिश के मौसम में कपड़े ठीक से नहीं सूखते हैं। धूप की कमी और हवा में ज्यादा नमी की वजह से कपड़ों से अजीब स्मेल आने लगती है। कई बार अलमारी में रखे कपड़ों से भी सीलन की स्मेल आती है। पूरी खबर पढ़ें…

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