कटनी में एनएसयूआई जिलाध्यक्ष अजय खटिक ने रविवार शाम एक पत्रकार वार्ता आयोजित की। इसमें छात्र हितों, कटनी के शैक्षणिक विकास और जिले की विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर संगठन की आगामी रणनीति और मांगों को सामने रखा गया। जिलाध्यक्ष अजय खटिक ने बताया कि एनएसयूआई द्वारा दायर जनहित याचिका पर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने हाल ही में छात्र संघ चुनाव कराने के निर्देश दिए हैं। एनएसयूआई ने सरकार से मांग की है कि प्रदेश में छात्र संघ चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से कराए जाएं, ताकि छात्र लोकतांत्रिक तरीके से अपने प्रतिनिधियों का चुनाव कर सकें। पत्रकार वार्ता में कटनी में पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर खोले जा रहे मेडिकल कॉलेज का भी विरोध किया गया। एनएसयूआई ने स्पष्ट किया कि छात्रों और आम जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए संगठन इस व्यवस्था का हर स्तर पर विरोध जारी रखेगा। इन मांगों पर संगठन का फोकस इसके साथ ही, संगठन ने कटनी में शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना की मांग को भी प्रमुखता से उठाया। एनएसयूआई का तर्क है कि कटनी जैसे महत्वपूर्ण जिले में युवाओं और विद्यार्थियों को उच्च तकनीकी शिक्षा के लिए दूसरे शहरों में जाने को मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। एनएसयूआई ने कटनी में शासकीय लॉ कॉलेज की स्थापना, महाविद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर करने, नए रोजगारपरक और उपयोगी पाठ्यक्रम शुरू करने तथा कॉलेजों के बुनियादी ढांचे में सुधार की भी मांग की। संगठन ने तिलक कॉलेज को स्वायत्त (ऑटोनोमस) दर्जा दिए जाने की भी बात कही। संगठन ने जोर दिया कि विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। एनएसयूआई ने चेतावनी दी कि इन मांगों को लेकर आने वाले समय में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। पत्रकार वार्ता में युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव दिव्यांशु मिश्रा ‘अंशु’ भी मौजूद थे। उन्होंने भाजपा के जनप्रतिनिधियों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उनकी आपसी गुटबाजी के कारण कटनी जिले का विकास प्रभावित हुआ है।


