जमुई जिले के बिचकोड़बा थाना क्षेत्र के मोरियाडीह गांव में हुए जगन्नाथ यादव हत्याकांड में मृतक के छोटे बेटे वरुण यादव ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) विश्वजीत दयाल से न्याय की गुहार लगाई है। वरुण यादव ने एसपी को एक आवेदन सौंपकर मामले में शामिल सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। वरुण यादव ने अपने आवेदन में बताया कि 14 मार्च 2026 को उनके पिता जगन्नाथ यादव पर तलवार और टांगी से हमला किया गया था। आरोप है कि इस हमले में उनके बड़े भाई नकुल यादव, टूपलाल यादव, यशोदा देवी, टिप्पण यादव, मिलो यादव और केलो यादव सहित अन्य लोग शामिल थे। हमले में जगन्नाथ यादव गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उपचार के लिए उन्हें रांची रेफर कर दिया गया
घटना के बाद जगन्नाथ यादव को इलाज के लिए पहले चकाई ले जाया गया। वहां से बेहतर उपचार के लिए उन्हें रांची रेफर कर दिया गया। बाद में उन्हें रिम्स रांची में भर्ती कराया गया, जहां 18 मार्च 2026 को इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। पीड़ित पुत्र वरुण यादव का आरोप है कि घटना के बाद संबंधित थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई थी। हालांकि, पुलिस ने अब तक केवल एक आरोपी टिप्पण यादव को ही गिरफ्तार किया है। अन्य सभी नामजद आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और लगातार परिवार को धमकी दे रहे हैं। पुलिस ने ठोस कार्रवाई नहीं की
वरुण यादव ने यह भी बताया कि घटना के बाद से आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इसके चलते उनका परिवार भय के माहौल में जीने को मजबूर है। उन्होंने एसपी से अपील की है कि सभी आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार किया जाए और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। जमुई जिले के बिचकोड़बा थाना क्षेत्र के मोरियाडीह गांव में हुए जगन्नाथ यादव हत्याकांड में मृतक के छोटे बेटे वरुण यादव ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) विश्वजीत दयाल से न्याय की गुहार लगाई है। वरुण यादव ने एसपी को एक आवेदन सौंपकर मामले में शामिल सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। वरुण यादव ने अपने आवेदन में बताया कि 14 मार्च 2026 को उनके पिता जगन्नाथ यादव पर तलवार और टांगी से हमला किया गया था। आरोप है कि इस हमले में उनके बड़े भाई नकुल यादव, टूपलाल यादव, यशोदा देवी, टिप्पण यादव, मिलो यादव और केलो यादव सहित अन्य लोग शामिल थे। हमले में जगन्नाथ यादव गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उपचार के लिए उन्हें रांची रेफर कर दिया गया
घटना के बाद जगन्नाथ यादव को इलाज के लिए पहले चकाई ले जाया गया। वहां से बेहतर उपचार के लिए उन्हें रांची रेफर कर दिया गया। बाद में उन्हें रिम्स रांची में भर्ती कराया गया, जहां 18 मार्च 2026 को इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। पीड़ित पुत्र वरुण यादव का आरोप है कि घटना के बाद संबंधित थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई थी। हालांकि, पुलिस ने अब तक केवल एक आरोपी टिप्पण यादव को ही गिरफ्तार किया है। अन्य सभी नामजद आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और लगातार परिवार को धमकी दे रहे हैं। पुलिस ने ठोस कार्रवाई नहीं की
वरुण यादव ने यह भी बताया कि घटना के बाद से आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इसके चलते उनका परिवार भय के माहौल में जीने को मजबूर है। उन्होंने एसपी से अपील की है कि सभी आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार किया जाए और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।


