जमुई सीएससी में मिला अंचल का राजस्व रिकॉर्ड:एसडीओ ने कंप्यूटर, दस्तावेज जब्त कर जांच के आदेश दिए

जमुई सीएससी में मिला अंचल का राजस्व रिकॉर्ड:एसडीओ ने कंप्यूटर, दस्तावेज जब्त कर जांच के आदेश दिए

जमुई के खैरा प्रखंड स्थित सीएससी केंद्र में अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) सौरभ कुमार के औचक निरीक्षण के दौरान जमीन से जुड़े संवेदनशील राजस्व रिकॉर्ड मिलने से हड़कंप मच गया। जांच में खैरा अंचल से संबंधित जमाबंदी, रजिस्टर-टू और खतियान की प्रतियां मिलीं। मोबाइल और कंप्यूटर की जांच में जमीन संबंधी दस्तावेज और लेनदेन से जुड़ी बातचीत भी सामने आई। प्रशासन ने सीएससी केंद्र से कंप्यूटर, प्रोजेक्टर और संबंधित कागजात जब्त करने का निर्देश दिया है। गुरुवार को एसडीओ सौरभ कुमार, खैरा बीडीओ और राजस्व पदाधिकारी के साथ सीएससी केंद्र पहुंचे। उस समय केंद्र संचालक प्रवीण कुमार (पिता राजकुमार यादव, निवासी निमनवादा, तेलियाडीह) और अभिषेक कुमार (पिता भुनेश्वर प्रसाद) वहां मौजूद थे। निरीक्षण के दौरान दोनों किसी अन्य व्यक्ति के खतियान और जमीन से संबंधित दस्तावेजों की जांच करते पाए गए। उनकी गतिविधियां संदिग्ध लगने पर अधिकारियों ने मोबाइल और कंप्यूटर की जांच शुरू की। जांच के दौरान, मोबाइल में जमीन से संबंधित कई दस्तावेज मिले। वाट्सऐप चैट में जमीन संबंधी कार्यों को लेकर बातचीत और रुपये के लेनदेन का ब्यौरा भी सामने आया। कंप्यूटर की जांच में खैरा अंचल से संबंधित जमाबंदी, रजिस्टर-टू और खतियान की प्रतियां पाई गईं। कार्रवाई के दौरान सीएससी केंद्र पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। इसी बीच, प्रवीण कुमार और अभिषेक कुमार अपने मोबाइल मौके पर छोड़कर वहां से निकल गए। स्थानीय लोगों ने अधिकारियों को बताया कि दोनों कथित तौर पर जमीन से जुड़े कार्यों में बिचौलिये के रूप में सक्रिय थे। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। एसडीओ ने खैरा राजस्व पदाधिकारी को सीएससी केंद्र से संबंधित कागजात, कंप्यूटर, प्रोजेक्टर और अन्य सामग्री जब्त करने का निर्देश दिया है। साथ ही, दोनों के खिलाफ विधिसम्मत कानूनी कार्रवाई करने को कहा गया है। अब जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि अंचल के संवेदनशील राजस्व रिकॉर्ड सीएससी तक कैसे पहुंचे और इनका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा था। जमुई के खैरा प्रखंड स्थित सीएससी केंद्र में अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) सौरभ कुमार के औचक निरीक्षण के दौरान जमीन से जुड़े संवेदनशील राजस्व रिकॉर्ड मिलने से हड़कंप मच गया। जांच में खैरा अंचल से संबंधित जमाबंदी, रजिस्टर-टू और खतियान की प्रतियां मिलीं। मोबाइल और कंप्यूटर की जांच में जमीन संबंधी दस्तावेज और लेनदेन से जुड़ी बातचीत भी सामने आई। प्रशासन ने सीएससी केंद्र से कंप्यूटर, प्रोजेक्टर और संबंधित कागजात जब्त करने का निर्देश दिया है। गुरुवार को एसडीओ सौरभ कुमार, खैरा बीडीओ और राजस्व पदाधिकारी के साथ सीएससी केंद्र पहुंचे। उस समय केंद्र संचालक प्रवीण कुमार (पिता राजकुमार यादव, निवासी निमनवादा, तेलियाडीह) और अभिषेक कुमार (पिता भुनेश्वर प्रसाद) वहां मौजूद थे। निरीक्षण के दौरान दोनों किसी अन्य व्यक्ति के खतियान और जमीन से संबंधित दस्तावेजों की जांच करते पाए गए। उनकी गतिविधियां संदिग्ध लगने पर अधिकारियों ने मोबाइल और कंप्यूटर की जांच शुरू की। जांच के दौरान, मोबाइल में जमीन से संबंधित कई दस्तावेज मिले। वाट्सऐप चैट में जमीन संबंधी कार्यों को लेकर बातचीत और रुपये के लेनदेन का ब्यौरा भी सामने आया। कंप्यूटर की जांच में खैरा अंचल से संबंधित जमाबंदी, रजिस्टर-टू और खतियान की प्रतियां पाई गईं। कार्रवाई के दौरान सीएससी केंद्र पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। इसी बीच, प्रवीण कुमार और अभिषेक कुमार अपने मोबाइल मौके पर छोड़कर वहां से निकल गए। स्थानीय लोगों ने अधिकारियों को बताया कि दोनों कथित तौर पर जमीन से जुड़े कार्यों में बिचौलिये के रूप में सक्रिय थे। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। एसडीओ ने खैरा राजस्व पदाधिकारी को सीएससी केंद्र से संबंधित कागजात, कंप्यूटर, प्रोजेक्टर और अन्य सामग्री जब्त करने का निर्देश दिया है। साथ ही, दोनों के खिलाफ विधिसम्मत कानूनी कार्रवाई करने को कहा गया है। अब जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि अंचल के संवेदनशील राजस्व रिकॉर्ड सीएससी तक कैसे पहुंचे और इनका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा था।  

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