आंध्र प्रदेश सरकार ने चक्रवात ‘अर्नब’ के कारण भारी बारिश और तेज हवा चलने की आशंका के बीच सोमवार को राहत कार्यों के लिए 20 जिलों को 27 करोड़ रुपये जारी किए। तूफान के 28 अक्टूबर को तट से टकराने की आशंका के मद्देनजर संवेदनशील क्षेत्रों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 15 टीम तैनात की गई हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया कि अगले 12 घंटे में चक्रवात के और तीव्र होकर अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान में बदलने की आशंका है और इसके 27 अक्टूबर की शाम के बाद उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने का अनुमान है।
चक्रवात के 28 अक्टूबर की सुबह बापटला और विशाखापत्तनम के बीच, यानम के निकट आंध्र प्रदेश और यानम के तटों को पार करने की संभावना है। इस दौरान हवा की अधिकतम निरंतर गति 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे रहने और झोंकों की गति 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एपीएसडीएमए) की ओर से जारी बयान के अनुसार, राहत और बचाव कार्यों के लिए बापटला, कृष्णा, कोनसीमा, पूर्वी गोदावरी, पश्चिमी गोदावरी, काकीनाडा और अनकापल्ली जिलों को दो-दो करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।
इस बीच, सरकार की ओर से जारी एक बयान में बताया गया कि चक्रवात से प्रभावित क्षेत्रों में एहतियात के तौर पर शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने का आदेश दिया गया है। बयान के अनुसार, समुद्र तटों पर लोगों के जाने पर रोक लगा दी गई है और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मंगलवार दोपहर से तटीय सड़कों पर आवाजाही भी रोक दी जाएगी। पेयजल की कमी से निपटने के लिए जरूरत के मुताबिक तैनाती हेतु 2,613 आपातकालीन पानी के टैंकर तैयार रखे गए हैं।
आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एपीएसडीएमए) ने बयान में बताया कि आपदा प्रबंधन विभाग के विशेष मुख्य सचिव जी. साई प्रसाद ने श्रीकाकुलम, मार्कापुरम, गुंटूर, एनटीआर, एलुरु, अल्लूरी, पोलावरम, मन्यम, विशाखापत्तनम, विजयनगरम, श्री सत्य साई, नेल्लोर और तिरुपति जिलों के लिए एक-एक करोड़ रुपये मंजूर करने के आदेश जारी किए हैं। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 15 टीम काकीनाडा, अमलापुरम के नादिपुडी, कोनसीमा, पूर्वी गोदावरी के राजमहेंद्रवरम, एलुरु, पश्चिमी गोदावरी के नरसापुरम, कृष्णा जिले के मछलीपट्टनम और अनकापल्ली जिले के नक्कापल्ली में तैनात की गई हैं। इससे पहले मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को चक्रवात अर्नब की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने, पहले से ही एहतियाती उपाय करने और जान-माल का कोई नुकसान न होने को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ चक्रवात की तैयारियों की समीक्षा की और उन्हें निर्देश दिया कि वे मौसम प्रणाली के संभावित प्रभाव के अनुसार लोगों को सतर्क करें तथा नुकसान को कम करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएं। नायडू ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, ‘‘अधिकारियों को चक्रवात ‘अर्नब’ की गतिविधियों पर लगातार नजर रखनी चाहिए, समय रहते एहतियाती कदम उठाने चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जान-माल का कोई नुकसान न हो।’’
मुख्यमंत्री ने चक्रवात के कारण होने वाली बारिश की तीव्रता, हवा की गति और संभावित बाढ़ का आकलन करने तथा बदलती परिस्थितियों के आधार पर उपयुक्त कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को पिछले चक्रवातों से जुड़ी जानकारी का विश्लेषण करने तथा किसानों और अन्य लोगों को समय रहते चेतावनी जारी करने का निर्देश दिया, ताकि वे आवश्यक एहतियाती कदम उठा सकें।

