जमुई के झाझा थाना क्षेत्र के बाराजोर में बरौनी-हल्दिया कच्चे तेल पाइपलाइन से चोरी की एक और साजिश सामने आई है। बदमाशों ने भूमिगत पाइपलाइन तक पहुंचने के लिए जमीन खोदी और मुख्य पाइपलाइन को नुकसान पहुंचाया। हालांकि, कच्चा तेल निकालने से पहले ही पाइपलाइन का दबाव कम हो गया। कंट्रोल रूम में इसका संकेत मिलते ही आईओसीएल अधिकारियों को सेंधमारी की जानकारी हो गई। इससे बड़ी मात्रा में कच्चे तेल की चोरी होने से बच गई। देखें, मौके से आई तस्वीरें… जमीन खोदकर पाइपलाइन तक पहुंचे बदमाश प्रेशर में असामान्य गिरावट की सूचना मिलने के बाद आईओसीएल के अधिकारी और सुरक्षाकर्मी बाराजोर पहुंचे। मौके पर भूमिगत पाइपलाइन तक पहुंचने के लिए खोदा गया बड़ा गड्ढा मिला। जांच के दौरान मुख्य पाइपलाइन को नुकसान पहुंचने की पुष्टि हुई। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर पाइपलाइन की स्थिति की जांच की। इसके बाद आईओसीएल की ओर से झाझा थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। कई बार निशाना बन चुकी है पाइपलाइन झाझा के दुर्गम और जंगल से सटे इलाकों में पाइपलाइन को पहले भी बदमाश निशाना बना चुके हैं। बाराजोर के अलावा सितोचक, नरगंजो और रजला की धीपल पहाड़ी इलाके में पाइपलाइन से तेल चोरी की कोशिशें सामने आ चुकी हैं। भूमिगत पाइपलाइन होने के कारण बदमाश सुनसान इलाकों में खुदाई कर उस तक पहुंचने की कोशिश करते हैं। सितोचक में वाल्व लगाकर चोरी की कोशिश आठ मार्च को सितोचक के पास पाइपलाइन में वाल्व लगाकर कच्चा तेल चोरी करने का मामला सामने आया था। इससे पहले पिछले साल एक नवंबर को धीपल पहाड़ी के जंगल में भी पाइपलाइन में सेंधमारी हुई थी। वहीं, वर्ष 2020 में सितोचक के पास महज चार महीने के भीतर छह बार तेल चोरी की घटनाएं सामने आई थीं। 2020 में मिला था 12.5 इंच का वाल्व छह मार्च 2020 को पाइपलाइन में दबाव कम होने के बाद डीजीआर टीम ने जांच की थी। इस दौरान जमीन के नीचे गुजर रही 18 इंच चौड़ी मुख्य पाइपलाइन में 12.5 इंच का डबल लीवर वाल्व लगा मिला था। इससे स्पष्ट हुआ था कि बदमाशों ने पाइपलाइन से कच्चा तेल निकालने की पूरी तैयारी कर रखी थी। पुरानी घटनाओं के बावजूद सुरक्षा पर सवाल बाराजोर की ताजा घटना ने पाइपलाइन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम की वजह से इस बार बदमाशों की कोशिश समय रहते पकड़ में आ गई। अब पुलिस के सामने आरोपियों की पहचान करने के साथ पाइपलाइन में सेंधमारी करने वाले पूरे नेटवर्क का पता लगाने की चुनौती है। जमुई के झाझा थाना क्षेत्र के बाराजोर में बरौनी-हल्दिया कच्चे तेल पाइपलाइन से चोरी की एक और साजिश सामने आई है। बदमाशों ने भूमिगत पाइपलाइन तक पहुंचने के लिए जमीन खोदी और मुख्य पाइपलाइन को नुकसान पहुंचाया। हालांकि, कच्चा तेल निकालने से पहले ही पाइपलाइन का दबाव कम हो गया। कंट्रोल रूम में इसका संकेत मिलते ही आईओसीएल अधिकारियों को सेंधमारी की जानकारी हो गई। इससे बड़ी मात्रा में कच्चे तेल की चोरी होने से बच गई। देखें, मौके से आई तस्वीरें… जमीन खोदकर पाइपलाइन तक पहुंचे बदमाश प्रेशर में असामान्य गिरावट की सूचना मिलने के बाद आईओसीएल के अधिकारी और सुरक्षाकर्मी बाराजोर पहुंचे। मौके पर भूमिगत पाइपलाइन तक पहुंचने के लिए खोदा गया बड़ा गड्ढा मिला। जांच के दौरान मुख्य पाइपलाइन को नुकसान पहुंचने की पुष्टि हुई। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर पाइपलाइन की स्थिति की जांच की। इसके बाद आईओसीएल की ओर से झाझा थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। कई बार निशाना बन चुकी है पाइपलाइन झाझा के दुर्गम और जंगल से सटे इलाकों में पाइपलाइन को पहले भी बदमाश निशाना बना चुके हैं। बाराजोर के अलावा सितोचक, नरगंजो और रजला की धीपल पहाड़ी इलाके में पाइपलाइन से तेल चोरी की कोशिशें सामने आ चुकी हैं। भूमिगत पाइपलाइन होने के कारण बदमाश सुनसान इलाकों में खुदाई कर उस तक पहुंचने की कोशिश करते हैं। सितोचक में वाल्व लगाकर चोरी की कोशिश आठ मार्च को सितोचक के पास पाइपलाइन में वाल्व लगाकर कच्चा तेल चोरी करने का मामला सामने आया था। इससे पहले पिछले साल एक नवंबर को धीपल पहाड़ी के जंगल में भी पाइपलाइन में सेंधमारी हुई थी। वहीं, वर्ष 2020 में सितोचक के पास महज चार महीने के भीतर छह बार तेल चोरी की घटनाएं सामने आई थीं। 2020 में मिला था 12.5 इंच का वाल्व छह मार्च 2020 को पाइपलाइन में दबाव कम होने के बाद डीजीआर टीम ने जांच की थी। इस दौरान जमीन के नीचे गुजर रही 18 इंच चौड़ी मुख्य पाइपलाइन में 12.5 इंच का डबल लीवर वाल्व लगा मिला था। इससे स्पष्ट हुआ था कि बदमाशों ने पाइपलाइन से कच्चा तेल निकालने की पूरी तैयारी कर रखी थी। पुरानी घटनाओं के बावजूद सुरक्षा पर सवाल बाराजोर की ताजा घटना ने पाइपलाइन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम की वजह से इस बार बदमाशों की कोशिश समय रहते पकड़ में आ गई। अब पुलिस के सामने आरोपियों की पहचान करने के साथ पाइपलाइन में सेंधमारी करने वाले पूरे नेटवर्क का पता लगाने की चुनौती है।

