जमुई में रविवार को जिला पदाधिकारी (डीएम) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने स्वयं झाड़ू और कुदाल थामकर स्वच्छता महाअभियान का नेतृत्व किया। यह अभियान समाहरणालय परिसर से लेकर जिले के सभी सरकारी कार्यालयों, प्रखंड-अंचल कार्यालयों और थाना परिसरों तक चलाया गया। डीएम और एसपी के नेतृत्व में पदाधिकारियों और कर्मियों ने सामूहिक रूप से श्रमदान किया। प्रशासनिक प्रोटोकॉल से हटकर, अधिकारियों ने कर्मचारियों के साथ मिलकर परिसरों की सफाई की। अधिकारियों को खुद सफाई करते देख कर्मियों में भी उत्साह देखा गया। प्रखंडों, अंचलों और थाना परिसरों तक विस्तृत अभियान इस अभियान का मुख्य उद्देश्य केवल कार्यालय परिसरों की सफाई करना नहीं, बल्कि सरकारी संस्थानों में स्वच्छता को नियमित कार्य संस्कृति का हिस्सा बनाना है। जिला प्रशासन का मानना है कि स्वच्छ और व्यवस्थित कार्यालय का सीधा असर कामकाज पर पड़ता है और यह कर्मचारियों के लिए बेहतर वातावरण प्रदान करता है। साफ परिसर से विभिन्न कामों से सरकारी कार्यालय पहुंचने वाले लोगों के बीच भी सकारात्मक संदेश जाता है। इसी सोच के साथ यह अभियान जिले के सभी प्रखंडों, अंचलों और थाना परिसरों तक विस्तृत किया गया। स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने की अपील की अभियान के दौरान अधिकारियों और कर्मियों ने मिलकर कार्यालयों के आसपास जमा कचरे, झाड़ियों और गंदगी को हटाया। सामूहिक श्रमदान पर विशेष जोर दिया गया, ताकि स्वच्छता केवल सफाई कर्मियों की जिम्मेदारी न रहकर सभी की साझा जिम्मेदारी बने। प्रशासन का मानना है कि किसी भी अभियान की सफलता केवल सरकारी आदेश से नहीं, बल्कि लोगों की भागीदारी से होती है। अधिकारियों के खुद सफाई में उतरने का मकसद कर्मचारियों और आम लोगों को यह संदेश देना था कि अपने कार्यस्थल और आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखना हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों, युवाओं और सामाजिक संगठनों से भी इस अभियान से जुड़ने और स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने की अपील की है। जमुई में रविवार को जिला पदाधिकारी (डीएम) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने स्वयं झाड़ू और कुदाल थामकर स्वच्छता महाअभियान का नेतृत्व किया। यह अभियान समाहरणालय परिसर से लेकर जिले के सभी सरकारी कार्यालयों, प्रखंड-अंचल कार्यालयों और थाना परिसरों तक चलाया गया। डीएम और एसपी के नेतृत्व में पदाधिकारियों और कर्मियों ने सामूहिक रूप से श्रमदान किया। प्रशासनिक प्रोटोकॉल से हटकर, अधिकारियों ने कर्मचारियों के साथ मिलकर परिसरों की सफाई की। अधिकारियों को खुद सफाई करते देख कर्मियों में भी उत्साह देखा गया। प्रखंडों, अंचलों और थाना परिसरों तक विस्तृत अभियान इस अभियान का मुख्य उद्देश्य केवल कार्यालय परिसरों की सफाई करना नहीं, बल्कि सरकारी संस्थानों में स्वच्छता को नियमित कार्य संस्कृति का हिस्सा बनाना है। जिला प्रशासन का मानना है कि स्वच्छ और व्यवस्थित कार्यालय का सीधा असर कामकाज पर पड़ता है और यह कर्मचारियों के लिए बेहतर वातावरण प्रदान करता है। साफ परिसर से विभिन्न कामों से सरकारी कार्यालय पहुंचने वाले लोगों के बीच भी सकारात्मक संदेश जाता है। इसी सोच के साथ यह अभियान जिले के सभी प्रखंडों, अंचलों और थाना परिसरों तक विस्तृत किया गया। स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने की अपील की अभियान के दौरान अधिकारियों और कर्मियों ने मिलकर कार्यालयों के आसपास जमा कचरे, झाड़ियों और गंदगी को हटाया। सामूहिक श्रमदान पर विशेष जोर दिया गया, ताकि स्वच्छता केवल सफाई कर्मियों की जिम्मेदारी न रहकर सभी की साझा जिम्मेदारी बने। प्रशासन का मानना है कि किसी भी अभियान की सफलता केवल सरकारी आदेश से नहीं, बल्कि लोगों की भागीदारी से होती है। अधिकारियों के खुद सफाई में उतरने का मकसद कर्मचारियों और आम लोगों को यह संदेश देना था कि अपने कार्यस्थल और आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखना हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों, युवाओं और सामाजिक संगठनों से भी इस अभियान से जुड़ने और स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने की अपील की है।

