चतरा जिले में कोयला ढोने वाले हाइवा के लगातार हादसों से ग्रामीणों में आक्रोश है। सदर थाना क्षेत्र के हफुआ और सिमरिया के डाड़ी में गोदावरी कंपनी के एक हाइवा ने दो अलग-अलग हादसे किए। इन घटनाओं में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि मुखिया पति समेत तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। जानकारी के अनुसार, हाइवा ने पहले हफुआ में तीन लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में रंगवारा निवासी अरविंद सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए रांची ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में उनकी मौत हो गई। हादसे में सीमा पंचायत के मुखिया पति रतन सिंह (हफुआ निवासी) और डोडा निवासी मुकेश सिंह भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। दोनों का इलाज चल रहा है। डाड़ी में खड़ी पिकअप को मारी टक्कर हफुआ में हादसे के बाद यही हाइवा सिमरिया थाना क्षेत्र के डाड़ी पहुंचा, जहां उसने सड़क किनारे खड़ी एक पिकअप को टक्कर मार दी। टक्कर में पिकअप के पास मौजूद किरण देवी गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्हें बेहतर इलाज के लिए रांची रिम्स में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद डाड़ी में भी ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया। हफुआ में ग्रामीण मृतक के परिजनों को 50 लाख रुपए मुआवजा देने, संबंधित कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने और नो-एंट्री में हाइवा के परिचालन पर स्थायी रोक लगाने की मांग कर रहे हैं। वहीं, डाड़ी में ग्रामीण घायल महिला के लिए 5 लाख रुपए मुआवजा और समुचित इलाज की मांग पर अड़े हैं। दोनों स्थानों पर पुलिस-प्रशासन के अधिकारी कैंप कर रहे हैं। सदर थाना प्रभारी अनिल उरांव और सिमरिया सीओ गौरव कुमार राज परिजनों व ग्रामीणों से वार्ता कर रहे हैं। टंडवा में भी हाइवा की चपेट में आया व्यक्ति इधर, टंडवा में भी पीएनएम कंपनी के हाइवा की चपेट में आने से वासुदेव महतो गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। लगातार हो रहे हादसों को लेकर पूरे जिले में आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि कोयला परिवहन के लिए भारी वाहनों के परिचालन से सड़क हादसे बढ़ रहे हैं। जेएलकेएम नेता मो. गुलाम ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार को कोयले की सुरक्षा के लिए सीआईएसएफ तैनात करने की चिंता है, लेकिन बाईपास नहीं होने के कारण चतरा की सड़कों पर आम लोगों की जान जा रही है। उन्होंने हादसों के लिए जिम्मेदार कंपनियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। ग्रामीण भी कोयला परिवहन करने वाली कंपनियों के वाहनों के परिचालन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं। चतरा जिले में कोयला ढोने वाले हाइवा के लगातार हादसों से ग्रामीणों में आक्रोश है। सदर थाना क्षेत्र के हफुआ और सिमरिया के डाड़ी में गोदावरी कंपनी के एक हाइवा ने दो अलग-अलग हादसे किए। इन घटनाओं में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि मुखिया पति समेत तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। जानकारी के अनुसार, हाइवा ने पहले हफुआ में तीन लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में रंगवारा निवासी अरविंद सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए रांची ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में उनकी मौत हो गई। हादसे में सीमा पंचायत के मुखिया पति रतन सिंह (हफुआ निवासी) और डोडा निवासी मुकेश सिंह भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। दोनों का इलाज चल रहा है। डाड़ी में खड़ी पिकअप को मारी टक्कर हफुआ में हादसे के बाद यही हाइवा सिमरिया थाना क्षेत्र के डाड़ी पहुंचा, जहां उसने सड़क किनारे खड़ी एक पिकअप को टक्कर मार दी। टक्कर में पिकअप के पास मौजूद किरण देवी गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्हें बेहतर इलाज के लिए रांची रिम्स में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद डाड़ी में भी ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया। हफुआ में ग्रामीण मृतक के परिजनों को 50 लाख रुपए मुआवजा देने, संबंधित कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने और नो-एंट्री में हाइवा के परिचालन पर स्थायी रोक लगाने की मांग कर रहे हैं। वहीं, डाड़ी में ग्रामीण घायल महिला के लिए 5 लाख रुपए मुआवजा और समुचित इलाज की मांग पर अड़े हैं। दोनों स्थानों पर पुलिस-प्रशासन के अधिकारी कैंप कर रहे हैं। सदर थाना प्रभारी अनिल उरांव और सिमरिया सीओ गौरव कुमार राज परिजनों व ग्रामीणों से वार्ता कर रहे हैं। टंडवा में भी हाइवा की चपेट में आया व्यक्ति इधर, टंडवा में भी पीएनएम कंपनी के हाइवा की चपेट में आने से वासुदेव महतो गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। लगातार हो रहे हादसों को लेकर पूरे जिले में आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि कोयला परिवहन के लिए भारी वाहनों के परिचालन से सड़क हादसे बढ़ रहे हैं। जेएलकेएम नेता मो. गुलाम ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार को कोयले की सुरक्षा के लिए सीआईएसएफ तैनात करने की चिंता है, लेकिन बाईपास नहीं होने के कारण चतरा की सड़कों पर आम लोगों की जान जा रही है। उन्होंने हादसों के लिए जिम्मेदार कंपनियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। ग्रामीण भी कोयला परिवहन करने वाली कंपनियों के वाहनों के परिचालन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।

