उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार का 2030-31 तक प्रदेश में 500 नए ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) स्थापित करने और चार करोड़ वर्ग फुट विश्वस्तरीय ग्रेड-ए कार्यालय क्षेत्र के विकास में सहयोग करने का लक्ष्य है। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री यहां जीसीसी इनोवेशन समिट-2026 को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जीसीसी के विकास से प्रदेश में प्रौद्योगिकी, कृत्रिम मेधा (एआई), मशीन लर्निंग, उत्पाद इंजीनियरिंग, वित्त और विश्लेषण जैसे क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पांच निवेशकों को ‘लेटर ऑफ कम्फर्ट’ प्रदान किए। विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों और प्रदेश सरकार के अधिकारियों ने 15 समझौता ज्ञापनों (एमओयू) का आदान-प्रदान किया। इसके अलावा, 13 प्रमुख विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों के साथ भी समझौते किए गए।
योगी ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), कानपुर और एचसीएल टेक द्वारा तैयार श्वेत पत्र का विमोचन किया तथा प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में डिजिटल इंडिया, स्किल इंडिया, मेक इन इंडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन जैसे कार्यक्रमों से भारत की वैश्विक आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश भी तकनीकी, औद्योगिक और सेवा क्षेत्रों के विकास के लिए आवश्यक आधार तैयार कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की जीसीसी नीति-2024 के तहत कंपनियों को भूमि, परिचालन व्यय, वेतन और राज्य वस्तु एवं सेवा कर (एसजीएसटी) की प्रतिपूर्ति जैसे प्रोत्साहन दिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि नोएडा और लखनऊ में डीपटेक हब विकसित करने तथा स्टार्टअप और कृत्रिम मेधा के माध्यम से नवाचार को बढ़ावा देने पर भी काम हो रहा है। योगी ने कहा कि प्रदेश में प्रतिवर्ष विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (स्टेम) के लगभग दो लाख छात्र स्नातक की उपाधि प्राप्त कर रहे हैं।

