चरखी दादरी जिले की सभी 168 ग्राम पंचायतों में 2 अक्टूबर को विशेष ग्राम सभाएं होंगी। ये बैठकें केंद्र सरकार के ‘विकसित भारत 2047’ विजन के तहत आयोजित की जाएंगी। इनमें वर्ष 2027-28 के लिए ‘विकसित भारत पंचायत योजना’ का ड्राफ्ट तैयार होगा। ग्राम सचिवों की मौजूदगी में ग्रामीणों से सीधे सुझाव लिए जाएंगे। साथ ही, ‘विकसित ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना’ की रूपरेखा भी तय की जाएगी। गांधी जयंती पर ये बैठकें बंद कमरों के बजाय चौपालों पर होंगी। भविष्य के विकास कार्यों पर चर्चा होगी इन ग्राम सभाओं में गांव की प्राथमिक समस्याओं और भविष्य के विकास कार्यों पर चर्चा होगी। ग्रामीणों के सुझावों के आधार पर पंचायत स्तर पर विकास योजनाओं को अंतिम रूप दिया जाएगा। सड़क, पानी, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे बुनियादी मुद्दे योजना में शामिल होंगे। स्थानीय स्तर पर आजीविका के अवसरों पर चर्चा
बैठक के दौरान विकसित भारत पंचायत योजना के साथ-साथ ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना पर भी विस्तृत बातचीत होगी। पंचायत क्षेत्र में रोजगार पैदा करने वाले संभावित कार्यों और विकास योजनाओं की सूची बनाई जाएगी, जिससे गांव की जरूरतों के मुताबिक स्थानीय लोगों को काम के अवसर मिल सकें। कोरम की शर्त हटने से राह होगी आसान
वर्तमान में बजट के अभाव में कई ग्राम पंचायतों के विकास कार्य रुके हुए हैं। इस समस्या को दूर करने के लिए इस बार ग्राम सभाओं में कुल आबादी के 40 प्रतिशत लोगों की उपस्थिति (कोरम) की शर्त को हटा दिया गया है। पिछले वर्ष लागू इस नियम के हटने से अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित होगी और विकास योजनाओं को तेजी से स्वीकृति मिल सकेगी। अधिकारी बोले- विकास का खाका तैयार होगा
एबीपीओ मंजीत फोगाट ने बताया कि ग्राम सभाओं की होने वाली बैठक में विकास का खाका तैयार होगा। उन्होंने कहा कि ग्राम सभा आयोजन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और सभी सरपंचों को इस संबंध में सूचित कर दिया गया है। इस बार ग्राम सभा की बैठक में कुल आबादी का 40 प्रतिशत हाजिरी अनिवार्य नहीं रखी गई है।

