नवादा में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) पटना की टीम ने जिला परिवहन कार्यालय के प्रधान लिपिक कन्हैया लाल को गिरफ्तार किया है। उन पर चोरी की स्कॉर्पियो के कागजात में हेराफेरी कर वाहन का रजिस्ट्रेशन दूसरे व्यक्ति के नाम ट्रांसफर कराने में मदद करने का आरोप है। गिरफ्तारी के बाद EOU की टीम आरोपी से पूछताछ कर मामले की जांच कर रही है। यह मामला साल 2021 में गोपालगंज डीटीओ कार्यालय से जुड़ा है। उस समय कन्हैया लाल वहां लिपिक के पद पर काम कर रहे थे। आरोप है कि कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के वीसी के ड्राइवर राधेश्याम सिंह की चोरी हुई स्कॉर्पियो को शराब तस्करों ने फर्जी नंबर के साथ इस्तेमाल किया था। 19 जून 2020 को शराब के साथ पकड़ाया गाड़ी का असली नंबर JH 01 CJ 7840 था, जिसे बदलकर BR 06 PD 9070 कर दिया गया था। हालांकि, इंजन और चेसिस नंबर पुराने ही थे। पुलिस के मुताबिक, यह स्कॉर्पियो 24 दिसंबर 2019 को रोहतास के दिनारा थाना इलाके से चोरी हुई थी। बाद में 19 जून 2020 को गोपालगंज के सिधवलिया थाना इलाके से इसे शराब के साथ पकड़ा गया। इसके बाद 27 दिसंबर 2021 को गाड़ी की नीलामी कर दी गई। दूसरे आरोपियों की भूमिका की जांच तेज आरोप है कि लिपिक की मिलीभगत से इंजन और चेसिस नंबर का मिलान किए बिना ही गाड़ी का रजिस्ट्रेशन दूसरे व्यक्ति के नाम ट्रांसफर कर दिया गया। इस मामले में हाईकोर्ट के आदेश पर आर्थिक अपराध इकाई पटना में 20 नवंबर 2025 को केस नंबर 42/25 दर्ज किया गया। कन्हैया लाल को इस केस में आरोपी बनाया गया है। यह कार्रवाई एसडीपीओ सुरेश प्रसाद की अगुवाई में हुई, जिसमें आर्थिक अपराध इकाई के इंस्पेक्टर राघवेन्द्र नारायण, एसआई कुमार धीरेन्द्र और नगर थाना के एसआई सानू कुमार शामिल थे। गिरफ्तारी के बाद अब इस पूरे फर्जीवाड़े में मिलीभगत और दूसरे आरोपियों की भूमिका की जांच तेज हो गई है। नवादा में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) पटना की टीम ने जिला परिवहन कार्यालय के प्रधान लिपिक कन्हैया लाल को गिरफ्तार किया है। उन पर चोरी की स्कॉर्पियो के कागजात में हेराफेरी कर वाहन का रजिस्ट्रेशन दूसरे व्यक्ति के नाम ट्रांसफर कराने में मदद करने का आरोप है। गिरफ्तारी के बाद EOU की टीम आरोपी से पूछताछ कर मामले की जांच कर रही है। यह मामला साल 2021 में गोपालगंज डीटीओ कार्यालय से जुड़ा है। उस समय कन्हैया लाल वहां लिपिक के पद पर काम कर रहे थे। आरोप है कि कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के वीसी के ड्राइवर राधेश्याम सिंह की चोरी हुई स्कॉर्पियो को शराब तस्करों ने फर्जी नंबर के साथ इस्तेमाल किया था। 19 जून 2020 को शराब के साथ पकड़ाया गाड़ी का असली नंबर JH 01 CJ 7840 था, जिसे बदलकर BR 06 PD 9070 कर दिया गया था। हालांकि, इंजन और चेसिस नंबर पुराने ही थे। पुलिस के मुताबिक, यह स्कॉर्पियो 24 दिसंबर 2019 को रोहतास के दिनारा थाना इलाके से चोरी हुई थी। बाद में 19 जून 2020 को गोपालगंज के सिधवलिया थाना इलाके से इसे शराब के साथ पकड़ा गया। इसके बाद 27 दिसंबर 2021 को गाड़ी की नीलामी कर दी गई। दूसरे आरोपियों की भूमिका की जांच तेज आरोप है कि लिपिक की मिलीभगत से इंजन और चेसिस नंबर का मिलान किए बिना ही गाड़ी का रजिस्ट्रेशन दूसरे व्यक्ति के नाम ट्रांसफर कर दिया गया। इस मामले में हाईकोर्ट के आदेश पर आर्थिक अपराध इकाई पटना में 20 नवंबर 2025 को केस नंबर 42/25 दर्ज किया गया। कन्हैया लाल को इस केस में आरोपी बनाया गया है। यह कार्रवाई एसडीपीओ सुरेश प्रसाद की अगुवाई में हुई, जिसमें आर्थिक अपराध इकाई के इंस्पेक्टर राघवेन्द्र नारायण, एसआई कुमार धीरेन्द्र और नगर थाना के एसआई सानू कुमार शामिल थे। गिरफ्तारी के बाद अब इस पूरे फर्जीवाड़े में मिलीभगत और दूसरे आरोपियों की भूमिका की जांच तेज हो गई है।

