कानपुर में गुरुवार को गणपति बप्पा की विदाई का नजारा श्रद्धा और भक्ति से सराबोर रहा। शहर के अलग-अलग गणेश पंडालों से भक्त विघ्नहर्ता को लेकर विसर्जन के लिए निकले तो सड़कों पर ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारे गूंज उठे। भक्तों ने पूरे उत्साह के साथ बप्पा को विदाई दी। कई जगह जुलूस में ढोल-नगाड़ों की थाप पर श्रद्धालु जमकर थिरकते नजर आए। रथ पर निकले गणपति कहीं बप्पा को आकर्षक रथ पर विराजमान कर विसर्जन यात्रा निकाली गई तो कहीं भक्त प्रतिमा को अपने साथ लेकर कृत्रिम विसर्जन स्थल तक पहुंचे। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में गणपति को अंतिम विदाई देने का भाव साफ नजर आया। महिला, पुरुष और बच्चे भी बड़ी संख्या में विसर्जन यात्रा में शामिल हुए। भक्तों ने रास्तेभर जयकारे लगाए और पूजा-अर्चना के बाद विधि-विधान से गणपति की प्रतिमा का विसर्जन किया। कृत्रिम तालाबों में किया गया विसर्जन गणपति विसर्जन को लेकर शहर में कई स्थानों पर कृत्रिम तालाब बनाए गए हैं। इन स्थानों पर भक्तों ने प्रतिमाओं का विसर्जन किया। प्रशासन की ओर से गंगा में प्रतिमा विसर्जन पर रोक लगाई गई है। पर्यावरण और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालुओं से निर्धारित कृत्रिम तालाबों में ही विसर्जन करने की अपील की गई है। गंगा घाटों पर पुलिस का पहरा विसर्जन को लेकर गंगा घाटों पर भी सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है, ताकि श्रद्धालु गंगा में प्रतिमा विसर्जित न करें और किसी तरह की अप्रिय स्थिति न हो। विसर्जन स्थलों पर भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और व्यवस्था पर नजर रखी जा रही है। शुक्रवार को बप्पा की अंतिम विदाई गुरुवार को बड़ी संख्या में गणपति प्रतिमाओं का विसर्जन होने के बाद अब शुक्रवार को विसर्जन का अंतिम दिन रहेगा। शहर के जिन गणेश पंडालों में बप्पा अभी विराजमान हैं, वहां से भक्त उन्हें श्रद्धा के साथ विदाई देंगे। इसके साथ ही कई दिनों से चल रहा गणेशोत्सव भी विसर्जन के साथ संपन्न हो जाएगा।

