बक्सर में डुमरांव प्रखंड के नथुनी अहीर के डेरा स्थित मध्य विद्यालय में छात्राओं से कुकर्म का मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग एक्शन में आ गया है। विभाग ने स्कूलों से मिलने वाली शिकायतों पर तुरंत ध्यान देने और जांच कराने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसी कड़ी में ब्रह्मपुर प्रखंड के मध्य विद्यालय गरहथा कला में जांच के दौरान कई गड़बड़ियां मिलीं। इसके बाद प्रभारी प्रधानाध्यापक समेत चार शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया है। निलंबित शिक्षकों में विशिष्ट शिक्षक रामबचन यादव भी शामिल हैं। जांच में उन पर एक छात्रा से अपने कंधे की मालिश कराने का आरोप लगा था। इसके अलावा, उन्होंने पाठटीका तैयार नहीं की थी, छात्रों को गृहकार्य नहीं देते थे और समय-सारणी के हिसाब से कक्षाएं भी नहीं लेते थे। DM ने मध्य विद्यालय का किया था निरीक्षण जिला शिक्षा पदाधिकारी इंद्र कुमार कर्ण के दफ्तर से जारी आदेश के मुताबिक, 25 अगस्त को मध्य विद्यालय गरहथा कला का निरीक्षण किया गया था। इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि, अभिभावक और मध्याह्न भोजन से जुड़े कर्मचारी भी मौजूद थे। जांच में स्कूल की पढ़ाई व्यवस्था और शिक्षकों के काम करने के तरीके में कई गंभीर गड़बड़ियां सामने आईं। निलंबित किए गए शिक्षकों में प्रभारी प्रधानाध्यापक राधामोहन यादव और विशिष्ट शिक्षक रामबचन यादव, राकेश सिंह, योगेंद्र यादव शामिल हैं। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कई शिक्षक पढ़ाने के बजाय मोबाइल में लगे रहते थे। नाराज छात्र-छात्राओं ने स्कूल के मुख्य गेट पर ताला लगा दिया था, यह बात भी जांच रिपोर्ट में दर्ज है। प्रभारी प्रधानाध्यापक पर गड़बड़ियों के आरोप प्रभारी प्रधानाध्यापक राधामोहन यादव पर वित्तीय और प्रशासनिक गड़बड़ियों के आरोप भी लगे हैं। जांच में कई जरूरी रजिस्टर और कंपोजिट ग्रांट से जुड़े खर्च के दस्तावेज नहीं मिले। मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता भी ठीक नहीं पाई गई। वहीं, खेल का सामान और छात्रों की कॉपियां शौचालय में बंद मिलीं, यह भी रिपोर्ट में दर्ज है। जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय से 3 सितंबर को जारी अलग-अलग आदेशों के तहत चारों शिक्षकों को बिहार सरकारी सेवक नियमावली के तहत निलंबित करते हुए विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। नथुनी अहीर के डेरा विद्यालय का मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग अब विद्यालयों से जुड़ी शिकायतों को लेकर अधिक सक्रिय नजर आ रहा है। विभागीय स्तर पर शिकायत मिलने के बाद निरीक्षण और जांच की कार्रवाई किए जाने से अब लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों और विद्यालय प्रबंधन पर कार्रवाई का सिलसिला तेज होने के संकेत हैं। बक्सर में डुमरांव प्रखंड के नथुनी अहीर के डेरा स्थित मध्य विद्यालय में छात्राओं से कुकर्म का मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग एक्शन में आ गया है। विभाग ने स्कूलों से मिलने वाली शिकायतों पर तुरंत ध्यान देने और जांच कराने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसी कड़ी में ब्रह्मपुर प्रखंड के मध्य विद्यालय गरहथा कला में जांच के दौरान कई गड़बड़ियां मिलीं। इसके बाद प्रभारी प्रधानाध्यापक समेत चार शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया है। निलंबित शिक्षकों में विशिष्ट शिक्षक रामबचन यादव भी शामिल हैं। जांच में उन पर एक छात्रा से अपने कंधे की मालिश कराने का आरोप लगा था। इसके अलावा, उन्होंने पाठटीका तैयार नहीं की थी, छात्रों को गृहकार्य नहीं देते थे और समय-सारणी के हिसाब से कक्षाएं भी नहीं लेते थे। DM ने मध्य विद्यालय का किया था निरीक्षण जिला शिक्षा पदाधिकारी इंद्र कुमार कर्ण के दफ्तर से जारी आदेश के मुताबिक, 25 अगस्त को मध्य विद्यालय गरहथा कला का निरीक्षण किया गया था। इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि, अभिभावक और मध्याह्न भोजन से जुड़े कर्मचारी भी मौजूद थे। जांच में स्कूल की पढ़ाई व्यवस्था और शिक्षकों के काम करने के तरीके में कई गंभीर गड़बड़ियां सामने आईं। निलंबित किए गए शिक्षकों में प्रभारी प्रधानाध्यापक राधामोहन यादव और विशिष्ट शिक्षक रामबचन यादव, राकेश सिंह, योगेंद्र यादव शामिल हैं। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कई शिक्षक पढ़ाने के बजाय मोबाइल में लगे रहते थे। नाराज छात्र-छात्राओं ने स्कूल के मुख्य गेट पर ताला लगा दिया था, यह बात भी जांच रिपोर्ट में दर्ज है। प्रभारी प्रधानाध्यापक पर गड़बड़ियों के आरोप प्रभारी प्रधानाध्यापक राधामोहन यादव पर वित्तीय और प्रशासनिक गड़बड़ियों के आरोप भी लगे हैं। जांच में कई जरूरी रजिस्टर और कंपोजिट ग्रांट से जुड़े खर्च के दस्तावेज नहीं मिले। मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता भी ठीक नहीं पाई गई। वहीं, खेल का सामान और छात्रों की कॉपियां शौचालय में बंद मिलीं, यह भी रिपोर्ट में दर्ज है। जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय से 3 सितंबर को जारी अलग-अलग आदेशों के तहत चारों शिक्षकों को बिहार सरकारी सेवक नियमावली के तहत निलंबित करते हुए विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। नथुनी अहीर के डेरा विद्यालय का मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग अब विद्यालयों से जुड़ी शिकायतों को लेकर अधिक सक्रिय नजर आ रहा है। विभागीय स्तर पर शिकायत मिलने के बाद निरीक्षण और जांच की कार्रवाई किए जाने से अब लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों और विद्यालय प्रबंधन पर कार्रवाई का सिलसिला तेज होने के संकेत हैं।

