पटना में आज विभिन्न जन संगठनों की ओर से आक्रोशपूर्ण राजभवन मार्च निकाला जाएगा। यह मार्च 11 बजे शुरू होगा। मार्च में छात्र, नौजवान, किसान, खेत मजदूर, श्रमिक और महिलाएं शामिल होंगी। जन संगठनों ने बाढ़-सूखा के स्थायी समाधान, महंगाई और बेरोजगारी समेत आम लोगों से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन का ऐलान किया है। मार्च की शुरुआत गांधी मैदान के गेट नंबर-10 से होगी। यहां से प्रदर्शनकारी जेपी गोलंबर, डाकबंगला, तारामंडल, इनकम टैक्स गोलंबर और बिहार म्यूजियम होते हुए लोक भवन की ओर जाएंगे। आयोजकों ने राजभवन के घेराव का कार्यक्रम तय किया है। भाकपा के अनुसार किसान सभा, खेत मजदूर यूनियन, ट्रेड यूनियन, बिहार महिला समाज, यूथ फेडरेशन, स्टूडेन्ट्स फेडरेशन समेत विभिन्न जन संगठन मार्च में शामिल होंगे। शहीद-ए-आजम भगत सिंह की जयंती के मौके पर होने वाले इस मार्च में अलग-अलग वर्गों के लोग अपनी मांगों को लेकर पटना में जुटेंगे। बाढ़-सूखा से लेकर रोजगार तक के मुद्दे आंदोलन में बिहार में बाढ़ और सूखा की समस्या को प्रमुखता से उठाया जाएगा। जन संगठनों की ओर से बाढ़-सूखा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने और इसके स्थायी समाधान के लिए प्रभावी नीति बनाने की मांग की जा रही है। इसके साथ महंगाई, बेरोजगारी, पलायन, कृषि संकट और ग्रामीण मजदूरों के रोजगार से जुड़े सवाल भी उठाए जाएंगे। भूमि अधिग्रहण और बुलडोजर कार्रवाई पर विरोध मार्च में भूमि अधिग्रहण के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया जाएगा। भाकपा राज्य सचिव रामनरेश पाण्डेय ने कहा है कि किसानों और ग्रामीणों के हितों से जुड़े भूमि संबंधी मामलों पर सरकार को स्पष्ट नीति बनानी चाहिए। बुलडोजर कार्रवाई और कमजोर वर्गों से जुड़े मामलों को लेकर भी संगठन विरोध जताएंगे। महिला हिंसा और एनकाउंटर के खिलाफ भी प्रदर्शन महिला हिंसा, अपराध, कथित एनकाउंटर और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दे भी मार्च के एजेंडे में शामिल हैं। संगठनों का कहना है कि महिलाओं, मजदूरों, किसानों, छात्रों और युवाओं से जुड़े सवालों को लेकर संयुक्त रूप से आवाज उठाई जाएगी। इसके अलावा योजना एवं संविदा कर्मियों के नियमितीकरण, मजदूरों के अधिकार और शिक्षा से जुड़े मुद्दे भी आंदोलन में उठाए जाने हैं। पटना में आज विभिन्न जन संगठनों की ओर से आक्रोशपूर्ण राजभवन मार्च निकाला जाएगा। यह मार्च 11 बजे शुरू होगा। मार्च में छात्र, नौजवान, किसान, खेत मजदूर, श्रमिक और महिलाएं शामिल होंगी। जन संगठनों ने बाढ़-सूखा के स्थायी समाधान, महंगाई और बेरोजगारी समेत आम लोगों से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन का ऐलान किया है। मार्च की शुरुआत गांधी मैदान के गेट नंबर-10 से होगी। यहां से प्रदर्शनकारी जेपी गोलंबर, डाकबंगला, तारामंडल, इनकम टैक्स गोलंबर और बिहार म्यूजियम होते हुए लोक भवन की ओर जाएंगे। आयोजकों ने राजभवन के घेराव का कार्यक्रम तय किया है। भाकपा के अनुसार किसान सभा, खेत मजदूर यूनियन, ट्रेड यूनियन, बिहार महिला समाज, यूथ फेडरेशन, स्टूडेन्ट्स फेडरेशन समेत विभिन्न जन संगठन मार्च में शामिल होंगे। शहीद-ए-आजम भगत सिंह की जयंती के मौके पर होने वाले इस मार्च में अलग-अलग वर्गों के लोग अपनी मांगों को लेकर पटना में जुटेंगे। बाढ़-सूखा से लेकर रोजगार तक के मुद्दे आंदोलन में बिहार में बाढ़ और सूखा की समस्या को प्रमुखता से उठाया जाएगा। जन संगठनों की ओर से बाढ़-सूखा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने और इसके स्थायी समाधान के लिए प्रभावी नीति बनाने की मांग की जा रही है। इसके साथ महंगाई, बेरोजगारी, पलायन, कृषि संकट और ग्रामीण मजदूरों के रोजगार से जुड़े सवाल भी उठाए जाएंगे। भूमि अधिग्रहण और बुलडोजर कार्रवाई पर विरोध मार्च में भूमि अधिग्रहण के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया जाएगा। भाकपा राज्य सचिव रामनरेश पाण्डेय ने कहा है कि किसानों और ग्रामीणों के हितों से जुड़े भूमि संबंधी मामलों पर सरकार को स्पष्ट नीति बनानी चाहिए। बुलडोजर कार्रवाई और कमजोर वर्गों से जुड़े मामलों को लेकर भी संगठन विरोध जताएंगे। महिला हिंसा और एनकाउंटर के खिलाफ भी प्रदर्शन महिला हिंसा, अपराध, कथित एनकाउंटर और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दे भी मार्च के एजेंडे में शामिल हैं। संगठनों का कहना है कि महिलाओं, मजदूरों, किसानों, छात्रों और युवाओं से जुड़े सवालों को लेकर संयुक्त रूप से आवाज उठाई जाएगी। इसके अलावा योजना एवं संविदा कर्मियों के नियमितीकरण, मजदूरों के अधिकार और शिक्षा से जुड़े मुद्दे भी आंदोलन में उठाए जाने हैं।

